Dhammapada Buddha's teachings

Dhammapada Buddha's teachings

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All about of Buddha teaching

03/05/2026

विचार मन की लहरें हैं,
और ध्यान उस सागर की गहराई है
जहाँ लहरें उठती भी हैं और शांत भी हो जाती हैं।
जब ध्यान नहीं होता,
तो व्यक्ति हर विचार को सत्य मान लेता है।
क्रोध आया तो लगता है मैं क्रोधित हूँ,
भय आया तो लगता है मैं भय ही हूँ।
लेकिन जब ध्यान में उतरते हैं,
तो व्यक्ति देखता है कि
विचार आते हैं, जाते हैं,
पर मैं विचार नहीं हूँ।
ध्यान विचारों को तुरंत रोकता नहीं,
पर उनसे दूरी और स्पष्टता देता है।
धीरे-धीरे विचारों का शोर कम होता है,
और भीतर मौन प्रकट होने लगता है।

Photos from Dhammapada Buddha's teachings's post 01/05/2026
30/04/2026
07/04/2025

A.P प्रकृति की सुंदरता

23/03/2025

गौतम बुद्ध के उपदेश बौद्ध धर्म की नींव हैं और इन्हें सरल, गहन, और व्यावहारिक जीवन दर्शन के रूप में देखा जाता है। बुद्ध ने अपने उपदेशों को मुख्य रूप से पाली और प्राकृत भाषाओं में दिया था, जो बाद में विभिन्न ग्रंथों में संकलित हुए। इनमें सबसे प्रसिद्ध हैं "धम्मचक्कप्पवत्तन सूत्र" (पहला उपदेश) और "त्रिपिटक" (सुत्त पिटक, विनय पिटक, अभिधम्म पिटक)। यहाँ बुद्ध के प्रमुख उपदेशों का सारांश दिया जा रहा है:1. चार आर्य सत्य (Four Noble Truths):बुद्ध का सबसे महत्वपूर्ण उपदेश, जिसे उन्होंने सारनाथ में अपने पहले प्रवचन में दिया:दुख (सत्य): जीवन में दुख है - जन्म, बीमारी, बुढ़ापा, मृत्यु, और इच्छाओं की असफलता से दुख उत्पन्न होता है।दुख समुदाय (दुख का कारण): दुख का कारण तृष्णा (लालसा) है - भौतिक सुख, जीवन की चाह, या नष्ट होने की इच्छा।दुख निरोध (दुख का अंत): दुख को खत्म करना संभव है, जो निर्वाण (मोक्ष) के माध्यम से प्राप्त होता है।दुख निरोध गामिनी प्रतिपदा (दुख से मुक्ति का मार्ग): दुख से मुक्ति का रास्ता अष्टांगिक मार्ग है।2. अष्टांगिक मार्ग (Noble Eightfold Path):यह व्यावहारिक जीवन जीने का मार्ग है, जिसे "मध्यम मार्ग" भी कहा जाता है। यह आठ भागों में विभाजित है:सम्मा दिट्ठि (सम्यक दृष्टि): सही समझ - चार आर्य सत्य को समझना।सम्मा संकल्प (सम्यक संकल्प): सही इरादा - त्याग, करुणा, और अहिंसा की भावना।सम्मा वाचा (सम्यक वाणी): सही वचन - सच बोलना, झूठ, निंदा, और अपशब्दों से बचना।सम्मा कम्मन्त (सम्यक कर्म): सही कर्म - हिंसा, चोरी, और अनैतिकता से दूर रहना।सम्मा आजीव (सम्यक आजीविका): सही आजीविका - ऐसा जीवन यापन जो दूसरों को नुकसान न पहुँचाए।सम्मा वायाम (सम्यक प्रयास): सही प्रयास - बुरे विचारों को रोकना और अच्छे विचारों को बढ़ाना।सम्मा सति (सम्यक स्मृति): सही ध्यान - वर्तमान में जागरूक रहना।सम्मा समाधि (सम्यक समाधि): सही एकाग्रता - ध्यान के माध्यम से मन को शांत करना।3. अनित्य, दुख, अनात्म (तीन लक्षण):अनित्य (Impermanence): सब कुछ बदलता है, कुछ भी स्थायी नहीं है।दुख (Suffering): अनित्यता के कारण सांसारिक चीजों से सुख की उम्मीद दुख लाती है।अनात्म (No-Self): कोई स्थायी "आत्मा" नहीं है; हम पांच स्कंधों (रूप, वेदना, संज्ञा, संस्कार, विज्ञान) का संयोजन मात्र हैं।4. करुणा और मैत्री (Compassion and Loving-Kindness):बुद्ध ने सभी प्राणियों के प्रति करुणा और प्रेम की भावना पर जोर दिया। "मैत्री भावना" में सभी के सुख और शांति की कामना करना सिखाया गया।5. मध्यम मार्ग (Middle Path):बुद्ध ने extremes (अति सुख-सुविधा या अति तपस्या) से बचने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि संतुलित जीवन ही निर्वाण की ओर ले जाता है।6. कर्म और पुनर्जन्म:बुद्ध ने कर्म के सिद्धांत को स्वीकार किया - हमारे अच्छे या बुरे कर्म हमारे भविष्य को प्रभावित करते हैं, यहाँ तक कि अगले जन्म तक। लेकिन उन्होंने आत्मा की बजाय चेतना के निरंतर प्रवाह पर जोर दिया।7. ध्यान और mindfulness:बुद्ध ने "विपश्यना" और "समatha" ध्यान की तकनीकों को सिखाया। यह मन को शांत करने और सच्चाई को देखने का तरीका है। उन्होंने कहा, "अप्प दीपो भव" यानी "अपना दीपक स्वयं बनो।"प्रमुख उपदेशों के उदाहरण:सारनाथ का पहला उपदेश: पांच भिक्षुओं को चार आर्य सत्य और अष्टांगिक मार्ग सिखाया।आनंद को उपदेश: मृत्यु से पहले बुद्ध ने अपने शिष्य आनंद को कहा कि धर्म और विनय ही उनके बाद मार्गदर्शक होंगे।कलाम सूत्र: बुद्ध ने कहा कि किसी भी बात को आँख मूंदकर न मानें, बल्कि उसे तर्क, अनुभव, और विवेक से परखें।बुद्ध के उपदेशों का प्रमाण कहाँ मिलता है?धम्मपद: बुद्ध के सूत्रों का संग्रह, जो नैतिकता और जीवन दर्शन सिखाता है।त्रिपिटक: बौद्ध ग्रंथ, जिसमें उनके उपदेश संकलित हैं।स्तूप और शिलालेख: अशोक के शिलालेखों में बुद्ध के उपदेशों का उल्लेख है।ऐतिहासिक स्थल: सारनाथ, बोधगया, राजगृह, और कुशीनगर जैसे स्थान उनके उपदेशों से जुड़े हैं।बुद्ध के उपदेश आज भी प्रासंगिक हैं क्योंकि वे शांति, आत्म-जागरूकता, और मानवता की सेवा पर केंद्रित हैं। क्या आप किसी खास उपदेश या उसके पहलू के बारे में और जानना चाहते हैं?

Photos from Dhammapada Buddha's teachings's post 16/03/2025

होलिका दहन की काल्पनिक पकड़ा कर होली पर खेलने की मनगढ़त खेल रचा गया।
यही नहीं नरसिंह अवतार करा होलिका के भाई हिरणकश्यप की हत्या करवाई गई कागज के पन्नों पर पिछले 500 सालों के अंदर।
जबकि पुरातत्व सबूत डंके की चोट पर कह रहा है कि नरसिंह कोई ब्राह्मणवादी अवतार नहीं बल्कि बुद्धिज़्म की शिल्पकला है।
खुद बुद्ध को नरसिंह कहा गया है यही नहीं शिल्पकला में नरसिंह के ऊपर बुद्ध बैठे हुए बनाये है। और तो और इसे विष्णु नहीं विसनू कहा जाता है जो पाली का शब्द है।
11 वी सदी तक भी नरसिंह बुद्धिज़्म का हिस्सा थे सवाल यह है कि कब उन्हें बुद्ध से दूर कर विष्णु का अवतार घोषित कर कहानी कागज पर बदली गई ?
किस प्रकार ब्राह्मण लोगों ने फर्जी काल्पनिक कहानी आप लोगों को पकड़ा दिया है सच्चा इतिहास आप लोगों को चीनी बौद्ध यात्री हृॆनसांग की भारत-यात्रा के माध्यम से जान सकते हैं

बौद्ध अस्तरो में ब्राह्मण लोग अवैध कब्जा करके बैठा हुआ है क्या सरकार का भी इसमें हाथ है।/ J.K.B 05/03/2025

https://youtu.be/fdQx95lJ64I?si=PJjHFqtDSVeNDxOE

बौद्ध अस्तरो में ब्राह्मण लोग अवैध कब्जा करके बैठा हुआ है क्या सरकार का भी इसमें हाथ है।/ J.K.B बौद्ध अस्तरो में ब्राह्मण लोग अवैध कब्जा करके बैठा हुआ है क्या सरकार का भी इसमें हाथ है।/ J.K.B बौद्ध अस्तरो में ब्राह.....

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