Lokbandhu Rajnarayan Law College Varanasi
The College possess time to time approval of Bar Council of India for the LL.B 3 Year Course. The co
*लोकबंधु राजनारायण विधि महाविद्यालय मोतीकोट गंगापुर में मुटकोर्ट प्रतियोगिता का आयोजन*
https://youtu.be/X-RUPmIB8jo?si=HyuGzOzC_Y3NFVNq
19/04/2026
16/04/2026
आज महाविद्यालय में मूटकोर्ट प्रतियोगिता का आयोजन किया गया जिसका शुभारम्भ महाविद्यालय के प्रबन्धक श्री सुबास सिंह ने ज्ञान एवं विद्या की देवी मॉ सरस्वती एवं लोकबन्धु राजनारायण जी के प्रतिमा के सम्मुख दीप प्रज्वलित करके किया। उन्होंने अपने सम्बोधन में कहा कि मूट कोर्ट का उद्देश्य छात्रों को न्यायिक प्रक्रिया की व्यवहारिक जानकारी देना है। मूट कोर्ट में भाग लेने से छात्रों को केस लॉ, संविधान, अधिनियमों और न्यायालयीन निर्णयों पर गहन अनुसंधान करने का अभ्यास मिलता है। छात्रों की विश्लेषणात्मक सोच और तर्क प्रस्तुत करने की क्षमता को मजबूत करता है। छात्रों को सार्वजनिक रूप से बोलने और आत्मविश्वास से अपनी बात रखने का अवसर मिलता है। प्रतियोगिता में महाविद्यालय के ग्रुप B को प्रथम स्थान प्राप्त हुआ जिसमें हौशिला प्रसाद, मातादीन एवं मो0 आरिफ ने प्रतिभाग किया तथा ग्रुप D को द्वितीय स्थान प्राप्त हुआ जिसमें उद्देश्य श्रीवास्तव, सनी विश्वकर्मा और नीलेश कुमार ने प्रतिभाग किया। सर्वश्रेष्ठ मेमोरियल ग्रुप C सर्वश्रेष्ठ मूटर ग्रुप A की तनु गिरी एवं सर्वश्रेष्ठ रिसर्चर ग्रुप D के सनी विश्वकर्मा को चयनित किया गया।
चयनित प्रतिभागियों को महाविद्यालय के शिक्षकों द्वारा पुरस्कार एवं प्रमाण-पत्र प्रदान किया गया।
संचालन प्रवक्ता श्री करूणामय नें किया।
सभी सहयोगियों प्रवक्ता डा0 नीरज पाठक, आलोक कुमार राय, डा0 सरोज वर्मा, डा0 विजय कुमार, श्री समीर कान्त पाठक, लिपिक योगेश सिंह, नरेन्द्र देव सिंह, सुनीता एवं छात्र/छात्राए को आभार!
02/04/2026
26/03/2026
महाविद्यालय के विद्यार्थियों ने जिला विधिक सेवा प्राधिकरण (DLSA) वाराणसी के निर्देशानुसार एक वीडियो क्लिप तैयार की है, जो उनके समर्पण, प्रतिबद्धता और महाविद्यालय के ध्येय वाक्य "Legal Education That Works" के प्रति उनकी सक्रिय भावना को दर्शाती है।
Thanks to Nitesh Pal, Soni Maurya, Tanu Giri , Garima, Suhani ,Krishna Kumar Tiwari, Satyendra Kanaujia and Sonu
24/03/2026
अभी कुछ दिन पूर्व महाविद्यालय के ब्लॉग पर धर्म परिवर्तन विधिशास्त्र पर एक लघु वृतांत लिखा था... आज माननीय सर्वोच्च न्यायालय द्वारा उपरोक्त विषय अंतर्गत एक निर्णय आया जिसे समझने में शायद वह ब्लॉग मदद करे!
Religious Conversion Jurisprudence : Subjective Overview For Law Students - LBR Law College: Law College in Varanasi The recent decision of the Allahabad High Court in Dinesh v. State of U.P. (2026) and Jitendra Sahani v. State of U.P. (2025) has once again brought conversion jurisprudence to the forefront of constitutional discourse. The core issue examined is whether religious conversion alters a person’s cast...
04/03/2026
https://lbrlawcollege.org/religious-conversion-jurisprudence-subjective-overview-for-law-students/
31/01/2026
https://lbrlawcollege.org/the-laws-of-war-in-an-era-of-endless-conflict/
The Laws of War in an Era of Endless Conflict - LBR Law College: Law College in Varanasi Introduction:
31/12/2025
प्रसिद्ध लोकतान्त्रिक नेता राजनारायण जी का जन्म 23 नवम्बर 1917 को वाराणसी जनपद के ग्राम-मोतीकोट के एक प्रतिष्ठित परिवार में हुआ था। इनकी प्रारम्भिक शिक्षा गॉव में ही हुई। राजनारायण जी नित्य शाम को गॉव के ही मन्दिर में रामचरित मानस का पाठ करते थे। विद्यालयीय शिक्षा के उपरान्त इन्होंने काशी हिन्दू विश्वविद्यालय में 1939 से 1944 तक शिक्षा ग्रहण किया। राजनारायण जी में प्रतिनिधित्व की क्षमता कूट-कूट कर भरी हुई थी और इसी दौरान उन्होंने छात्र संघ अध्यक्ष का चुनाव लड़ा और छात्र संघ के अध्यक्ष के रूप में निर्वाचित हुए। आजादी का उफान उनके मन मस्तिष्क पर हावी हो रहा था और स्वतंत्रता संग्राम को गति प्रदान करने के लिये छात्र संघ अध्यक्ष रहते हुए अति सक्रिय हुए। इनकी सक्रियता को देखते हुए ब्रिटिश हुकुमत ने इनको जिन्दा या मुर्दा गिरफ्तार करने के लिये आदेश निर्गत किया और इनके उपर 5000रू0 का इनाम घोषित किया।
राजनारायण जी की प्रतिनिधित्व क्षमता और अपूर्व साहस इस आन्दोलन में उभर कर सामने आई और 1942 में इसी संघर्ष के दौरान इन्हे गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया। काशी नरेश इनको गोद लेना चाहते थे और दूसरी ओर राष्ट्र को मुक्त कराने की चुनौती सामने खड़ी थी। राजशाही जीवन को ठुकराकर राजनारायण जी ने चुनौतीपूर्ण राह चयन किया और राष्ट्र को एक नई दिशा प्रदान की। इन्होंने मुख्य धारा से हटकर गरीब व शोषित समाज के उत्थान के लिए कार्य किया और अपना सम्पूर्ण जीवन और सम्पदा गरीबों के लिए समर्पित कर दिया।
1946 में राजनारायण जी कांग्रेस सोशलिस्ट पार्टी के राष्ट्रीय सचिव निर्वाचित हुए। राजनारायण जी लोहिया को अपना आदर्श मानते थे और जब 9 जून 1951 को सोशलिस्ट पार्टी का गठन हुआ तो वे समन्वयक की भूमिका में थे। उनके जीवन में समाजवाद उफान मार रहा था और वे राष्ट्रीय पटल पर एक बड़े समाजवादी नेता के रूप में उभरे। 1952-57 व 1957-62 राजनारायण जी उत्तर प्रदेश विधानसभा के सदस्य रहे। वे दो बार राज्यसभा के सदस्य 1966-72 व 1974-77 तक रहे अपने संसदीय जीवन को बखूबी से जिया और लोकसभा सदस्य के रूप में भारतीय संसदीय मर्यादा को एक नया आयाम प्रदान किया लेकिन लोकहित में संसदीय मर्यादा तोड़ने में भी नहीं हिचकते थे। वे लोकहित को सर्वोच्च महत्व देते थे। राजनारायण जी लीक से हट कर चलने वाले नेता के रूप में जाने जाते है। 1971 को रायबरेली से इन्दिरा गॉधी के विरूद्ध चुनाव लड़ा और इन्दिरा धन, बल और शक्ति का दुरूपयोग करने का आरोप लगाते हुए अदालत में चुनौती दी इन्दिरा जी को प्रथम बार न्यायालय मुह की खानी पड़ी जिसके परिणाम स्वरूप इन्दिरा जी ने देश में आपातकाल लागू किया। 1977 में आपात काल के धूमकेतु ने इन्दिरा जी को उनकी प्रिय लोकसभा क्षेत्र रायबरेली से पराजित किया। इसके पश्चात केन्द्र में प्रथम गैर कांग्रेसी सरकार का गठन हुआ और जिसमें राजनारायण जी केन्द्रीय स्वास्थ्य मंत्री बनाये गए। इनके जीवन के संघर्षो से नई पीढ़ी को जागरूक करने के लिए बेहतर अनुभव हो सकता है। समाजवाद का यह सूर्य दिनांक 31 दिसम्बर 1986 को सदा के लिये अस्त हो गया और रह गई उनकी वह यादें जो जीवन के लिए सतत् प्रेरणास्रोत है।
हम सब के प्रेरणास्रोत के पुण्यतिथि पर Lokbandhu Rajnarayan Law College & Inter College के सभी अनुयायी श्रद्धा सुमन अर्पित करते है!
#यादें
Click here to claim your Sponsored Listing.
Location
Category
Contact the school
Telephone
Website
Address
Moticot Gangapur
Varanasi
221302
Opening Hours
| Monday | 9am - 5pm |
| Tuesday | 9am - 5pm |
| Wednesday | 9am - 5pm |
| Thursday | 9am - 5pm |
| Friday | 9am - 5pm |
| Saturday | 9am - 5pm |
18/04/2026