25/08/2023
झारखंड में आजकल "प्रेम प्रकाश - योगेन्द्र तिवारी" मॉडल चलता है। इस " प्रेम प्रकाश - योगेन्द्र तिवारी" मॉडल की स्थापना महान अर्थशास्त्री शिवगामिनी देवी द्वारा की गई थी।
"मेरा वचन ही है मेरा शासन"
पहले वो पाटलिपुत्र के राजदरबार की करीबी थीं। यदुवंशी साम्राज्य के महानायक के जेल जाने के दौरान अंचरा पसारकर रोने और दहाड़े मारने की तस्वीर खूब वायरल हुई थी।
उस दौर में किए गए उनके विकास कार्यों और असाधारण प्रतिभा को देखते हुए "अबकी बार, 60 पार " की सरकार ने उन्हें अपने सीने से लगा लिया। चीफ सेक्रेटरी जैसे पद से सुशोभित किया।
पाटलिपुत्र की यदुवंशी साम्राज्य की तरह ही छोटानागपुर के दास साम्राज्य को फॉरवर्ड- बैकवार्ड की चासनी चटाने के बाद शिवगमिनी देवी ने अपना काम शुरू कर दिया।
उन्होंने अपने खास सिपहसालार प्रेम प्रकाश को बिहार से बुलाया।
PP भाई पहले अंडा बेचते थे, छोटा मोटा फ्रॉड करते- करते RJD के बेलागंज विधायक सुरेंद्र यादव के किसी रिश्तेदार का पैसा गबन किया। सुरेन्द्र यादव ने इन्हें खूब कुटा । ऊंगली के नाखून को पिलास से उखड़वाने के बाद मारने वाले थे। लेकिन शिवगामिनी देवी ने उन्हें बचा लिया। इसके बाद प्रेम प्रकाश को शिवगामिनी देवी ने अपने गृह राज्य अज्ञातवास पर भेज दिया।
वक्त बदला, झारखंड की सत्ता के शीर्ष पर दास साम्राज्य की स्थापना हुई । दरबार में शिवगामिनी देवी की रौनक दोबारा लौटी। उन्होंने पीपी को ख़बर भिजवाया, कहां राजस्थान में छुपे हो, असली मलाई तो यहां है ।
शिवगामिनी देवी ने अपने गृह राज्य राजस्थान की ही एक और प्रतिभाशाली सिपहसालार सिंघल मैडम, बिहार के गया के अत्यंत प्रतिभाशाली युवा बरनवाल आदि के साथ मिलकर एक सिस्टम विकसित किया।
प्रेम प्रकाश के हिस्से ट्रांसफर- पोस्टिंग, दारू, टेंडर मैनेजमेंट जैसे छोटे मोटे काम दिए गए। बड़े काम शिवगमिनी देवी ,सिंघल मैडम और बरनवाल खुद देखते थे।
उसी दौर में योगेंद्र तिवारी का भी समानांतर जलवा था। योगेंद्र तिवारी झारखंड विकास मोर्चा को भी फंड देते थे और झामुमो को भी। इनके व्यापारिक संबंध बीजेपी के विधायकों के भी साथ थे और कांग्रेस के बड़े नेताओं के साथ भी। बल्कि कहा तो ये जाता है कि वर्तमान सरकार में खज़ाना संभालने वाले मंत्री के बेटे के ये पार्टनर हैं ?
लालूजी के शब्दों में ये सब बस एक ही नीति का पालन करते थे - "There is no Black Money, धन भी कभी करिया होता है?"
क्रमशः
कहानी के अगले हिस्से में देखिए कि "अबुआ राज की बबुआ सरकार" ने कैसे एक- दो लोगों को जोड़- घटाकर शिवगामिनी देवी के उसी सिस्टम को अपना लिया गया।
सिंघल मैडम के फंसने की पूरी कहानी और दो IAS के बीच Ego का झगड़ा ।
तस्वीर: शिवगमिनी देवी की गोद में उनके दोनो बच्चे प्रेम प्रकाश और योगेन्द्र तिवारी