04/07/2025
अरे भई! आप लोग #अँग्रेज़ी में बतियाते हो तब तो Pure English में बात करते हो... उसमें कम पड़ जाए तो फ्रेंच, लातिन, स्पेनिश के शब्दों का प्रयोग करते हो... क्योंकि ये उनकी पड़ोसी, निकट की भाषाएँ हैं! 😅
लेकिन जब #हिंदी में बात करते हो तब तो इतनी सावधानी नहीं रखते आप, तपाक से अँग्रेज़ी के शब्द घुसेड़ देते हो उसमें! 😐
अरे आपके पास कितनी सारी भाषाओं के शब्द हैं... आपको पता भी है?
● केवल हिंदी की ही कितनी सारी बोलियाँ हैं ~ खड़ी बोली, ब्रजभाषा, हरियाणवी, कन्नौजी, अंगिका, बज्जिका, भोजपुरी, मगही, मैथिली, अवधी, बुंदेली, बघेली, छत्तीसगढ़ी..
● फिर पहाड़ी हिंदी में ~ गढ़वाली, कुमाऊँनी
● राजस्थान चले जाओ तो ~ मारवाड़ी, जयपुरी, मेवाती, मालवी
ई का है भईया? आपको भी पता नहीं है कि इतनी सारी पड़ोसी निकट भाषाएँ हैं आपके-हमारे पास!
इतने धनवान हो भाषा के नाम पर पता ही नहीं है, लगे हैं उन धनहीनों के पीछे दौड़ने में...! 😎
हिंदी की पाठशाला 💐
- DrLatika Chawda (डॉ.लतिका चावड़ा) 💞