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28/02/2016
Happy Republic Day !!!
26/01/2016

Happy Republic Day !!!

एक आदमी ने भगवान बुद्ध से पुछा : जीवन का मूल्य क्या है?बुद्ध ने उसे एक Stone दिया और कहा : जा और इस stone का मूल्य पता क...
23/01/2016

एक आदमी ने भगवान बुद्ध से पुछा : जीवन का मूल्य क्या है?

बुद्ध ने उसे एक Stone दिया और कहा : जा और इस stone का
मूल्य पता करके आ , लेकिन ध्यान रखना stone को बेचना नही है I

वह आदमी stone को बाजार मे एक संतरे वाले के पास लेकर गया और बोला : इसकी कीमत क्या है?

संतरे वाला चमकीले stone को देखकर बोला, "12 संतरे लेजा और इसे मुझे दे जा"

आगे एक सब्जी वाले ने उस चमकीले stone को देखा और कहा
"एक बोरी आलू ले जा और इस stone को मेरे पास छोड़ जा"

आगे एक सोना बेचने वाले के
पास गया उसे stone दिखाया सुनार उस चमकीले stone को देखकर बोला, "50 लाख मे बेच दे" l

उसने मना कर दिया तो सुनार बोला "2 करोड़ मे दे दे या बता इसकी कीमत जो माँगेगा वह दूँगा तुझे..

उस आदमी ने सुनार से कहा मेरे गुरू ने इसे बेचने से मना किया है l

आगे हीरे बेचने वाले एक जौहरी के पास गया उसे stone दिखाया l

जौहरी ने जब उस बेसकीमती रुबी को देखा , तो पहले उसने रुबी के पास एक लाल कपडा बिछाया फिर उस बेसकीमती रुबी की परिक्रमा लगाई माथा टेका l

फिर जौहरी बोला , "कहा से लाया है ये बेसकीमती रुबी? सारी कायनात , सारी दुनिया को बेचकर भी इसकी कीमत नही लगाई जा सकती ये तो बेसकीमती है l"

वह आदमी हैरान परेशान होकर सीधे बुद्ध के पास आया l

अपनी आप बिती बताई और बोला "अब बताओ भगवान , मानवीय जीवन का मूल्य क्या है?

बुद्ध बोले :

संतरे वाले को दिखाया उसने इसकी कीमत "12 संतरे" की बताई l

सब्जी वाले के पास गया उसने इसकी कीमत "1 बोरी आलू" बताई l

आगे सुनार ने "2 करोड़" बताई lऔर जौहरी ने इसे "बेसकीमती" बताया l

अब ऐसा ही मानवीय मूल्य का भी है l

तू बेशक हीरा है..!!लेकिन, सामने वाला तेरी कीमत,
अपनी औकात - अपनी जानकारी - अपनी हैसियत से लगाएगा।

घबराओ मत दुनिया में.. तुझे पहचानने वाले भी मिल जायेगे।

Respect Yourself,
You are very Unique..

A Short Story ...रात के समय एक दुकानदार अपनी दुकान बन्द ही कर रहा था कि एक कुत्ता दुकान में आया ..उसके मुॅंह में एक थैली...
16/12/2015

A Short Story ...

रात के समय एक दुकानदार अपनी दुकान बन्द ही कर रहा था कि एक कुत्ता दुकान में आया ..
उसके मुॅंह में एक थैली थी, जिसमें सामान की लिस्ट और पैसे थे ...
दुकानदार ने पैसे लेकर सामान उस थैली में भर दिया ...
कुत्ते ने थैली मुॅंह मे उठा ली और चला गया ...
दुकानदार आश्चर्यचकित होके कुत्ते के पीछे पीछे गया ये देखने की इतने समझदार कुत्ते का मालिक कौन है ....
कुत्ता बस स्टाॅप पर खडा रहा, थोडी देर बाद एक बस आई जिसमें
चढ गया ..
कंडक्टर के पास आते ही अपनी गर्दन आगे कर दी, उस के गले के बेल्ट में पैसे और उसका पता भी था ..
कंडक्टर ने पैसे लेकर टिकट कुत्ते के गले के बेल्ट मे रख दिया ..
अपना स्टाॅप आते ही कुत्ता आगे के दरवाजे पे चला गया और पूॅंछ हिलाकर कंडक्टर को इशारा कर दिया
और बस के रुकते ही उतरकर चल दिया ...
दुकानदार भी पीछे पीछे चल रहा था ...
कुत्ते ने घर का दरवाजा अपने पैरोंसे २-३ बार खटखटाया ...
अन्दर से उसका मालिक आया और लाठी से उसकी पिटाई कर दी ..
दुकानदार ने मालिक से इसका कारण पूछा .. ??
मालिक बोला .. "साले ने मेरी नींद खराब कर दी, चाबी साथ लेके नहीं जा सकता था गधा"
जीवन की भी यही सच्चाई है ..
आपसे लोगों की अपे क्षाओं का कोई अन्त नहीं है ..
जहाँ आप चूके वहीं पर बुराई निकाल लेते हैं और पिछली सारी अच्छाईयों को भूल जाते हैं ..

02/07/2015
Wooww... amazing !! Truly Inspirational for all of us....इस भारतीय की महीने की सैलरी 1 अरब 21 करोड़ रुपये!टोक्यो (21 जून...
21/06/2015

Wooww... amazing !! Truly Inspirational for all of us....

इस भारतीय की महीने की सैलरी 1 अरब 21 करोड़ रुपये!

टोक्यो (21 जून): भारत में जन्मे और आईआईटी बीएचयू से ग्रैजुएट निकेश अरोड़ा को जापानी टेलिकम्युनिकेशन कंपनी सॉफ्टबैंक कॉर्प ने अपना प्रेजिडेंट नियुक्त किया है। हैरत की बात यह है कि कंपनी ने उन्हें सितंबर 2014 से मार्च 2015 के लिए 850.5 करोड़ रुपये दिया है। इस हिसाब से निकेश अरोड़ा की महीने की सैलरी 1 अरब 21 करोड़ 50 लाख रुपये है। पहले गूगल में रह चुके 47 वर्षीय निकेश सॉफ्टबैंक कॉर्प में वाइस-प्रेजिडेंट थे, जिन्हें शुक्रवार को हुई शेयरहोल्डर्स की जेनरल मीटिंग में कंपनी का प्रेजिडेंट और चीफ ऑपरेशन ऑफिसर नियुक्त कर दिया गया।

पिछले महीने जब वह कंपनी के इन्वेस्टमेंट हेड के तौर पर कार्यरत थे, तब कंपनी ने विदेशों में अपने विस्तार को लेकर मैनेजमेंट लेवल पर फेरबदल किया। तब से निकेश का नाम कंपनी के चेयरमैन और सीईओ मासायोशी सन के संभावित उत्तराधिकारी के रूप में चल रहा था। निकेश ने पिछले साल सितंबर महीने में सॉफ्टबैंक कॉर्प जॉइन किया है।

निकेश ने साल 2004 में बतौर टेलिकॉम इंडस्ट्री एनालिस्ट गूगल जॉइन किया था। जापानी कंपनी में नियुक्ती के वक्त वह गूगल इंक में चीफ बिजनस ऑफिसर थे। कंपनी के चेयरमैन मासायोशी सन द्वारा 'राइजिंग स्टार' के रूप में चयनित किए जाने के बाद निकेश को मार्च 2015 तक के लिए 16.556 बिलियन येन (लगभग 135 मिलियन डॉलर यानी करीब 850.5 करोड़ रुपये) दिए गए।

शनिवार को स्थानीय अखबार असाई शिंबुन में कंपनी समूह की नवीनतम वित्तीय रिपोर्ट के हवाले से छपी खबर के मुताबिक इस पूरी राशि में 14.6 बिलियन येन सॉफ्टबैंक की सहायक कंपनी में एग्जिक्युटिव के रूप में निकेश के कामकाज के लिए बतौर एंटरिंग बोनस और कॉम्पेंसेशन दे दिया गया। दुनिया के अन्य देशों की रवायत से अलग जापान में गिनेचुने अधिकारी ही हैं, जिनकी सैलरी अरबों येन में है। किसी जापानी कंपनी में एक अधिकारी को 16 अरब येन सालाना तो शायद ही दिया गया हो।

सॉफ्टबैंक में अपनी नियुक्ति के एक साल से भी कम समय में निकेश ने कंपनी के लिए 200 बिलियन येन (1.67 बिलियन डॉलर) की डील करवा दी है। इसमें इंडियन ऑनलाइन मार्केटप्लेस स्नैपडील और टैक्सी बुकिंग सर्विस ओला कैब्स में निवेश भी शामिल है। निकेश अरोड़ा ने आईआईटी बीएचयू से ग्रैजुशन करने के बाद बॉस्टन कॉलेज से फाइनैंस में मास्टर डिग्री और नॉर्थ ईस्टर्न यूनिवर्सिटी से एमबीए डिग्री ली है।

In 1987, a 74-year old rickshaw puller by the name of Bai Fangli came back to his hometown planning to retire from his b...
20/06/2015

In 1987, a 74-year old rickshaw puller by the name of Bai Fangli came back to his hometown planning to retire from his backbreaking job. There, he saw children working in the fields, because they were too poor to afford school fees.

Bai returned to Tianjin and went back to work as a rickshaw puller, taking a modest accommodation next to the railway station. He waited for clients 24 hours a day, ate simple food and wore discarded second-hand clothes he found. He gave all of his hard-earned earnings to support children who could not afford education.

In 2001, he drove his rickshaw to Tianjin YaoHua Middle School, to deliver his last installment of money. Nearly 90 years old, he told the students that he couldn't work any more. All of the students and teachers were moved to tears.

In total, Bai had donated a total of 350,000 yuan to help more than 300 poor students continue with their studies. In 2005, Bai passed away leaving behind an inspiring legacy.

If a rickshaw-puller who wore used clothes and had no education can support 300 children to go to school, imagine what you and I can do with the resources we have to bring about positive change in our world!

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Admission Open for new batches of Spoken English Course at Maldahiya and Sankat Mochan Centre Varanasi.
29/01/2015

Admission Open for new batches of Spoken English Course at Maldahiya and Sankat Mochan Centre Varanasi.

Admission open for new batches@Maldahiya and Sankat Mochan, Lanka Varanasi.....
15/11/2014

Admission open for new batches@Maldahiya and Sankat Mochan, Lanka Varanasi.....

Address

Maldahiya
Varanasi
221001

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