09/10/2021
तृतीयं चंद्रघंटेति
a vedic Traditional School
09/10/2021
तृतीयं चंद्रघंटेति
08/10/2021
द्वितीयं ब्रह्मचारिणी
07/10/2021
प्रथमं शैलपुत्री च........
28/02/2021
आदरणीय प्रधानमंत्री जी ने आज अपने "मन की बात " नामक कार्यक्रम में काशी में हुए पिछले दिनों शास्त्रार्थ महाविद्यालय द्वारा आयोजित संस्कृत विद्यालयीय क्रिकेट प्रतियोगिता का किया जिक्र जिसमें अपनी पाठशाला ( श्री ब्रम्हा वेद विद्यालय ) के छात्रों द्वारा खेल प्रदर्शन व पूरे प्रतियोगिता के दौरान हुई संस्कृत में हुई कमेंट्री का भी किया विशेष जिक्र ।
#जयतु #संस्कृतं #जयतु #भारतं
https://twitter.com/PBNS_India/status/1365908595057905665?s=19
18/02/2021
संस्कृत विश्वविद्यालय के खेल मैदान में शास्त्रार्थ के पुरोधाओं ने लगाए चौके-छक्के, संस्कृत मे कंदुक प्रक्षेपक: कन्दुकं प्रक्षिपति तदा फलक ताडकत्वेन तीव्रगत्या प्रहरति, कन्दुकं आकाश मार्गेण गच्छन्,सीमा रेख.....
वेदोपकरणे चैव स्वाध्याये चैव नैत्यके।
नानुरोधोऽस्त्यनध्याये होममन्त्रेषु चैव हि।।
अर्थात् शिक्षा,कल्प,व्याकरण,निरुक्त,छन्द और ज्योतिष ये छः वेदाङ्ग हैं, इनके अध्ययन के विषय में तथा नित्य-कर्म में आने वाले गायत्री जप,सन्ध्योपासना आदि के सम्बन्ध में यज्ञ करने के सम्बन्ध में अनध्याय अर्थात् अवकाश का नियम लागू नहीं होता है। अतः इन्हें नियमित रूप से प्रतिदिन करना चाहिए।
26/01/2021
अधो हरितवर्णाभां शोभनां श्वेतमध्यमाम्।
उरोजे चारुणां दिव्यां वन्दे भारतमातरम्।।
संस्कृतिं सभ्यतां वन्दे, भारतीयां परम्पराम् |
सुजलां सुफलां दिव्यां वन्दे भारतमातरम् ।।
शुभ्रां मन्दस्मितां धीरां भुक्तिमुक्तिप्रदायिनीम्।।
नानाभरणवस्त्राढ्यां वन्दे भारतमातरम्।।
#वन्दे_भारतमातरम्
गणतन्त्र दिवस की बहुश: मंगलकामनाएँ💐
25/01/2021
देश के सर्वोच्च नागरिक सम्मान पद्म पुरस्कार-2021 से सम्मानित सभी विशिष्ट हस्तियों ने अपने कार्यों से देश एवं मानवता का नाम ऊंचा किया है। आप सभी को सादर नमन, वंदन एवं शुभकामनाएं 🙏🙏🇮🇳
25/01/2021
पद्म पुरस्कार 2021 :-
संस्कृत व्याकरण शास्त्र की विद्वत् परम्परा के देदीप्यमान नक्षत्र , अभिनव पाणिनी, महामहोपाध्याय आचार्य प्रो.रामयत्न शुक्ल गुरु जी (अध्यक्ष श्री काशी विद्वत् परिषद )को पद्मश्री से विभूषित किया गया है।
आदरणीय शुक्ल गुरु जी को शिक्षा और साहित्य के क्षेत्र में पद्मश्री पुरस्कार से सम्मानित होने पर हार्दिक शुभकामनाएं एवं बधाई।
हम सभी के लिए यह गौरवपूर्ण क्षण
सर्वेभ्यः मकरसंक्रांत्याः शुभाशयाः
धर्म ही हमारे राष्ट्र की जीवन शक्ति है। यह शक्ति जब तक सुरक्षित है, तब तक विश्व की कोई भी शक्ति हमारे राष्ट्र को नष्ट नहीं कर सकती।
18/12/2020
पूर्व संस्मरण - विद्यालय में हुए अखिल भारतीय वैदिक सम्मेलन एवं शोध संगोष्ठी की ।
जिसमे समापन सत्र में मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे तत्कालीन श्री राज्यपाल पश्चिम बंगाल श्री केशरी नाथ त्रिपाठी जी ।
इसी प्रकार स्वामिश्री अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती जी महाराजश्री ने भी दिया अपना आशीर्वचन व इस दौरान उपस्थित रहे अन्य विद्वत वृन्द ।