20/08/2023
ब्रुहिदेश्वर मन्दिर ( तमिलनाडु)
ब्रुहिदेश्वर मंदिर, जिसे तिरुवाण्नामलाई मंदिर भी कहते हैं, भारतीय राज्य तमिलनाडु के तिरुवाण्नामलाई शहर में स्थित है। यह मंदिर भगवान शिव को समर्पित है और उनके ब्रहदेश्वर (ब्रह्मांडकाय) रूप का प्रतीक है। इस मंदिर की निर्माणकला, संरचना और इतिहास में कई महत्वपूर्ण पहलु हैं:
विशेषता: यह मंदिर अपने बृहद गोपुरम् (विशेष द्वारपालक गोपुरम्) के लिए प्रसिद्ध है, जो 216 फीट की ऊँचाई तक पहुँचता है और दक्षिण भारत के सबसे ऊँचे मंदिर गोपुरम् में से एक है।
आर्किटेक्चर:मंदिर का आर्किटेक्चर दक्षिण भारतीय ड्राविडियन शैली में है और मुख्य गोपुरम् के साथ मंदिर के विभिन्न भागों में अनेक गोपुरम्स (द्वारपालक गोपुरम्) हैं।
इतिहास: मंदिर का निर्माण ब्रिक्क्ष्विदि राजा राजराज चोलन द्वारा 1010 ईसा पूर्व में किया गया था। इसके निर्माण में लगभग 6 दशकों की अवधि लगी थी।
उद्देश्य: मंदिर के प्रमुख उद्देश्य में शिव की पूजा-अर्चना, ध्यान और शिव-भक्ति शामिल है।
यह मंदिर एक विशाल लिंग के रूप में शिव को समर्पित है, जो उनका अमूर्त अनिकोनिक प्रतिनिधित्व है। यह 8.7 मीटर (29 फीट) ऊंचा है, जो गर्भगृह की दो मंजिलों पर स्थित है। यह भारत की सबसे बड़ी अखंड लिंग मूर्तियों में से एक है।
प्रमुख परिपर्णियाँ: ब्रहदेश्वर मंदिर की परिपर्णियों में कोयिल कोण्डान, ब्रहदेश्वर का गिरीप्रदक्षिणम्, नन्तियुत्तणम् आदि शामिल हैं।
यह मंदिर भारतीय संस्कृति और सांस्कृतिक धरोहर का महत्वपूर्ण हिस्सा है और यहाँ के धार्मिक और वास्तुशास्त्रीय महत्व की वजह से यह यूनेस्को द्वारा विश्व धरोहर स्थल के रूप में मान्यता प्राप्त है।