05/06/2026
एक पेड माँ के नाम
में कहेता हूँ
एक पेड़ हमारे स्वास्थ्य और जीवन ऑक्सीजन के नाम ।
आइए धरती माँ का जतन कीजिए ।
सभी को ढेर सारी शुभकामनाएँ ।
❇️आप सभीको सुप्रभात के साथ *_विश्व पर्यावरण दिन की ढेर सारी शुभकामनाएं।_* आप सब पेड़ पौधे की अहमियत को अच्छी तरह समझते है। बिना पेड़ जिंदगी या धरती बंजर नजर आती है।
🌱प्राकॄतिक तत्त्व हमारे जीवन मे शांति लाते हैं। प्रकृति ही पूजा है। प्राकृतिक शरण जीवनमे उल्लास एवम अद्भुत सुख की अनुभूति लाता है। बिना पेड़ विश्व की एक कल्पनामात्र ही डर लाती है ।
🌱पेड़ का सरंक्षण करना हमारी जिम्मेदारी है। ज्यादा से ज्यादा पेड़ को बो ना धरती की शोभा बढ़ाना है। धरती हमारी मा हैं। धरती अगर साफ, स्वच्छ और शोभनीय होगी तो उनके जीवमात्र बच्चे सदा तंदुरुस्त रहेंगे। समस्त सृष्टिचक्र अच्छा चलेगा। जल और खेत पैदास में , जीव सृष्टि के अस्तित्व में धरती और पेड़ का अमूल्य योगदान है। हम हमारा अस्तित्व की ही सोचते है। लेकिन हम जिस डाली पर बसे है उनको भूल जाते है। तो आज समज लीजिये की पेड़ लगाइये, मा को शोभनीय बनाइये। हमारा भी अस्तित्व उनपेड़ शोभा का अस्तित्वसे ही है।
🌾पेड़ ही हमारा सच्चा दोस्त है। उन दोस्ती से अनंत सुख ले। स्वस्थ जीवन के लिए उन पेड़ो का काफी महत्व है। पेड़ का बलिदान ओर उनसे मिलने वाला लाभ कतई नही भूले। दिनमहिमा से एक ही संकल्प हो काफी पेड़ लगाइये। ओर जीवन को ओर सुशोभित एवम चीर सुख शान्तिमय बनाइये।
🌳हमारी जन्मदिन पे अवश्य एक पेड़ लगाइये। पेड़ पर्यावरण को अच्छेसे पेश करते है। अगर जल ही जीवन है तो पेड़ ही जल लाने में सहाय करते है तो पेड़ को जीवनदाता समजिये। ओर जीवनदाता को कभी भी भूलना नही चाहिए। जीवन कवच के रूपमे उनका जतन हो।
🌳घने जंगलोसे हमे औषदि, काफी किफायती जड़ीबूटियां, लकड़ी मिलती है। पेड़ हमे घरेलू ऊर्जा देते है। अच्छी लकड़िया घरमे अच्छा फर्नीचर में उपयोगी बनती है। बिना पेड़ धरती में गर्मी बढ़ी है।
🍃आजकाल ग्लोबल वार्मिंग का असर उन पेडोकी कमी से ही है। हमारे निजी स्वार्थ के लिए पेड़ो को हम काटते है। उन्ही स्वार्थ से पर होकर सभी जीवसृष्टि के अस्तित्व के बारेमे सोचना अनुसरना हमारा कर्तव्य बनना चाहिए। यही तो हमारा मूल धर्म है। प्रकृति सही तो हम सही। अगर प्रकृति रूठे तो हमारा सुखी रहना मुश्किल बन जाता है। अपार दुख को झेलना पड़ता है। हमारे परिवारमे अगर कोई रूठे तो कैसा महसूस होता है? पता लगे तो समजमें आता ही है कि प्रकृति रूठे तो विनाश ही लाती है।
🌳पेडोकी कमी से ज्यादा गर्मी और बारिश की कमी होती है। उन स्थिति में अनावृष्टि ओर उनके बुरे दुखद परिणाम दिखने मिलते है । कहि कहि अतिवृष्टि से भयंकर स्थिति उत्पन्न हो जाती है। बीमारी फैल जाती है। तो उन पेड़ को हमारे परिवार के सदस्य की तरह ही मावजत करना पड़ेगा।
🌱पेड़ समस्त सृष्टि परिवारके अनमोल सदस्य है।उनके बिना परिवारमे स्नेह और सुख बचेगा नही। तो आइए आज पर्यावरण दीन पे संकल्प ले की पेड़ोका जतन हो, नए पेड़ को लगाइये, ओर जीवन मे उन पेड़ को सच्चे दोस्त बनाइये। उनका महिमा को उजागर करे और उनके बलिदानो को समझनेकी कोशिश करे।
धन्यवाद।🌷🌸🌹🌸🌷🙂🙏🙂
*किरिट समाया*
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