25/05/2026
मेरे प्यारे बच्चों,
गर्मी की छुट्टियाँ आप सभी के लिए आनंद, उत्साह और नई सीख लेकर आती हैं। यह समय केवल खेलने और विश्राम का ही नहीं, बल्कि स्वयं को नई दिशाओं में विकसित करने का भी अवसर है। किशोर एवं युवा विद्यार्थी इन अवकाशों में नई भाषा, कंप्यूटर, संगीत, चित्रकला अथवा कोई नया कौशल सीखकर अपने व्यक्तित्व को और निखार सकते हैं।
प्रिय अभिभावकों, आपसे मेरा विनम्र आग्रह है कि बच्चों को इन छुट्टियों में ननिहाल एवं ददिहाल अवश्य ले जाएँ। परिवार के साथ बिताया गया समय बच्चों को संस्कार, परंपराएँ, अपनापन और रिश्तों का महत्व सिखाता है। दादा-दादी एवं नाना-नानी का स्नेह बच्चों के जीवन में अमूल्य अनुभव जोड़ता है।
ग्रीष्मावकाश के दौरान बच्चों को प्रकृति के निकट लाने का भी प्रयास करें। उन्हें पेड़-पौधों, पशु-पक्षियों और पर्यावरण के महत्व से परिचित कराएँ। सुबह की सैर, पौधारोपण तथा जल संरक्षण जैसी छोटी-छोटी आदतें उनके जीवन में सकारात्मक परिवर्तन ला सकती हैं।
साथ ही, मेरी आप सभी से विशेष अपील है कि इन छुट्टियों को “प्लास्टिक मुक्त अवकाश” बनाने का संकल्प लें। प्लास्टिक का कम उपयोग करें और स्वच्छ एवं सुरक्षित पर्यावरण के निर्माण में अपना योगदान दें। याद रखिए, छोटे-छोटे प्रयास ही भविष्य के बड़े परिवर्तन का आधार बनते हैं।
आप सभी को सुखद, सुरक्षित एवं ज्ञानवर्धक ग्रीष्मावकाश की हार्दिक शुभकामनाएँ।