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18/01/2025
लंबे समय से है कब्ज की दिक्कत, रुक-रुककर होता है पेट साफ, तो सोने से पहले करें ये, बाहर निकलने लगेगी पेट की गंदगीअगर आपक...
16/01/2025

लंबे समय से है कब्ज की दिक्कत, रुक-रुककर होता है पेट साफ, तो सोने से पहले करें ये, बाहर निकलने लगेगी पेट की गंदगी

अगर आपका पेट रुक-रुककर साफ होता है और आप इस समस्या से लंबे समय से परेशान हैं, तो सोने से पहले इन आसान उपाय अपनाकर आप अपने पेट को साफ करने में मदद पा सकते हैं.

कब्ज यानी कॉन्स्टिपेशन एक आम समस्या है, लेकिन अगर यह लंबे समय तक बनी रहे तो यह शरीर के लिए हानिकारक हो सकती है. पेट साफ न होने की दिक्कत न सिर्फ हमें शारीरिक रूप से परेशान करती है बल्कि मानसिक पीड़ा का कारण भी बनती है. ऐसा इसलिए क्योंकि पेट साफ न होने पर हम खुद ताजगी महसूस नहीं करते और न ही किसी काम में मन लगता है. साथ ही साथ पेट भरा लगता है, जिससे कुछ भी खाने का मन नहीं होता है. कब्ज की वजह से पेट साफ नहीं होता और यह धीरे-धीरे गैस, एसिडिटी और अन्य पाचन संबंधी समस्याओं का कारण बन सकता है. अगर आपका पेट रुक-रुककर साफ होता है और आप इस समस्या से लंबे समय से परेशान हैं, तो सोने से पहले कुछ आसान उपाय अपनाकर आप अपने पेट को साफ करने में मदद पा सकते हैं.

कब्ज के कारण

फाइबर की कमी: भोजन में पर्याप्त मात्रा में फाइबर ना होने से पाचन प्रक्रिया धीमी हो जाती है.
कम पानी पीना: शरीर में पानी की कमी कब्ज का एक मुख्य कारण हो सकता है.
खराब रूटीन: खानपान और सोने-जागने का सही समय ना होना भी इस समस्या को बढ़ाता है.
तनाव और चिंता: मानसिक स्वास्थ्य का पाचन तंत्र पर बड़ा असर पड़ता है.
फिजिकल एक्टिविटी की कमी: निष्क्रिय जीवनशैली पाचन प्रक्रिया को धीमा कर देती है.

कब्ज के लक्षण

पेट भारी रहना
मल त्याग में कठिनाई
रुक-रुककर पेट साफ होना
गैस और पेट दर्द
भूख ना लगना

पेट साफ रखने के लिए सोने से पहले करें ये उपाय

1. गुनगुना पानी और नींबू

रात में सोने से पहले एक गिलास गुनगुने पानी में आधा नींबू निचोड़कर पिएं. यह पाचन तंत्र को एक्टिव करता है और पेट साफ करने में मदद करता है.

2. त्रिफला चूर्ण का सेवन

त्रिफला चूर्ण आयुर्वेद में कब्ज के लिए सबसे अच्छा उपाय माना जाता है. रात में सोने से पहले गुनगुने पानी के साथ एक चम्मच त्रिफला चूर्ण लें. यह पाचन क्रिया को बेहतर बनाता है.

3. इसबगोल की भूसी

ईसबगोल फाइबर से भरपूर होता है. इसे गर्म पानी या दूध के साथ लेने से मल त्याग में आसानी होती है. इसलिए आप पेट साफ रखने के लिए इस नु्स्खे को भी आजमा सकते हैं.

4. अंजीर और मुनक्का

रात को 2-3 अंजीर और 4-5 मुनक्का पानी में भिगोकर खाएं. यह प्राकृतिक लैक्सेटिव की तरह काम करता है और आसानी से पेट साफ करने में मदद करता है.

5. गाय का घी और गर्म दूध

सोने से पहले एक गिलास गर्म दूध में एक चम्मच गाय का घी मिलाकर पिएं. यह आंतों को चिकनाई प्रदान करता है और मल त्याग में मदद करता है.

6. योग और प्राणायाम

अगर आप नियमित रूप से योग करते हैं तो यह कब्ज की समस्या को जड़ से खत्म कर सकता है. सोने से पहले कुछ मिनटों के लिए वज्रासन या पवनमुक्तासन करें.

कब्ज से बचने के लिए अन्य टिप्स:

फाइबर से भरपूर भोजन: हरी सब्जियां, फल और साबुत अनाज का सेवन करें.

ज्यादा पानी पिएं: दिनभर में कम से कम 8-10 गिलास पानी पिएं.

तला-भुना और जंक फूड से बचें: ये खाद्य पदार्थ पाचन को प्रभावित करते हैं.

नियमित व्यायाम करें: रोजाना 30 मिनट की वॉक या हल्का व्यायाम करें.

चाय और कॉफी कम करें: इनका ज्यादा सेवन पाचन तंत्र को नुकसान पहुंचा सकता है.

अगर आप नियमित रूप से इन उपायों को अपनाते हैं, तो आपका पाचन तंत्र मजबूत होगा और कब्ज की समस्या दूर हो सकती है. याद रखें कि पेट साफ होना न केवल शारीरिक स्वास्थ्य बल्कि मानसिक स्वास्थ्य के लिए भी जरूरी है.

सलाह सहित यह सामग्री केवल सामान्य जानकारी प्रदान करती है. यह किसी भी तरह से योग्य चिकित्सा राय का विकल्प नहीं है. अधिक जानकारी के लिए हमेशा किसी विशेषज्ञ या अपने चिकित्सक से परामर्श करें.

चाणक्य नीति :- पुरुष और महिलाओं की ये 4 आदतें घर को कर देती हैं बर्बाद! जानें क्या कहती है आचार्य चाणक्य की नीतियों में ...
15/01/2025

चाणक्य नीति :- पुरुष और महिलाओं की ये 4 आदतें घर को कर देती हैं बर्बाद! जानें क्या कहती है

आचार्य चाणक्य की नीतियों में कुछ ऐसी आदत बताई गई हैं जिन्हें घर के मुखिया को अपनानी नहीं चाहिए। इन आदतों से उनका घर बर्बाद हो सकता है।

हम जो करते हैं इसका गहरा प्रभाव हमारे जीवन पर पड़ता है। कुछ चीजों को अपनाना या कुछ चीजों का त्याग देना जिंदगी सवार सकता है तो बिगाड़ भी सकता है। आचार्य चाणक्य की नीति में कई ऐसी आदत बताई गई हैं जो महिला और पुरुष दोनों के लिए अपनानी नुकसानदायक साबित हो सकती है। घर की बर्बादी का कारण भी बन सकती हैं। दरअसल, हर परिवार में एक मुखिया होता है जो घर की महिला या पुरुष कोई भी हो सकता है और इनके द्वारा की जा रही चीजों का असर घर के छोटे लोगों पर खास पड़ता है।

जैसे बड़े भाई-बहन को देखकर छोटे भाई-बहन सीखते हैं ठीक वैसे ही घर के मुखिया से परिवार के अन्य लोग भी अच्छी व बुरी आदतें सीखते हैं। इतना ही नहीं, अपनाने भी लगते हैं। इसलिए चाणक्य नीति में कुछ आदतें बताई गई हैं जिन्हें घर के मुखिया को अपनानी नहीं चाहिए वरना ये बर्बादी का कारण भी बन सकती हैं।

1. नियमों का खुद पालन न करना

घर के मुखिया या बड़े होने के नाते आप जो नियम बना रहे हैं तो उसे खुद भी अपना लें। अक्सर हम ये गलती कर बैठते हैं कि घर के सभी लोगों के लिए जो नियम-कायदे बनाते हैं उसे खुद नहीं अपनाते और सभी नियम सिर्फ घर के छोटो पर लागू हो जाते हैं। चाणक्य नीति में कहा जाता है कि जो नियम आप दूसरों के लिए बना रहे हैं उसे खुद भी जरूर पालन करें।

2. अन्न की बर्बादी

चाणक्य नीति में अन्न की बर्बादी वाली आदत को भी खराब माना गया है। अक्सर घर के बड़े छोटो को अन्न न बर्बाद करने की सलाह देते हैं, लेकिन जब खुद ये काम कर रहे होते हैं तो इससे घर की तरक्की रुक जाती हैं। ऐसे में घर का मुखिया ही बर्बादी की वजह बन सकता है। आर्थिक समस्या के अलावा क्लेश और तनाव की स्थिति बन सकती है।

3. बिना वजह के खर्चे

आचार्य चाणक्य नीति के अनुसार पैसों की बर्बादी करने की आदत अच्छी नहीं होती है। खासतौर पर उनके लिए जो घर को संभालते हैं। जरूरी है कि घर के मुखिया पैसों को हिसाब से खर्च करें। बिना वजह के खर्चे करना सही नहीं है। इससे घर में बरकत भी कम हो जाती है।

4. पानी की बर्बादी

आचार्य चाणक्य नीति के अनुसार (जल)पानी की बर्बादी करने की आदत अच्छी नहीं होती है। खासतौर पर उनके लिए जो घर को संभालते हैं। जरूरी है कि घर के मुखिया पानी की बर्बादी से घर को बचाएं और जरूरत के हिसाब से खर्चा करना चाहिए नहीं तो कंगाली का आना निश्चित है

'मेरे बच्चों के बाल सफेद हो रहे हैं' जब स्वामी रामदेव से पूछा गया सवाल, बाबा ने बता दिए बाल काले करने के 4 उपायजब बात का...
15/01/2025

'मेरे बच्चों के बाल सफेद हो रहे हैं' जब स्वामी रामदेव से पूछा गया सवाल, बाबा ने बता दिए बाल काले करने के 4 उपाय

जब बात काले घने बालों की आती है तो हर कोई स्वामी बाबा रामदेव की बात करता है कि 59 की उम्र में भी बाबा के बाल सफेद नहीं हुए हैं। स्वामी रामदेव के काले बालों का योग को ही माना जा सकता है, लेकिन जब किसी ने उन्हें अपने बच्चे के सफेद होते बालों के बारे में बताया तो बाबा ने 4 उपाय बता दिए।

59 साल में भी जवां, तंदुरुस्त और हट्टे-कट्टे दिखने वाले बाबा रामदेव अपने योग और नेचुरल प्रोडक्ट ब्रांड के लिए तो जाने जाते ही हैं, लेकिन उससे भी ज्यादा लोगों को उनके काले बाल और दाढ़ी आकर्षक करते हैं। हर कोई ये जानना चाहते है कि आखिर बाला अपने बालों पर ऐसा क्या लगाते हैं जो उम्र के इस पड़ाव पर आकर भी उनके बाल काले और घने हैं।

इसका पता उस सवाल से लगाया जा सकता है जब एक आदमी ने स्वामी राम देव से पूछा कि 'मेरे बच्चे छोटे हैं और उनके बाल सफेद हो रहे हैं। इसके लिए क्या करना होगा?' इसके लिए बाबा ने 4 बहुत ही असरदार उपाय बताए, जो बच्चों के साथ-साथ बड़ों के बालों को भी काले होने से बचा सकते हैं। शायद स्वामी रामदेव के काले बालों के पीछे भी यही कुछ उपाय हों। आइए जानते हैं बाबा ने सफेद बालों के लिए क्या 4 उपाय बताए।

कहा सुबह बच्चों को पिलाएं ये जूस

बाबा रामदेव ने पहला उपाय बताते हुए कहा कि 'जिन बच्चों के बाल बचपन में ही सफेद हो जाए उन्हें एक तो आंवला और दूसरा एलोवेरा का जूस पिलाएं।' आपको बता दें कि एक और जहां आंवला बालों को सफेद होने से रोकने और उन्हें काला बनाए रखने का काम करता है वहीं एलोवेरा जेल उन्हें मजबूत, सिल्की और खूबसूरत बनाता है।

दूसरे उपाय में बताए 2 योगासन

योग हमारी जिंदगी का अभिन्न अंग है और इससे शरीर की कई समस्याओं को हल किया जा सकता है। इसलिए बालों को काला करने के लिए बाबा रामदेव ने एक सर्वांगासन और दूसरा शीर्षासन बताया है।

उन्होंने कहा कि बालकों को एक से पांच मिनट तक ये दोनों आसन कराएं। दोनों ही आसन खोपड़ी में ब्लड फ्लो को तेज करेंगे और बालों को सफेद होने से रोकेंगे।

आहार में शामिल करें हरी सब्जियां

हमारे बाल पोषण की कमी से भी सफेद होने शुरू हो जाते हैं, इसलिए लिए जरूरी है कि आप अपने बच्चों को पौष्टिक आहार खिलाएं। खासकर हरी सब्जियां, क्योंकि बाबा रामदेव का कहना है कि बच्चों को हरी सब्जी खिलाने से भी सफेद बालों की समस्या को ठीक किया जा सकता है।

पीछे से रगड़ें नाखून

स्वामी रामदेव ने सफेद बालों के उपाय के तौर पर बच्चों को पीछे से नाखून रगड़ने के लिए कहा है। ये एक ऐसी मुद्रा होती है जिसे आप आधी मुट्ठी बनाते हैं और हाथ की उल्टी तरफ से नाखूनों को आपस में जोड़ देते हैं। इसी मुद्रा में नाखूनों को रगड़ा जाता है, जो बाल बढ़ाने और बाल काले करने में फायदेमंद साबित हो सकता है।

ठंड में जहरीला बादाम तो नही खा रहे? Cancer का है खतरा, कागज के टुकड़े से 5 सेकंड में करें नकली बादाम की जांचबादाम सबसे ज्...
15/01/2025

ठंड में जहरीला बादाम तो नही खा रहे? Cancer का है खतरा, कागज के टुकड़े से 5 सेकंड में करें नकली बादाम की जांच

बादाम सबसे ज्यादा खाया जाने वाले नट्स है और इसके सेहत को कई फायदे होते हैं, मगर बाजार में नकली बादाम बेचे जा रहे हैं जो जहरीले होते हैं और कई नुकसान पहुंचा सकते हैं, डायटीशियन ने नकली बादाम की जांच के तरीके बताएं हैं।

सर्दियों का मौसम है और इन दिनों ड्राई फ्रूट्स और नट्स का खूब सेवन किया जाता है। ठंड में खासकर बादाम बहुत ज्यादा खाए जाते हैं। सर्दियों में शरीर को गर्म रखने के लिए बहुत से लोग बादाम का हलवा, बादाम आला दूध, बादाम के लड्डू खाना पसंद करते हैं। बादाम में भरपूर पोषक तत्व होते हैं और इसे ड्राई फ्रूट्स का राजा भी कहा जाता है। इसमें हेल्दी फैट्स, प्रोटीन, एंटीऑक्सीडेंट्स, विटामिन्स और मिनरल्स होते हैं।

त्वों से भरपूर एक सुपरफूड है जो शरीर को ऊर्जा, ताकत, और कई स्वास्थ्य लाभ प्रदान करते हैं। इसके सेवन से दिमाग बढ़ाने, दिल स्वस्थ रखने, वजन घटाने, पाचन बेहतर रखने, त्वचा और बालों को स्वस्थ रखने आदि में मदद मिलती है।

मगर यह फायदे तभी मिल सकते हैं, जब आप असली बादाम खा रहे हों। बादाम की बढ़ती डिमांड की वजह से इसमें भारी मिलावट की जाती है और नकली बादाम भी बेचा जाता है। इस तरह के बादाम खाने से आपको फूड पॉइजनिंग से लेकर कैंसर तक कई कई गंभीर और जानलेवा समस्याएं हो सकती हैं।

नकली बादाम क्या हैं?

नकली बादाम असली बादाम की तरह दिखने वाले नकली या मिलावटी बादाम होते हैं, जो बाजार में सस्ते दामों पर बेचे जाते हैं। इनकी क्वालिटी एकदम खराब होती है, जिन्हें केमिकल्स से चमकाया जाता है। इनमें प्राकृतिक रूप से हाइड्रोजन सायनाइड (Hydrogen Cyanide) मौजूद होता है। नकली बादाम का स्वाद कड़वा होता है और इनमें शरीर को नुकसान पहुंचाने वाले तत्व हो सकते हैं।

नकली बादाम खाने के नुकसान- पेट में भर सकता है जहर

नकली या कड़वे बादाम में हाइड्रोजन सायनाइड (HCN) होता है, जो अत्यधिक जहरीला है। इसके कारण सांस लेने में दिक्कत, मितली, सिरदर्द, और गंभीर मामलों में मृत्यु हो सकती है।

लिवर और किडनी को नुकसान

इनमें मौजूद हानिकारक केमिकल्स लिवर और किडनी को गंभीर नुकसान पहुंचा सकते हैं। इसके सेवन से पाचन तंत्र पर बुरा प्रभाव पड़ता है। नकली बादाम खाने से पेट दर्द, दस्त, और पाचन संबंधी समस्याएं हो सकती हैं। इतना ही नहीं, नकली बादाम में इस्तेमाल किए गए केमिकल्स से एलर्जी, खुजली, और त्वचा पर रैशेज हो सकते हैं।

मानसिक स्वास्थ्य पर प्रभाव

नकली बादाम में मिलाए गए केमिकल्स मस्तिष्क की कोशिकाओं को नुकसान पहुंचा सकते हैं। यह याददाश्त और मानसिक संतुलन पर नकारात्मक असर डाल सकता है। इसके अलावा नकली बादाम बच्चों के विकास, इम्यूनिटी, और दिमागे कामकाज पर बुरा प्रभाव पड़ सकता है।

तंत्रिका तंत्र पर बुरा असर

नकली बादाम में मौजूद विषैले तत्व सिरदर्द, थकावट, और न्यूरोलॉजिकल समस्याएं पैदा कर सकते हैं। नकली बादाम में उपयोग किए गए खराब गुणवत्ता वाले तेल और फैट हृदय के लिए हानिकारक होते हैं। यह खराब कोलेस्ट्रॉल (LDL) को बढ़ा सकता है, जिससे दिल की बीमारियों का खतरा बढ़ता है।

नकली बादाम की जांच का पहला तरीका

शिखा अग्रवाल शर्मा के अनुसार, पहला तरीका है पॉलिश की जांच। बादाम को लाल रंग से पॉलिश करके बेचा जाता है ताकि वो खूबसूरत दिखें। जांचने के लिए 10-15 बादाम लेकर हथेलियों से रगड़ें। अगर आपके हाथों पर रंग लग जाए, तो इसका मतलब है कि बादाम में मिलावट है। ऐसा बादाम के टूटे हुए सिरों को छिपाने के लिए किया जाता है।

नकली बादाम की जांच का दूसरा तरीका

दूसरा तरीका है नमी की जांच। बादाम को कागज़ या टिशू पर दबाने से तेल के निशान बनते हैं। ज्यादा तेल वाले बादाम ताजे होते हैं। दुकानदार अक्सर बादाम को पानी के पास रखते हैं ताकि उनमें नमी बनी रहे। नमी वाले बादाम को कागज पर दबाने से तेल के निशान दोगुने दिखाई देते हैं। ऐसे बादाम को हल्का सा दबाने पर भी तेल निकलने लगता है। नमी की जांच के लिए 8-10 बादाम स्टील के बर्तन में डालकर हिलाएं। अगर आवाज पत्थर जैसी लगे, तो बादाम अच्छे हैं। लेकिन अगर धीमी आवाज आए, तो इसका मतलब है कि बादाम में मिलावट है।

तीसरा तरीका है आकार और रंग की जांच

बादाम को ध्यान से देखें। अगर उनके आकार में अंतर हो, तो समझ लीजिए कि बादाम में मिलावट है। विशेषज्ञों के अनुसार, अच्छी क्वालिटी के बादाम में कम क्वालिटी के बादाम मिलाकर बेचे जाते हैं। इसलिए, बादाम की जाँच सोने की तरह करें और फिर ही खरीदें।

यह लेख केवल सामान्य जानकारी के लिए है। यह किसी भी तरह से किसी दवा या इलाज का विकल्प नहीं हो सकता। ज्यादा जानकारी के लिए हमेशा अपने डॉक्टर से संपर्क करें।

बनते-बनते बिगड़ रहे काम या नहीं मिल रही हक की चीज, मंगलवार या शनिवार को करें यह टोटका, हर इच्छा होगी पूरीहिन्दू धर्म के ...
14/01/2025

बनते-बनते बिगड़ रहे काम या नहीं मिल रही हक की चीज, मंगलवार या शनिवार को करें यह टोटका, हर इच्छा होगी पूरी

हिन्दू धर्म के शास्त्रों में मंगलवार और शनिवार का दिन बेहद शुभ माना गया है. इस दिन कुछ उपाय करने से आपके भिगड़ते हुए काम बनने लगेंगे. आइए जानते हैं.

यदि आपके जीवन में आपका कोई काम नहीं बन रहा है. काम बनते-बनते अधूरा रह जा रहा है. यहां तक कि आपके हक की भी चीज नहीं मिल पा रही है, तो मंगलवार या शनिवार के दिन ये उपाय करें. इसे करने से आपके सभी काम बनने लगेंगे.

मंगलवार और शनिवार का दिन हनुमान जी को समर्पित है. ऐसा मानना है कि इन दिनों सच्चे मन से हनुमान जी की पूजा अर्चना करने से हनुमान जी अपने भक्तों की हर पीड़ा को हरते हैं और भक्तों की मनोकामना पूरी करते हैं. गुमला के आंजन धाम मर्यादा पुरूषोतम राम के सबसे प्रिय भक्त हनुमान की जन्मस्थली मानी जाती है. जो जिला मुख्यालय से लगभग 19 किमी दूर है. घने जंगल, ऊंची पहाड़ियां की चोटी में स्थित है.

मां अंजनी ने भगवान हनुमान को यहां दिया था जन्म

मान्यता है कि इसी पहाड़ी की गुफा में माता अंजनी ने भगवान हनुमान को जन्म दिया था. आंजन धाम चारों ओर हरे भरे पेड़ पहाड़ से घिरा हुआ है. यहां हनुमान जी अपने बाल स्वरूप में माता अंजनी की गोद में विराजमान हैं. यह अति दुर्लभ प्रतिमा के लिए जाना जाता है. यह पवित्र स्थल भक्तों के लिए आस्था और प्राकृतिक सौंदर्य का अद्वितीय संगम है.

आंजन धाम के पुजारी केदारनाथ पांडे ने बताया कि मंगलवार व शनिवार का दिन हनुमान जी को समर्पित है. इस दिन अच्छे से स्नान कर लाल लंगोट पहन कर ये अचूक उपाय करने से हनुमान जी प्रसन्न होते हैं और आपका जो काम है वह बनने लगता है.

जानें अचूक उपाय

मंगलवार या शनिवार के दिन सवा मीटर लाल कपड़ा, बाजना नारियल (नारियल को हिलाने से जो बजेगा), सवा दो रूपये और चुटकी भर सिंदूर लें. कपड़े को इस तरह से मोड़ें की त्रिभुज की आकृति बने. उसके बाद उपरोक्त सभी चीजों को उसमें रख दें. उसके बाद आपका जो काम नहीं बन रहा है ,आपका हक नहीं मिल रहा है या आपकी जो भी मनोकामना है. उसे बोलकर उस कपड़ा को बांध दें.और उसे हनुमान जी के मंदिर में चढ़ा दें या फिर अपने घर में ऊंची जगह टांग दें. आप पीपल के पेड़ के पास भी रख सकते हैं. इससे आपकी जो भी इच्छा है वह पूरी होगी.

इन बातों का रखें ध्यान

पेड़ में टांगते समय यह ध्यान रखें कि वह पीपल का ही पेड़ हो, बहुत से लोग क्या करते हैं कि कोई भी पेड़ पर टांग देते हैं. ऐसा करने से आपका हक नहीं मिलेगा. पीपल के पेड़ के पास रखें या टांगें, या फिर हनुमान जी के मंदिर पर रखें. दूसरे पेड़ पर टांगने से कोई फायदा नहीं होगा. जगह विशेष पर रखने से ही हनुमान जी प्रसन्न होते हैं.

दो चार नहीं, पूरे 10 साल पहले कैंसर की चेतावनी देते हैं 13 लक्षण, फर्स्ट स्टेज का इंतजार ना करेंकैंसर का पता आयुर्वेद से...
10/01/2025

दो चार नहीं, पूरे 10 साल पहले कैंसर की चेतावनी देते हैं 13 लक्षण, फर्स्ट स्टेज का इंतजार ना करें

कैंसर का पता आयुर्वेद से लगाया जा सकता है। जिन लोगों की प्रकृति कफ दोष से प्रबल होती है, उन्हें इसका ज्यादा खतरा होता है। डॉक्टर रेखा ने ऐसे लोगों के लिए उपाय बताया है और 13 लक्षणों से अपनी प्रकृति के बारे में जानकारी ले सकते हैं।

कैंसर ठीक न होने का सबसे बड़ा कारण यह है कि इसका पता बहुत देर से चलता है। अगर इस बीमारी को शुरुआत में ही पकड़ लिया जाए तो मरीज आराम से बच जाता है। आयुर्वेद में तो इतनी ताकत है कि यह कैंसर शुरू होने के 10 साल पहले ही बता सकता है। यह तरीका हमारे पूर्वजों को पता था, जिन्होंने आयुर्वेद लिखा या पढ़ा।

आयुर्वेदिक लेख कहते हैं कि हर किसी की एक प्रकृति होती है, जो कि वात, पित्त और कफ दोष से बनती है। किसी के अंदर एक दोष की प्रकृति हो सकती है तो किसी की दो दोष या तीनों दोष मिलाकर बनती है। इनका संतुलन में रहना आवश्यक है वरना कई सारी बीमारियों का खतरा बन जाता है।

इनमें से एक प्रकृति ऐसी है जिसे कैंसर का खतरा सबसे ज्यादा होता है। आयुर्वेदिक एक्सपर्ट डॉ. रेखा राधामोनी एक पोस्ट में लिखती हैं कि स्वास्थ्य के मामले में हमारे पूर्वज काफी आगे थे और उनके पास सभी सवालों के जवाब थे। आयुर्वेद से हम पता कर सकते हैं कि आज से 10 साल बाद भी कैंसर हो या नहीं, 5 साल बाद डायबिटीज होगी या नहीं? इससे आप पहली स्टेज शुरू होने से पहले ही बीमारी को पकड़ सकते हैं।

कैंसर का पता कैसे लगाएं?

प्रकृति में छिपे हैं संकेत

जिन लोगों की प्रकृति कफ है, उन्हें किसी के मुकाबले भी कैंसर का कई गुना खतरा होता है। डॉक्टर के अनुसार कफ प्रकृति की वजह से शरीर के अंदर फैट, म्यूकस, सेल, टिश्यू या किसी भी तरह की ग्रोथ, जमाव, बढ़ने आदि की संभावना अधिक होती है।

कुछ नहीं कर सकता इंसान

​शरीर की प्रकृति को बदला नहीं जा सकता है। यह एक सच्चाई है, लेकिन इसे संतुलित रखने के लिए उपाय किए जा सकते हैं। इससे कैंसर समेत कई सारी असंतुलित कफ से होने वाली बीमारियों को टाला जा सकता है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि इस प्रकृति का पता कैसे लगा सकते हैं।

कफ प्रकृति होने के 13 लक्षण

​भारतीय शोधकर्ताओं का एक अध्ययन एनसीबीआई पर प्रकाशित है, जिसके अंदर इस दोष के मजबूत होने के लक्षण बताए गए हैं।
चौड़ा शरीर
ढील-डौल होना
स्मूथ, मुलायम और साफ रंगत की त्वचा
मोटे और घने बाल
मोटे होने की संभावना
कमजोर पाचन
कम शारीरिक गतिविधि और धीमी चाल
ठंड या गर्म तापमान के अनुकूल
टॉक्सिक पदार्थ का बढ़ना
नई चीजों में कम रूचि
सीखने में धीमे मगर याद रखने में मजबूत
उम्र के लक्षणों का धीमा दिखना
डायबिटीज, मोटापा, एथेरोस्क्लेरोटिक कंडीशन का खतरा

कैसे करें कैंसर से बचाव?

अगर आपके शरीर में ये लक्षण प्रबल हैं तो कफ प्रकृति हो सकती है और कैंसर का खतरा भी। ऐसे लोगों को डॉक्टर रेखा ने एक्सरसाइज, व्यायाम, योगा, जिम करने की सलाह दी है। ये चीजें ही इस दोष को संतुलित कर सकती हैं और खतरा कम हो सकता है।

डॉक्टर से भी कर सकते हैं बात

कुछ लोगों में एकसाथ कई दोष होते हैं, जिस वजह से वो सही प्रकृति का पता नहीं लगा सकते हैं। ऐसी स्थिति में किसी एक्सपर्ट या डॉक्टर से परामर्श कर सकते हैं, जो आपको सही जानकारी उपलब्ध करवा देगा।

यह लेख केवल सामान्य जानकारी के लिए है। यह किसी भी तरह से किसी दवा या इलाज का विकल्प नहीं हो सकता। ज्यादा जानकारी के लिए हमेशा अपने डॉक्टर से संपर्क करें।

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