SC/ST BHU Varanasi

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Photos 19/03/2017
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OBC KE LIYE GIFT

19/03/2017

बसपा या कोई और भी पार्टी अकेले दम पर NDA गठबन्धन का मुकाबला नहीं कर सकती है
गठबन्धन का मुकाबला गठबन्धन ही कर सकता है
इसलिये निष्पक्ष भाव से विचार करो और गठबन्धन बनवाने की बात करो क्योंकि
85% बहुजनों के सभी समाधानों के लिये
*अब सभी माननीयों जैसे BSP की माया SP के अखिलेश BMP के वामन API के विजयमानकर RJD के लालू JDU के नीतीश BSD के बरैया को देश में इंडियन मूलनिवासी गठबन्धन (IMA) बनाकर 15 पचासी की धार को तेज करना चाहिए*

*और इनको इस गठबन्धन से 15 % वालों को किसी भी चुनाव में एक भी टिकट नहीं देना चाहिये*
*तब 15 पचासी की धार तेज होगी और तब देश में 85% वालों का राज स्थापित होगा*
*तब देश फिर से सोने की चिड़िया बनने लगेगा*

11/11/2016

*बहुत शानदार *बात* लिखी

गाँव में *नीम* के पेड़ कम हो रहे है घरों में *कड़वाहट* बढती जा रही है !

जुबान में *मीठास* कम हो रही है , शरीर मे *शुगर* बढती जा रही है !

किसी महा पुरुष ने सच ही कहा था । की

जब किताबे सड़क किनारे रख कर बिकेगी और जूते काँच के शोरूम में

तब समझ जाना
के लोगों को ज्ञान की नहीं जूते की जरुरत है।

Photos from SC/ST BHU Varanasi's post 03/10/2015
03/10/2015

💫-हिन्दू चादर- 💫
💫Hindu Mask💫

💫ब्राह्मण को पता है कि जब तक उसने "हिन्दू" नाम की चादर ओढ़ी है, तब तक ही उसका वर्चस्व भारत पर है,
जिस दिन यह चादर खुल गयी, कुत्ते की मौत मारा जाएगा, इसीलिए ब्राह्मण दिन रात हिन्दू 💫- हिन्दू रटता रहता है,
क्योंकि ब्राह्मण यह जानता है कि हिंदू नाम का कोई धर्म नही है.
💫हिन्दू फ़ारसी का शब्द है. हिन्दू शब्द न तो वेद में है,
न पुराण में,
न उपनिषद में,
न आरण्यक में,
न रामायण में,
न ही महाभारत में.

💫स्वयं दयानन्द सरस्वती कबूल करते हैं कि यह मुगलों द्वारा दी गई गाली है.
1875 में ब्राह्मण दयानन्द सरस्वती ने आर्य समाज की स्थापना की हिन्दू समाज की नहीं.
अनपढ़ ब्राह्मण भी यह बात जानता है.
ब्राह्मणों ने स्वयं को हिन्दू कभी नहीं कहा.
आज भी वे स्वयं को ब्राह्मण कहते हैं लेकिन सभी शूद्रों को हिन्दू कहते हैं.

💫जब शिवाजी हिन्दू थे और मुगलों के विरोध में लड़ रहे थे तथा तथाकथित हिन्दू धर्म के रक्षक थे,
तब भी पूना के ब्राह्मणों ने उन्हें शूद्र कह राजतिलक से इंकार कर दिया.
घूस का लालच देकर ब्राह्मण गागाभट्ट को बनारस से बुलाया गया.
गगाभट्ट ने "गागाभट्टी" लिखा उसमें उन्हें विदेशी राजपूतों का वंशज बताया तो गया लेकिन राजतिलक के दौरान मंत्र "पुराणों" के ही पढ़े गए वेदों के नहीं.
तो शिवाजी को हिन्दू तब नहीं माना.
💫ब्राह्मणों ने मुगलों से कहा हम हिन्दू नहीं हैं, बल्कि तुम्हारी तरह ही विदेशी ब्राह्मण हैं.
💫परिणामतः सारे हिंदुओं पर जज़िया लगाया गया लेकिन ब्राह्मणों को मुक्त रखा गया.

💫1920 में ब्रिटेन में वयस्क मताधिकार की चर्चा शुरू हुई.
ब्रिटेन में भी दलील दी गई कि वयस्क मताधिकार सिर्फ जमींदारों व करदाताओं को दिया जाए.
लेकिन लोकतन्त्र की जीत हुई. वयस्क मताधिकार सभी को दिया गया.
देर सबेर ब्रिटिश भारत में भी यही होना था.

💫तिलक ने इसका विरोध किया. कहा - "तेली, तंबोली, माली,कूणबटों को संसद में जाकर क्या हल चलाना है?"

ब्राह्मणों ने सोचा भारत में वयस्क मताधिकार यदि लागू हुआ तो अल्पसंख्यक ब्राह्मण मक्खी की तरह फेंक दिये जाएंगे. अल्पसंख्यक ब्राह्मण कभी भी बहुसंख्यक नहीं बन सकेंगे. सत्ता बहुसंख्यकों के हाथों में चली जाएगी. तब सभी ब्राह्मणों ने मिलकर 1922 में "हिन्दू महासभा" का गठन किया.

💫जो ब्राह्मण स्वयं हो हिन्दू मानने कहने को तैयार नहीं थे, वयस्क मताधिकार से विवश हुये. परिणाम सामने है.

💫भारत के प्रत्येक सत्ता के केंद्र पर ब्राह्मणों का कब्जा है. सरकार में ब्राह्मण, विपक्ष में ब्राह्मण, कम्युनिस्ट में ब्राह्मण, 367 एमपी ब्राह्मणों के कब्जे में हैं.

💫सर्वोच्च न्यायलयों में ब्राह्मणों का कब्जा, ब्यूरोक्रेसी में ब्राह्मणों का कब्जा, मीडिया, पुलिस, मिलिटरी, शिक्षा, आर्थिक सभी जगह ब्राह्मणों का कब्जा है.

💫एक विदेशी गया तो दूसरा विदेशी सत्ता में आ गया. हम अंग्रेजों के पहले भी ब्राह्मणों के गुलाम थे, अंग्रेजों के जाने के बाद भी ब्राह्मणों के गुलाम हैं.

यही वह हिन्दू शब्द है, जो न तो वेद में है, न पुराण में, न उपनिषद में, न आरण्यक में, न रामायण में, न ही महाभारत में. फिर भी ब्राह्मण हमें हिन्दू कहते हैं.
💫💫

Photos from SC/ST BHU Varanasi's post 26/12/2014

Ye batane aur jatane ka samay nahi sochne aur soch ko badlne ka samay hai.

16/05/2014

अब भी समय है सुधरने और सुधारने का, की पार्टी और जनमत दोनों अपने को काबू में रखें | क्यों की अब आप का कोई सुनने वाला भी नहीं है | हम न तो लोकसभा और न ही विधानसभा में सरकार बनाने में कामयाब हुए बल्कि अपना वोट बैंक को भी दुसरे पार्टीयों की झोली में डालते चले जा रहे हैं | आगे आने वाले समयों में यह भयावह होगा |

16/05/2014

लोकसभा २०१४ के चुनाव में बहुजन समाज पार्टी की अप्रत्यासित परिणाम के कौन से कारण उतरदायी हैं ? ये अब सभी के समझ में
आ गया होगा |

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