26/08/2024
केन्द्रीय हिंदी विभाग, त्रिभुवन विश्वविद्यालय की विभागाध्यक्ष डा संजीता वर्मा विश्व हिंदी सचिवालय द्वारा आयोजित विश्व रंग - २०२४ मारीशस में सम्मलित कार्यक्रम की कुछ झलकियां ।
Official page of Central Department of Hindi, Tribhuvan University, Kirtipur, Kathmandu, Nepal
26/08/2024
केन्द्रीय हिंदी विभाग, त्रिभुवन विश्वविद्यालय की विभागाध्यक्ष डा संजीता वर्मा विश्व हिंदी सचिवालय द्वारा आयोजित विश्व रंग - २०२४ मारीशस में सम्मलित कार्यक्रम की कुछ झलकियां ।
19/06/2024
डा. विमलेश कान्ति वर्मा तथा डा सञ्जीता वर्माद्वारा सम्पादित नेपाल में हिंदी : स्थिति और संभावनाएं (सन् २०२४) कृतिको नेपाल र भारतका उच्चपदस्थ व्यक्तित्वहरू तथा लब्धप्रतिष्ठित लेखकहरूको समुपस्थितिमा भर्खरै काठमाडौँमा सार्वजनिक गरिएको छ । हिन्दी बुक सेन्टर दिल्लीबाट प्रकाशित यस कृतिमा पन्ध्रजना विद्वान्÷विदुषीहरूका खोजमूलक वा अनुसन्धानमूलक बिसओटा लेखहरूमा मूलतः नेपालमा हिन्दी भाषा साहित्यका साथै तराई क्षेत्रमा बोलिने मैथिली, भोजपुरी, अवधीलगायतका भाषा साहित्यको पनि विशद चर्चा गरिएको छ ।
नेपाल मेंं हिंदी : स्थिति और संभावनाएं कृतिमाथि सङ्क्षिप्त टिप्पणी - सुनाखरी न्युज डा. फणीन्द्रराज निरौला, त्रिवि, पद्मकन्या ब. क्याम्पपस, काठमाडौँ । १.विषय परिचय: डा. विमलेश कान्ति वर्मा तथा डा सञ्ज.....
18/06/2024
६ एवं ७ जून २०२४ को शिक्षा शास्त्र केन्द्रीय विभाग , त्रिभुवन विश्वविद्यालय स्थित अडिटोरियम हॉल में हिंदी केन्द्रीय विभाग ,त्रिभुवन विश्वविद्यालय एवं श्री हरिशंकर जी पी. जी . कालेज रामपुर , जहानागंज, आजमगढ़, उत्तर प्रदेश, सम्बद्ध महाराजा सुहेल देव राज्य विश्वविद्यालय, आजमगढ़, उत्तर प्रदेश तथा कालिन्दी प्रकाशन ,आजमगढ़, उत्तर प्रदेश के तत्वावधान में वैश्विक परिप्रेक्ष्य में ज्ञान परम्परा ( नेपाल – भारत के संस्कृति के सन्दर्भ में ) विषय पर दो दिवसीय अंतरराष्ट्रीय संगोष्ठी का आयोजन किया गया ।
संगोष्ठी के तकनीकी सत्र में वैश्विक परिप्रेक्ष्य में ज्ञान परम्परा से सम्बन्धित विषयों पर भारत के कईं प्राध्यापकों एवं शोधार्थियों ने अपने आलेख प्रस्तुत किए । इस अवसर पर भारतीय विद्वानों को प्रशस्ति पत्र एवं स्मृति चिह्न प्रदान कर सम्मानित किया गया । साथ ही विशिष्ट अतिथियों एवं लब्धप्रतिष्ठित विद्वानों को भगवान श्रीराम के प्रतिरूप भेंट कर सम्मानित किया ।
05/06/2024
भारत के लब्ध प्रतिष्ठ भाषावैज्ञानिक डॉ. विमलेश कान्ति वर्मा और त्रिभुवन विश्वविद्यालय के केन्द्रीय हिंदी विभाग की अध्यक्ष डॉ. संजीता वर्मा के संयुक्त सम्पादन में सद्यः प्रकाशित पुस्तक "नेपाल में हिंदी -स्थिति और संभावनाएं" का लोकार्पणशुक्रवार दिनाक ३१ मई २०२४ को त्रिभुवन विश्वविद्यालय के कीर्तिपुर परिसर में अपराह्न २.३० बजे हुआ |
18/05/2023
साहित्यिक गतिविधि
श्री प्राणनाथ मिशन - शोध संस्थान ,दिल्ली एवं हिंदी केन्द्रीय विभाग ,त्रिभुवन विश्वविद्यालय के संयुक्त तत्वावधान एवं मंगल विकास गुठी ,काठमाण्डू के संस्थागत सहयोग से आयोजित `` महामति प्राणनाथ प्रणित तारतम वाणी और भक्ति आंदोलन का वैश्विक सन्दर्भ `` अंतरराष्ट्रीय विद्वत संगोष्ठी एवं साहित्य समर्पण समारोह सम्पन्न
कार्यक्रम की अध्यक्षता -- डा. संजीता वर्मा , विभागाध्यक्ष , हिंदी केन्द्रीय विभाग , त्रिभुवन विश्वविद्यालय , काठमाण्डू
मुख्य अतिथि -- प्रो. डा . शिव लाल भूसाल , रेक्टर , त्रिभुवन विश्वविद्यालय, काठमाण्डू
विशेष अतिथि -- प्रो. डा . कुशुम शाक्य . डीन , त्रिभुवन विश्वविद्यालय , काठमाण्डू
विशेष अतिथि -- प्रो. डा. कुल प्रसाद कोईराला , पूर्व उपकुलपति , नेपाल संस्कृत विश्वविद्यालय , काठमाण्डू
विशेष अतिथि -- प्रो. डा . पी .सी. टन्डन , दिल्ली विश्वविद्यालय, भारत
विशेष अतिथि -- आशावरी वापटी , निदेशक ,स्वामी विवेकानन्द सांस्कृतिक केन्द्र , भारतीय राजदूतावास , काठमाण्डू
विशेष अतिथि -- प्रो. डा. मृगेन्द्र बहादुर कार्की , निदेशक , सिनास , त्रिभुवन विश्वविद्यालय , काठमाण्डू
दिनांक -- १५ मार्च २०२३
स्थान -- सिनास , त्रिभुवन विश्वविद्यालय , काठमाण्डू
अधिक जानकारी के लिई हमारी आधिकारिक वेबसाइट देखें।
http://cdoh-tu.com/category/news/
18/05/2023
नेपाल की राजनीति में हिंदी भाषा का अंतरसंबन्ध विषयक परिचर्चा
प्रस्तुति - डिल्लीराम शर्मा
कार्यक्रम संयोजक – विनोदकुमार विश्वकर्मा
कार्यक्रम की अध्यक्षता – डा. संजीता वर्मा
काठमाण्डू ,१२ मई ,२०२३
हिंदी केंद्रीय विभाग, त्रिभुवन विश्वविद्यालय द्वारा १२ मई को कीर्तिपुर के सिनास हॉल में ‘नेपाल की राजनीति में हिंदी का अंतरसंबंध’ विषय में परिचर्चा का कार्यक्रम विभागाध्यक्ष डा. संजीता वर्मा की अध्यक्षता में संपन्न हुआ । कार्यक्रम में हिंदी केंद्रीय विभागाध्यक्ष डॉ. संजीता वर्मा ने ‘नेपाल की राजनीति में हिंदी का अंतरसंबंध : एक विहंगम दृष्टि’ शीर्षक पर कार्य पत्र प्रस्तुत किया ।
प्रस्तुत कार्य पत्र में डॉ. वर्मा ने हिंदी की विगत की स्थिति और वर्तमान स्थिति के बारे में सबको अवगत कराया । उनका भाव कुछ इस प्रकार था - हिंदी का कल सुखद था नेपाल के राजाओं ने भी हिंदी भाषा को महत्व दिया था और हिंदी भाषा में रचनाएं की थीं । उसके बाद आधुनिक काल के नेपाली कवियों ने भी हिंदी को सम्मान दिया था । इस तरह अभिलेख, प्रशासन, व्यापार, संचार, मनोरंजन, शिक्षा आदि में हिंदी की स्थिति सम्मानजनक थी । यहां तक कि आज से करीब 75-80 साल पहले तक नेपाल में प्राथमिक से लेकर उच्च शिक्षा तक हिंदी माध्यम से शिक्षा दी जाती थी ।
हिंदी को लेकर कोई विवाद व समस्या नहीं थी । परंतु सन 1951 के राजनीतिक परिवर्तन के बाद सन 1954 में राष्ट्रीय शिक्षा योजना आयोग की स्थापना हुई तब से हिंदी की स्थिति दयनीय बनती गई । हिंदी के साथ सौतेला व्यवहार किया जाने लगा और विगत में कभी सम्मानजनक स्थिति की हिंदी आज हाशिए पर आती गई । सन 1960 से उग्र राष्ट्रवादी एकतंत्री पंचायती शासन प्रणाली ने हिंदी के साथ अन्याय करना आरंभ किया ।
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11/01/2023
स्नातकोत्तर तथा अधिस्नातक तह में नए विद्यार्थी प्रवेश सम्बन्धी सूचना, २०२३
11/01/2023
नेपालका लागि भारतीय राजदूतावास र त्रिभुवन विश्वविद्यालयको केन्द्रीय हिंदी विभागले संयुक्त रूपमा विश्व हिंदी दिवस मनाएका छन् ।
काठमाडौंमा आयोजित कार्यक्रममा भारतीय राजदूतावासका मिशन उप–प्रमुख प्रसन्न श्रीवास्तव र डा.संजीता वर्माको उपस्थिति रहेको थियो ।
त्रिभुवन विश्वविद्यालयका प्रतिनिधिहरूको पनि कार्यक्रममा उपस्थिति रहेको थियो ।
काठमाडौंमा हिंदी दिवस भव्य रुपमा मनाइयो काठमाडौं । नेपालका लागि भारतीय राजदूतावास र त्रिभुवन विश्वविद्यालयको केन्द्रीय हिंदी विभागले संयुक्त रूपमा वि....
10/01/2023
भारतीय राजदूतावास, काठमांडू और त्रिभुवन विश्वविद्यालय के केन्द्रीय हिंदी विभाग द्वारा संयुक्त रूप से दिनांक 10.01.2023 को दूतावास में विश्व हिंदी दिवस का आयोजन किया गया। भारतीय दूतावास के मिशन उप प्रमुख श्री प्रसन्न श्रीवास्तव और डॉ संजीता वर्मा, अध्यक्ष, हिंदी विभाग, त्रिभुवन विश्वविद्यालय ने दूतावास और विश्वविद्यालय का प्रतिनिधित्व कियाI विश्व हिंदी दिवस के अवसर पर त्रिभुवन विश्वविद्यालय के हिंदी विभाग के एमए के छात्रों को भी सम्मानित किया गया।
10/01/2023
प्रेस विज्ञप्ति
भारतीय राजदूतावास, काठमांडू और त्रिभुवन विश्वविद्यालय के केन्द्रीय हिंदी विभाग द्वारा संयुक्त रूप से दिनांक 10.01.2023 को दूतावास में विश्व हिंदी दिवस का आयोजन किया गया। भारतीय दूतावास के मिशन उप प्रमुख श्री प्रसन्न श्रीवास्तव और डॉ संजीता वर्मा, अध्यक्ष, हिंदी विभाग, त्रिभुवन विश्वविद्यालय ने दूतावास और विश्वविद्यालय का प्रतिनिधित्व कियाI
2. श्री मंगल प्रसाद गुप्ता, सांसद एवं अध्यक्ष, हिंदी मंच नेपाल कार्यक्रम के मुख्य अतिथि रहेI उन्होंने कहा कि हिंदी ने नेपाल और भारत के सांस्कृतिक संबंधों को प्रगाढ़ बनाने में अहम् भूमिका निभाई हैI उन्होंने हिंदी वैश्विक स्तर पर हिंदी के महत्व और अंतर्राष्ट्रीय क्षेत्र में इसकी प्रासंगिकता को भी रेखांकित किया।
3. कार्यक्रम में भारत के प्रतिष्ठित भाषाविद डॉ. विमलेश कांति वर्मा, नेपाल के वरिष्ठ हिन्दी साहित्यकार एवं विद्वान श्री गंगा प्रसाद अकेला एवं डॉ. राम दयाल राकेश विशिष्ट अतिथि थे। डॉ. विमलेश कांति वर्मा ने अपने संबोधन में हिंदी अनुसंधान पर अपने सुदीर्घ अनुभव, विशेष रूप से इसके इतिहास, अन्य अंतरराष्ट्रीय भाषाओं के साथ इसके संबंध और समकालीन समय में इसके विकास के बारे में अपने विचार साझा किए।
4. मिशन उप प्रमुख श्री प्रसन्न श्रीवास्तव ने भारत के माननीय प्रधान मंत्री श्री नरेंद्र मोदी द्वारा इस अवसर पर दिए गए संदेश को पढ़ा। उन्होंने टिप्पणी की कि विश्व हिंदी दिवस हमें अपनी भाषाई विरासत और पहचान की याद दिलाता है। उन्होंने नेपाल के सभी हिंदी प्रेमियों, विद्वानों एवं साहित्यकारों के प्रति आभार व्यक्त किया जिन्होंने हिंदी के माध्यम से नेपाल-भारत मैत्री को और मज़बूत करने में अपना योगदान दिया हैI
5. कार्यक्रम के अंतर्गत काठमांडू के विभिन्न स्कूलों के छात्रों केलिए हिंदी कविता पाठ का आयोजन किया गया जिसमें छात्रों ने 'आज़ादी का अमृत महोत्सव' विषय पर प्रभावशाली कविता पाठ किया। इस अवसर पर त्रिभुवन विश्वविद्यालय के हिंदी विभाग के एमए के छात्रों को भी सम्मानित किया गया।
6. स्वामी विवेकानंद सांस्कृतिक केंद्र, काठमांडू के संगीत के छात्रों ने सामूहिक प्रस्तुति दी। स्वामी विवेकानंद सांस्कृतिक केंद्र की निदेशक डॉ असावरी बापट ने देवनागरी लिपि और इसकी विशेषताओं पर व्याख्यान दियाI त्रिभुवन विश्वविद्यालय की हिन्दी प्राध्यापक डॉ. श्वेता दीप्ति एवं मंचला झा ने अपने संबोधन में नेपाल-भारत के संबंधों में हिन्दी के महत्व पर प्रकाश डाला।
7. कार्यक्रम के दूसरे सत्र में नेपाल-भारत कवि सम्मलेन का भी आयोजन किया गया जिसमें प्रतिष्ठित कवियों ने हिंदी, उर्दू और नेपाली भाषाओं में कविता पाठ कर श्रोताओं को मंत्रमुग्ध किया।
8. 10 जनवरी 1975 को नागपुर, भारत में प्रथम विश्व हिंदी सम्मेलन के आयोजन के बाद से प्रत्येक वर्ष 10 जनवरी को भारत और विश्व के अनेक देशों में विश्व हिंदी दिवस मनाया जाता है।
काठमांडू
10 जनवरी 2023
30/11/2022
हिन्दी केंद्रीय विभाग के पूर्व अध्यक्ष प्रा. डा. सूर्यनाथ गोप जी का १८ नवंबर, २०२२ को दिल्ली में उपचार के क्रम में निधन होने से हिन्दी विभाग मर्माहत है। हिन्दी केंद्रीय विभाग श्रद्धांजलि एवं शोकाकुल परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त करता है।
16/03/2022
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