03/07/2016
सभी नियुक्ति प्राप्त साथियों को हार्दिक बधाई!!!!!!!!!!!!
सर्वसम्मानित साथियों ! बीटीसी 2011 प्रशिक्षण के शुरूआती दिनों में उत्तर प्रदेश के बेरोजगार नौजवानों ने एक बेहद ही खूबसूरत ख़्वाब देखा था कि एक दिन हम भी प्राथमिक विद्यालयों में सहायक अध्यापक का पद ज्वाइन करेंगे,, समय बीतता गया, दिनांक 30 मई 2014 को परीक्षाफल घोषित कर दिया गया, समस्त साथी प्रशिक्षण के बाद भर्ती के विज्ञापन का इंतज़ार कर रहे थे, परन्तु विज्ञापन की कोई आस नहीं दिख रही थी, आखिरकार सब्र टूट गया, दिनांक 14 जुलाई, 2014 को समस्त साथियों ने शिक्षा निदेशालय हिला दिया, दवाब में आकर सचिव ने एक हफ्ते में ही 15000 भर्ती का शासनादेश जारी करने का वादा किया, उस समय समस्त प्रशिक्षुओ को मिलाकर संख्या 15000 से कम ही थी, सब इसी उम्मीद में थे की चलो दो-चार महीने में नौकरी मिल ही जाएगी, परन्तु सरकार की गलत नीतियों के कारण दिनांक 09 दिसम्बर – 5 मार्च,15 (लगभग तीन महिना) को जो शासनादेश जारी किया उसमे 2012 के प्रशिक्षु भी सम्मलित हो गये, सीट कम अभ्यर्थी ज्यादा, परिणाम यह निकला भर्ती के लिए दिन रात लखनऊ इलाहबाद की सडको पर टहलने वाले बाहर हो गये, लोगो ने भर्ती के योद्धाओ को अचयनित कहना शुरू कर दिया, आज सोचता हु अचयनित शब्द से हूँ क्या बीतती होगी उन पर? मेरा अनुभव रहा की लो मेरिट वाले ही एक फ़ोन पर लखनऊ – इलाहबाद के लिए तैयार हो जाते थे, आज भी आँखें नम हो जाती हैं उस दौर को याद करके पैसो के अभाव में बिना भोजन के इलाहबाद- लखनऊ में दिन निकाल देते थे,,,,
फेसबुक व्हाट्सएप्प पर बधाइयो का दौर चल रहा है, हम कामयाबी का जश्न मना रहे हैं, परन्तु ख़ुशी के इस मौके पर दिल रो रहा है, जमीर धिक्कार रहा है, इंसानियत का जज्बा कहीं ना कहीं हमें दोषी ठहराता है, जंग की शुरुआत जिन साथियों के साथ की थी आज उन्हें पीछे छोड़ चले है ,जिनके साथ मिलकर यहाँ तक पहुचे उन्हें बीच जंग में अकेला छोड़ दिया,,,ये कैसा न्याय मिला है, जिसके साथ इलाहबाद - लखनऊ तक आये गये, वह आज भी जंग में जुटे हैं और हम जश्न मना रहे है,,,हम सब अपराधी है,, हे ईश्वर हमें माफ़ करना की हम अपने भाइयों को मध्य में छोड़कर आगे बढ़ रहे है,,,किन्तु गुजारिश रहेगी मुझे तब तक सजा ना देना जब तक आपको यकीन ना हो जाए की मैंने अभी साथ ही छोड़ा है जज्बा और जंग नहीं,,,,यकीन दिलाता हूँ की अपना हक लेकर फिर लौटूँगा और लौटकर अपने भाइयों की जंग में शामिल रहूँगा,,,तब तक के लिए मुझे माफ़ करियेगा ..
-Ajay Kumar
-Yogesh Pandey