17/01/2026
आप हैं रैपुरा निवासी द लाइट ऑफ़ एशिया कोचिंग का आन बान शान गोलू राजभर जी हैं,जिनका नियुक्ति फौज में हुआ है, गोलू राजभर जी का जब दौड़ का डेट आया तो उस टाइम इनके दोनों पैर में 8 से 10 घाव हो चुके थे, इनका हिम्मत टूट चुका था, मैं दौड़ में जाऊं या न जाऊं,पर जब हमसे मिले तो इनका पैर ऐसा था कि जब दौड़ लगाते तब खून देने लगता था, गोलू राजभर जी का निर्णय हमारे ऊपर था जाऊं या न जाऊं।
हमने पंजाबी हॉस्पिटल सलारपुर के डॉक्टर, डॉ सत्यनारायण राजभर जी से संपर्क किया, उन्होंने कहा कि इसको सही करने में कम से कम 1 हफ्ते चाहिए़ पर गोलू जी के पास मात्र तीन था, गोलू जी का हौसला टूट चुका था, उनका हिम्मत गवाही नहीं दे रहा था, जैसे डॉ सत्यनारायण राजभर जी कहा कि मैं तीन दिन के अंदर इस घाव को सूखने योग्य बना दूंगा, इतने में गोलू राजभर जी का हिम्मत आया और दौड़ने के लिए तैयार हो गए, ओर गोलू जी ने उस दौड़ में एक्सीलेंट मारा,,,,, ये सब डॉ सत्यनारायण राजभर जी के एक कथन पर संभव हुआ। ऐसे सामाज के गौरव डॉ सत्यनारायण राजभर जी को गोलू राजभर जी के परिवार और हमारे कोचिंग के सभी गुरुजनों की तरफ़ से हार्दिक आभार प्रकट करता हूं।
फिलहाल गोलू राजभर जी 17 जनवरी 2026 को फ़ौज ज्वाइन कर चुके हैं आप सभी से गोलू राजभर जी के लिए उज्जवल भविष्य का कामना करता हूं।
उपरोक्त कहानी का आशय यह है कि किसी एक ज़ुबान ही किसी का जिंदगी बदल सकता है।
आपका,,,,,, परमेश्वर