03/01/2026
हम अपनी जिंदगी का वो अफसाना नहीं भूले
जो हमारे मिलने पर बना था वो फसाना नहीं भूले
तुम भूल गए इक बार पलट कर देखना बिछड़ने से पहले
हम वो है जो तुम्हारी गलियों में यूं आना नहीं भूले
जिंदगी बाकी रही तो हम दोबारा मिलेंगे तुमने कहा था
इस बात की खातिर सनम खुद मर जाना नहीं भूले
अगर ये इश्क था तो जिंदगी ने मौत को क्यों तवज्जो दी
बहाने थे जो इन सवालों का हम वो बहाना नहीं भूले
मेरी हर सांस और धड़कन में तुम्हारा नाम 'अंकित' है
यही वो राज है दिल में जो सबको बताना नहीं भूले