16/10/2025
राष्ट्रीय वेबिनार
राष्ट्रीय वेबिनार में विशेषज्ञों ने बताया — रोजगारपरक शिक्षा में कृत्रिम बुद्धिमत्ता की बढ़ती भूमिका
“रोजगारपरक शिक्षा एवं औद्योगिक कौशल विकास में कृत्रिम बुद्धिमत्ता की संभावना” विषय पर राष्ट्रीय वेबिनार का सफल आयोजन
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शासकीय महाविद्यालय पृथ्वीपुर के तत्वावधान में “रोजगारपरक शिक्षा एवं औद्योगिक कौशल विकास में कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) की संभावना” विषय पर एक दिवसीय राष्ट्रीय वेबिनार का सफल आयोजन किया गया।
इस कार्यक्रम में देश के विभिन्न राज्यों से शिक्षाविद्, शोधार्थी एवं विद्यार्थी ऑनलाइन माध्यम से जुड़े।
कार्यक्रम का शुभारंभ माँ सरस्वती के चित्र के समक्ष दीप प्रज्वलन एवं वंदना से हुआ।
महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. पदम नारायण ने स्वागत भाषण देते हुए कहा कि “कृत्रिम बुद्धिमत्ता उच्च शिक्षा को अधिक प्रभावशाली, प्रयोगात्मक और रोजगारोन्मुख बना सकती है। विद्यार्थियों को नई तकनीक के अनुरूप अपने कौशल का विकास करना चाहिए।”
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि डॉ. यतेन्द्र कुमार सिंह, कुलसचिव, लक्ष्मीबाई राष्ट्रीय शारीरिक शिक्षण संस्थान, ग्वालियर ने अपने प्रेरक उद्बोधन में कहा कि “AI केवल तकनीक नहीं, बल्कि सोचने का एक नया तरीका है, जो मनुष्य की सृजनात्मकता को और प्रखर बनाता है। उच्च शिक्षा में इसका समावेश गुणवत्तापूर्ण शिक्षा की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।”
मुख्य वक्ता डॉ. त्र्यंबक हिबरकर (निर्देशक एवं सलाहकार, ए.एस.एम. समूह) ने अपने वक्तव्य में कहा कि “AI और मशीन लर्निंग शिक्षा एवं उद्योग के बीच की दूरी को कम कर रहे हैं। आने वाले वर्षों में AI आधारित कौशल सबसे अधिक रोजगार सृजित करेंगे।”
डॉ. प्रशांत सिंह (निदेशक एवं AI विशेषज्ञ, AI गौमूत्र एवं वरिष्ठ अनुसंधान एवं शिक्षा संस्थान) ने कहा कि “कृत्रिम बुद्धिमत्ता केवल औद्योगिक क्षेत्र तक सीमित नहीं, बल्कि स्वास्थ्य, कृषि, पर्यावरण एवं शिक्षा जैसे क्षेत्रों में भी नए अवसर खोल रही है। विद्यार्थियों को डिजिटल दक्षता विकसित करनी चाहिए ताकि वे भविष्य की चुनौतियों के लिए तैयार रहें।”
वहीं प्रो. बृजेंद्र सिंह बौद्ध (बुंदेलखंड डिग्री कॉलेज, झांसी) ने कहा कि “AI का उपयोग तभी सार्थक है जब इसका उद्देश्य मानव कल्याण और रोजगार सृजन हो। शिक्षा जगत को तकनीक के साथ मानवीय मूल्यों का संतुलन बनाए रखना चाहिए।”
कार्यक्रम के मुख्य संरक्षक डॉ. नीरज दुबे, अधीक्षक संचालक, म.प्र. उच्च शिक्षा विभाग, सागर संभाग ने अपने संदेश में कहा कि “ऐसे आयोजन विद्यार्थियों में शोधोन्मुखी दृष्टिकोण और कौशल विकास की भावना को प्रोत्साहित करते हैं।”
वेबिनार के संयोजक डॉ. सिद्धार्थ श्रीनेत ने बताया कि इस कार्यक्रम में देशभर से अनेक प्रतिभागी जुड़े और उन्होंने विषय पर अपने विचार, प्रश्न एवं अनुभव साझा किए।
अंत में आभार प्रदर्शन डॉ. प्रवीण कुमार लिटोरिया द्वारा किया गया। उन्होंने सभी मुख्य अतिथियों, वक्ताओं, प्रतिभागियों एवं आयोजन समिति के सदस्यों का धन्यवाद ज्ञापित करते हुए कहा कि “आप सभी का उत्साह और सहभागिता ही हमारे लिए सबसे बड़ा प्रेरणास्रोत है। भविष्य में भी ऐसे ज्ञानवर्धक आयोजनों का सिलसिला जारी रहेगा।” इस राष्ट्रीय वेबिनर में महाविद्यालय स्टाफ के सभी शैक्षणिक एवं गैर शैक्षणिक स्टाफ के साथ साथ बड़ी संख्या में विद्यार्थी उपस्थित रहे।
CM Madhya Pradesh Dr Mohan Yadav Collector Office Niwari Jansampark Madhya Pradesh