26/05/2026
ऋषिराम शिक्षण संस्थान में प्रतिभाओं का गौरवपूर्ण सम्मान समारोह
उत्तरकाशी, 26 मई 2026
श्रीमती केसरी देवी मेमोरियल अवार्ड के अवसर पर आज विद्यालय प्रांगण गौरव, उत्साह और उल्लास से सराबोर रहा, जब सीबीएसई बोर्ड परीक्षा 2026 में कक्षा 12 के उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले मेधावी छात्र-छात्राओं को उनके अभिभावकों के साथ सम्मानित किया गया। इस गरिमामयी समारोह में विद्यार्थियों को पुरस्कार स्वरूप धनराशि, प्रशस्ति-पत्र एवं शॉल प्रदान कर उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की गई।
श्रीमती केसरी देवी मेमोरियल अवार्ड प्राप्त करने वाले प्रतिभाशाली विद्यार्थियों में रोहित धनाई ने 95.00 प्रतिशत अंक प्राप्त कर विद्यालय का नाम गौरवान्वित किया। इसी प्रकार सक्षम गुसाईं ने 92.82 प्रतिशत, अभिनव रमन सेमवाल ने 92.60 प्रतिशत, सृष्टि नौटियाल ने 91.60 प्रतिशत, इशिता बिष्ट ने 91.00 प्रतिशत, प्रेरणा ने 90.80 प्रतिशत तथा कीर्ति जुयाल ने 90.60 प्रतिशत अंक प्राप्त कर विद्यालय की शैक्षिक उपलब्धियों में नए आयाम जोड़े। इन विद्यार्थियों की सफलता ने न केवल विद्यालय बल्कि पूरे जिले को भी गौरवान्वित किया।
इस अवसर पर विद्यालय के संस्थापक पं. गणपति प्रसाद जगूड़ी ने छात्र-छात्राओं को जीवन में अनुशासन, परिश्रम एवं लक्ष्य के प्रति समर्पण की भावना के साथ आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि विद्यार्थी अपनी प्रतिभा और सत्कर्मों से अपने माता-पिता, शिक्षकों, समाज तथा राष्ट्र का नाम रोशन करें।
विद्यालय के प्रबंधक डॉ. अरविंद जगूड़ी ने श्रीमती केसरी देवी के प्रेरणादायी जीवन का उल्लेख करते हुए कहा कि सच्ची सफलता उसी को प्राप्त होती है जो बिना किसी स्वार्थ के ईमानदारी, कर्तव्यनिष्ठा और समर्पण के साथ अपने कार्यपथ पर अग्रसर रहता है।
अंग्रेजी विभाग के वरिष्ठ शिक्षक संजय जगूड़ी ने अपने प्रेरक संबोधन में विद्यार्थियों का आह्वान किया कि वे अर्जुन की भाँति दृढ़ संकल्प, अथक परिश्रम और निरंतर प्रयास के बल पर अपने लक्ष्यों को प्राप्त करें। उन्होंने कहा कि सफलता उन्हीं को मिलती है जो संघर्षों के बीच भी अपनी राह नहीं बदलते।
छात्र-छात्राओं एवं अभिभावकों से खचाखच भरे प्रांगण में कार्यक्रम का संचालन विद्यालय के उप-प्रधानाचार्य श्री बद्रीश बिष्ट एवं श्री राजेंद्र रावत ने अत्यंत प्रभावशाली शैली में किया। कार्यक्रम के अंत में विद्यालय के प्राचार्य डॉ. एस. के. मिश्रा ने धन्यवाद ज्ञापित करते हुए कहा कि जैसे दूध से मक्खन और मक्खन से घी बनने की प्रक्रिया में धैर्य और परिश्रम की आवश्यकता होती है, उसी प्रकार जीवन में संघर्ष और मेहनत के बाद ही व्यक्तित्व का वास्तविक तेज निखरकर सामने आता है। उन्होंने समाज में शैक्षिक जागरूकता, नैतिक मूल्यों एवं सकारात्मक सोच को बढ़ावा देने का संदेश दिया।
समारोह के दौरान विद्यालय के समस्त शिक्षक-शिक्षिकाओं, अभिभावकों एवं विद्यार्थियों की गरिमामयी उपस्थिति ने कार्यक्रम को एक प्रेरणादायी एवं अविस्मरणीय आयाम प्रदान किया।