30/07/2022
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एन. रघुरामन का कॉलम:दिमाग को हेल्दी रखना भी उतना ही जरूरी है, जितना कि सही फूड से शरीर को स्वस्थ रखना
सुबह जागते ही फोन देखने और आपके सामने पेश की जा रही तमाम गैरजरूरी सूचनाओं को ग्रहण करने की आदत आपके दिमाग को प्रभावित करती है और हम किस तरह का कंटेंट देख रहे हैं, उसके आधार पर उसे अस्थिर या कमजोर बनाती हैं। इंस्टाग्राम का ही उदाहरण लें, जो इस तरह धड़ाधड़ रील्स प्रस्तुत करता है, मानो कोई आने वाला कल न हो।
आज अगर आप अपनी फीड पर नजर डालें तो पाएंगे कि वहां वीडियो-कंटेंट की बाढ़ आई हुई है और इनमें से बहुतेरे ऐसे अकाउंट्स से हैं, जिन्हें आप फॉलो तक नहीं करते हैं। एक अच्छा कॅरियर बनाने की कोशिश में जुटे सभी युवा पेशेवरों को मेरी सलाह है कि जैसे आप हेल्दी फूड पर बहुत ध्यान देते हैं, उसी तरह भावनाओं को भटकाने वाली चीजों पर भी ध्यान दें। अगर आपके मोबाइल फोन से आने वाला कंटेंट आपको डिस्टर्ब कर रहा है, तब तो आप जानते हैं कि आपको क्या करना है।
फंडा यह है कि दिमाग को हेल्दी रखना भी उतना ही जरूरी है, जितना कि सही फूड से शरीर को स्वस्थ रखना।