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सच्ची घटना। कलयुग में  चमत्कार। एक बार जरूर देखें।
30/08/2026

सच्ची घटना। कलयुग में चमत्कार। एक बार जरूर देखें।

यह एक सच्ची घटना है।क्या आपके भी गुरु शिव है।

Feeling so inspired by this beautiful Shiv Charcha! 🙏 The spiritual wisdom shared offers such wonderful guidance for lif...
07/08/2026

Feeling so inspired by this beautiful Shiv Charcha! 🙏 The spiritual wisdom shared offers such wonderful guidance for life. I feel truly uplifted! ✨🌿

शिव आज भी गुरु है ,शिव आदि गुरु है,शिव अनादि गुरु है। श्री हरेंद्र ...

22/07/2025

एकदम से हम पे प्यार की बारिश होने लगी ।
मैं किसी का हो जाऊं ,ऐसी गुजारिश होने लगी।।
यह सब बस पास आने का बहाना था।।।

मैं खो गया उनकी कातिलाना अदाओं में।
यह समझ ही ना पाया कि उनकी अदाएं ही नहीं।।
उनका सोच भी कातिलाना था।।।

unka mann naav jaisa ,mera isque samander jitna tha...so unhone apni kasti kinara kar liya....
12/07/2025

unka mann naav jaisa ,mera isque samander jitna tha...
so unhone apni kasti kinara kar liya....

19/05/2025
14/12/2024

अंजाना गली पराया घर यहां।
रूम मेरा पर अपना है।।
मन तो बसता है गांव में।
अब जो बस एक सपना है।।

आया तो हूं खाली हाथ ।
मन में बहुत पर सपना है ।।
जीवन के यह खेल निराले।
मन की भट्ठी में तपना है।।
मन तो बसता है गांव में।
अब जो बस एक सपना है।।

अपने थे वे दूर हुऐं।
अब कोई और ही अपना है।।
मन में दर्द दवा करके।
पैसे का स्वाद भी चखना है।।
मन तो बसता है गांव में।
अब जो बस एक सपना है।।

पापा के डाट से डरना भी।
भाई-बहन के झगडे पड़ना है।
मां की लाड से दुर हुए।
जीवन की राह भटकना हैं।
मन तो बसता है गांव में।
अब जो बस एक सपना है।।

अंजाना गली पराया घर यहां।
रूम मेरा पर अपना है।।
मन तो बसता है गांव में।
अब जो बस एक सपना है।।

आज मैं कौन सा ड्रेस पहनू शॉर्ट्स या बैकलेस।अरे कोई सा भी पहन ले तेरे ऊपर सभी अच्छे लगते हैं।  वह तो सही है, लेकिन मैं चा...
25/09/2024

आज मैं कौन सा ड्रेस पहनू शॉर्ट्स या बैकलेस।
अरे कोई सा भी पहन ले तेरे ऊपर सभी अच्छे लगते हैं।
वह तो सही है, लेकिन मैं चाहती हूं कि आज पार्टी का सेंटर आफ अट्रैक्शन में रहूं लोग मुझे ही देखते रहें।
तब तो कुछ भी न पहनना ही बेहतर है।
आपको भी पता है कि आपको बैठने तक में दिक्कत होगी, फिर भी आपको शॉर्ट्स ही पहनी है। टांगे जांघ तक पूरी देखनी चाहिए। कपड़े बैकलेस होनी चाहिए और दुपट्टा भी नहीं लेंगे।
आधी छाती और पूरी पीठ दिखाओगे तो लोग घूरेंगे हीं देखेंगे ही । अगर आप चाहती हो कि कोई आपको ऑब्जेक्टिवफाइ ना करें तो पहले खुद को ऑब्जेक्ट की तरह पेश करना बंद करो सेंटर आफ अट्रैक्शन बनना है तो अपने व्यक्तित्व , व्यवहार, आचरण ,अपने प्रतिभा को मजबूत बनाओ । हम हमारी अंतरात्मा है यह शरीर तो एक वस्तु ही है और इसे निखारोगे तो लोग इस्तेमाल ही करना चाहेंगे।
स्वतंत्रता के आड़ में अधनंगी कपड़े पहनकर, सेंटर ऑफ़ अट्रैक्शन के चक्कर में पहले तो खुद ही अपने आप को एक वस्तु की तरह पेश करते हैं और जब उन्हें कोई घूरता है या देखता है तो लोग उन्हें ऑब्जेक्टिवफाइ कर रहे होते हैं । उनकी नज़रें गंदी होती है और नियत भी।
किसी भी जीव को देख लो अपने विपरीत लिंग के प्रति अट्रैक्शन होता ही है। यह प्राकृतिक देन है। इसका मतलब यह नहीं है कि मैं किसी भी तरह के हिंसा के पक्ष में हूं , लेकिन जलती हुई आग को बुझाने के लिए घी नहीं पानी डालते हैं।
हमारे इस लेख से आप कितना सहमत है आपके विचार के लिए कमेंट बॉक्स में आपका इंतजार है।

13/09/2024

क्या आपको नहीं लगता कि हम गलत को सही करते-करते न जाने सही के साथ कितना गलत कर चुके हैं। एक को बचाने के राह पर चले थे पर कब दूसरे को कुचल दिए पता ही नहीं चला।

देखिए मैं इन चीजों के खिलाफ नहीं हूं। लड़कियों को भी लड़कों के बराबर की अधिकतर होनी चाहिए तो अधिकार बराबरी का भी तो होना चाहिए।लेकिन क्या यह सही है ?सोच कर जरूर बताना ।पहले इस पोस्ट को पूरा जरूर पढ़ें....

अब आप ही बताओ यह कैसी समानता है?
शादी में यह तो देखा जाता है कि लड़का क्या करता है,उसके पास कितना बैंक बैलेंस है,उसकी नौकरी कैसी है, उसकी पुश्तैनी प्रॉपर्टी कितनी है ?लेकिन इसके विपरीत लड़की पक्ष से दहेज लेना जुर्म है। अगर आप यह देखते हैं की लड़के का बैंक बैलेंस कितना है लड़के की प्रॉपर्टी कितनी है तो उसके बराबर प्रॉपर्टी देकर लड़की को भी विदा करें ताकि जीवन के दोनों पहिए समान रूप से चलेंगे।अगर साइकिल के एक पहिए में हवा हो और दूसरे पहिए में ना हो तो साइकिल बैलेंस होकर नहीं चलती। तो क्या लड़के की प्रॉपर्टी देखना लड़की के लिए दहेज के समान नहीं है। अप्रत्यक्ष रूप से लड़की पक्ष ज्यादा दहेज लेता है।एक पुरुष अपने पूरे परिवार की जिम्मेदारी अकेला अपनी कंधे पर उठाकर चलता है।


अब आप ही बताओ क्या यह समानता है?
सफर में महिलाओं के लिए रिजर्व सीट होते हैं, अगर कोई पुरुष बैठा है और महिला आ गई तो सीट उनको दीजिए वह महिला है लेकिन अगर कोई पुरुष बीमार भी है तो उन्हें सीट नहीं मिल सकता क्योंकि वह एक पुरुष है। उनकी पैदाइश थोड़ी ना हुई है वह तो टाटा कंपनी से मैन्युफैक्चर होकर आए हैं उनको पीड़ा नही होती ।

अब आप ही बताओ क्या यह समानता है?
शादी टूटना किसी के लिए भी अच्छा नहीं होता है, इसमें परिवार बिखर जाते हैं ,लेकिन
अगर तलाक होती है तो लड़की का खर्चा लड़का उठाएंगा लेकिन क्यों लड़के का खर्चा भी तो लड़की उठा सकती है?

अब आप ही बताओ क्या यह समानता है?
अगर किसी ऐसे दंपति की तलाक हो जिनका कोई बच्चा भी हो तो बच्चे को मां को सौंप दिया जाता है, क्यों भाई साहब पिता उसकी परवरिश नहीं कर सकता क्या? मैं कोर्ट में अपने बच्चे से मिलने के लिए एक बाप को रोते बिलखते तरसते देखा है। आखिर में पैसा तो उसे ही देना है फिर इसके पास क्यों नहीं रह सकता? नहीं ऐसा नहीं हो सकता क्योंकि महिला पुरुष की अपेक्षा ज्यादा जिम्मेदार होती है। वह बच्चे को ज्यादा प्यार करेगी।

लेकिन अगर एक प्रेमी जोड़ा भाग जाए और शादी कर ले तब जिम्मेदारी लड़के की होती है क्योंकि यह लड़का है इसी ने बहलाया फुसलाया होगा, फिर लड़की की कोई जिम्मेदारी नहीं होती। तब उसका प्यार भाड़ में चला जाता है। जबकि हकीकत यह होती है कि भागने में ज्यादा जिम्मेदार लड़की होती है हमेशा।
अगर कहीं किसी बात का विवाद हो गया हो तो विवाद में पहले महिला पक्ष का सुना जाएगा क्योंकि पुरुष है तो वह गलत ही होगा जरूर इसी ने कुछ किया होगा। तब बराबरी उनकी तेल लेने चली जाती है।
सच तो यह है कि पुरुष प्रधान समाज में महिलाओं को उसका अधिकार दिलाते दिलाते याह समाज कब महिला प्रधान बन गया हमें पता ही नहीं चला।

"सनातन हिंदू धर्म "जो सभी जीवों के लिए मंगल और सुख की कामना करता है। यह श्लोक इसकी पुष्टि करता है:-  सर्वे भवन्तु सुखिनः...
08/09/2024

"सनातन हिंदू धर्म "
जो सभी जीवों के लिए मंगल और सुख की कामना करता है। यह श्लोक इसकी पुष्टि करता है:-
सर्वे भवन्तु सुखिनः
सर्वे सन्तु निरामयाः
सर्वे भद्राणि पश्यन्तु
सर्वे भद्राणि पश्यन्तु

अर्थ:
सब लोग सुखी हों
सब लोग निरोगी हों
सब लोग अच्छा देखें
सब लोग अच्छा बोलें और सुनें।

ऐसा विश्व के किसी अन्य धर्म में नहीं है। मुझे गर्व है कि मैं इस धर्म से जुड़ा हूं। जय हिंद ।।।
जय जनमानस ।।।
जय सनातन ।।।।।

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