20/12/2024
हमारे आराध्य, बाबा साहेब...🙏😇💙
वैसे तो मैं आस्तिक नहीं हूं जो बाबा साहेब को भगवान कहूं और ना ही नास्तिक हूं जो उन्हें महज एक साधारण इंसान कहूं! लेकिन मैं धार्मिक जरुर हूं, मेरे बाबा साहेब की तरह ! इसलिए उन्हें अपना उद्धारक या आराध्य पुरुष जरुर कहूंगा ! मेरे बाबा साहेब ने तथाकथित हिंदू धर्म के धर्मग्रंथ ऋग्वेद के पुरुष सूक्त में वर्णित चातुर्वर्ण्य सिद्धांत के कारण जीवन भर हुए दुर्व्यवहार से परेशान हो कर 14 नवंबर 1956 के दिन इस भेदभावपूर्ण धार्मिक व्यवस्था का तो त्याग कर दिया और तथागत बुद्ध के बताए मार्ग पर चल निकले ! लेकिन बदले के भाव से कभी उन्होंने अपनी धार्मिकता (आध्यात्मिकता) नहीं त्यागी ! उन्होंने अपनी धार्मिकता को सिद्ध करने और संपूर्ण मानवता को निर्वाण/मुक्ति/मोक्ष का मार्ग सुझाने के उद्देश्य से अपने जीवन के अंतिम दिनों में एक ग्रंथ की रचना की [ भगवान बुद्ध और उनका धम्म (Original - The Buddha and his Dhamma)] जो हमें तथागत बुद्ध के द्वारा बताए गए मार्ग तक ले जाता है।
स्वयं को अंबेडकरवादी बताने वाले लोग बताए कि अंबेडकरवाद का अंतिम लक्ष्य क्या है?
शिक्षित बनो! संगठित रहो और संघर्ष करो !
जय भीम ! 🙏😇💙
10/05/2024
20/04/2024
17/04/2024
17/04/2024
15/04/2024
29/01/2024