08/09/2021
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कैबिनेट मंत्री, राज्य मंत्री और राज्यमंत्री स्वतंत्र प्रभार में क्या अंतर होता है? इनके पॉवर.!
What are Cabinet Ministers, Ministers of State (Independent Charge), Ministers of State?क्या आप कैबिनेट मंत्री, राज्य मंत्री और राज्यमंत्री स्वतंत्र प्रभार म...
24/01/2021
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19/01/2021
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12/01/2021
🌻🌼आइये जाने 12 जनवरी का महत्व 🌼🌻
12 जनवरी "राष्ट्रीय युवा दिवस" NATIONAL YOUTH DAY
●वर्ष 1985 के बाद से प्रत्येक वर्ष स्वामी विवेकानंद की जयंती के मौके राष्ट्रीय युवा दिवस मनाया जाता है।
उद्देश्य :
●राष्ट्र निर्माण की प्रक्रिया में युवाओं के महत्व के बारें में जागरूक स्वामी विवेकानंद के आदर्शों और विचारों को सम्मान देने हेतु राष्ट्रीय युवा दिवस मनाया जाता है।
●उन्होंने हमेशा युवाओं की क्षमता का दोहन करने पर ध्यान केंद्रित किया। शिक्षा व शांति के हथियार से दुनिया को जीतने की प्रेरणा उन्होंने हमेशा युवा पीढ़ी को दी ताकि वे देश हित में अपना श्रेष्ठ योगदान दे सकें।
स्वामी विवेकानंद (वेदान्त के विख्यात और प्रभावशाली आध्यात्मिक गुरु)
(12 जनवरी 1863 - 4 जुलाई 1902)
जन्म स्थान – कलकत्ता (कोलकाता)
मृत्यु - 4 जुलाई 1902 बेलूर मठ, ब्रिटिश राज (अब बेलूर, पश्चिम बंगाल)
बचपन का नाम – नरेन्द्र दत्त
शिक्षा :
●वर्ष 1881 - ललित कला की परीक्षा उत्तीर्ण की
●वर्ष 1884 - स्नातक (कला)
●पश्चिमी दर्शन और यूरोपीय इतिहास का अध्ययन जनरल असेंबली इंस्टिटूशन (वर्तमान में स्कॉटिश चर्च कॉलेज) में किया था।
●गुरु - रामकृष्ण परमहंस
लोकप्रिय कथन :
●"उठो, जागो और तब तक नहीं रुको जब तक लक्ष्य की प्राप्ति ना हो।
दर्शन व साहित्य :
●आधुनिक वेदांत, राजयोग (पुस्तक)
विशेष :
●वर्ष 1893 - शिकागो में विश्व धर्म संसद में उनका भाषण जो "अमेरिका की बहनों और भाइयों" के संबोधन के साथ शुरू हुआ था वह दर्शन की दुनिया में आज भी एक आदर्श है।
●रामकृष्ण मठ, रामकृष्ण मिशन और वेदांत सोसाइटी की नींव रखी।
03/01/2021
सावित्रीबाई ज्योतिराव फुले (3 जनवरी 1831 – 10 मार्च 1897) भारत की प्रथम महिला शिक्षिका, समाज सुधारिका एवं मराठी कवियत्री थीं। उन्होंने अपने पति ज्योतिराव गोविंदराव फुले के साथ मिलकर स्त्री अधिकारों एवं शिक्षा के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य किए। वे प्रथम महिला शिक्षिका थीं। उन्हें आधुनिक मराठी काव्य का अग्रदूत माना जाता है। 1852 में उन्होंने बालिकाओं के लिए एक विद्यालय की स्थापना की।
🌸परिचय
सावित्रीबाई फुले का जन्म 3 जनवरी 1831 को हुआ था। इनके पिता का नाम खन्दोजी नैवेसे और माता का नाम लक्ष्मी था। सावित्रीबाई फुले का विवाह 1840 में ज्योतिबा फुले से हुआ था।
सावित्रीबाई फुले भारत के पहले बालिका विद्यालय की पहली प्रिंसिपल और पहले किसान स्कूल की संस्थापक थीं। महात्मा ज्योतिबा को महाराष्ट्र और भारत में सामाजिक सुधार आंदोलन में एक सबसे महत्त्वपूर्ण व्यक्ति के रूप में माना जाता है। उनको महिलाओं और दलित जातियों को शिक्षित करने के प्रयासों के लिए जाना जाता है। ज्योतिराव, जो बाद में ज्योतिबा के नाम से जाने गए सावित्रीबाई के संरक्षक, गुरु और समर्थक थे। सावित्रीबाई ने अपने जीवन को एक मिशन की तरह से जीया जिसका उद्देश्य था विधवा विवाह करवाना, छुआछूत मिटाना, महिलाओं की मुक्ति और दलित महिलाओं को शिक्षित बनाना। वे एक कवियत्री भी थीं उन्हें मराठी की आदिकवियत्री के रूप में भी जाना जाता था।
🌸'सामाजिक मुश्किले'-
वे स्कूल जाती थीं, तो विरोधी लोग पत्थर मारते थे। उन पर गंदगी (गन्दगी) फेंक देते थे। आज से 171 साल पहले बालिकाओं के लिये जब स्कूल खोलना पाप का काम माना जाता था कितनी सामाजिक मुश्किलों से खोला गया होगा
सावित्रीबाई पूरे देश की महानायिका हैं। हर बिरादरी और धर्म के लिये उन्होंने काम किया। जब सावित्रीबाई कन्याओं को पढ़ाने के लिए जाती थीं तो रास्ते में लोग उन पर गंदगी(गन्दगी), कीचड़, गोबर, विष्ठा तक फेंका करते थे। सावित्रीबाई एक साड़ी अपने थैले में लेकर चलती थीं और स्कूल पहुँच कर गंदी(गन्दी) कर दी गई साड़ी बदल लेती थीं। उनका संघर्ष हमें अपने पथ पर चलते रहने की प्रेरणा बहुत अच्छे से देता हैं। ऐसी देवतुल्य महान नारी की जयंती पर की और से शत शत नमन 😊😊🙏🌸🌸
02/01/2021
https://youtu.be/9JxN0Crtvpc
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