09/11/2025
शायर ए मशरिक अल्लामा मुहम्मद इक़बाल स्पेन की मस्जिद कुर्तबा में सन 1932/33 के दौरान। कुर्तबा की इस अज़ीम मस्जिद को 1236 में एक चर्च में तब्दील कर दिया गया था। अल्लामा इक़बाल की ये खुशकिस्मती थी की उन्हें इस मस्जिद में नमाज़ पढ़ने की इजाज़त मिली जैसा की आप तस्वीर में देख सकते हैं। मस्जिद का दौरा करने के बाद अल्लामा इक़बाल ने मस्जिद ए कुर्तबा के नाम एक नज्म लिखी थी जो बाद में 936 ई. में उनके मजमुए (collection) बाल ए जिब्रील में शाया (Published ) हुयी।
ऐ हरम-ए-क़ुर्तुबा इश्क़ से तेरा वजूद
इश्क़ सरापा दवाम जिस में नहीं रफ़्त ओ बूद