Ishq Allah Faqhar Allah

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sirf or sirf tana tan sunni bhai like kare

22/09/2024

Love you shona baba always with you

28/07/2024

Enjoy with buddy

Photos from Ishq Allah Faqhar Allah's post 17/09/2023

लंगर-ए-मुस्तफ़ा अरब मुल्क की तस्वीर

मुस्तफ़ा करीम के लिए इस्लाम का पहला लंगर जनाबे अबू तालिब ने किया था

दावत-ए-जुलअशिरा

13/02/2023

Aye Momino Niyaz Dilao imam Ki
Baqir Ke Lal Sahib e Aali Maqam Ki

23/01/2023

An 1894 map of historic Palestine from the archive of the late Syria Ottoman Railway Company.

13/01/2023

विलादत ए बा'सआदत

सैय्यदा ए क़ायनात,
तैय्यबा, ताहिरा,
आबिदा, जाहिदा
खातून ए जन्नत
खेरून्निशा
शहज़ादी ए रसूल (सल्लल्लाहु व अलैही वसल्लम)
मख्दूमा ए क़ायनात
मलिका ए जन्नत

हज़रत फ़ातिमा ज़हरा (सलामुल्लाह अलैहा)!!💐💐

Zahid yunus Deshmukh ✍️

31/12/2022

आज रात बारह बजे के बाद रज़ब तैय्यब अर्दोंगान ख़लीफ़ा होंगे
और सऊदी वाले तुर्की में (सवा ख़ास) ड्राइवर की नौकरी करने जाया करेंगे~🤣

#2023 में उस्मानिया ख़िलाफ़त आ जाएगी 😂

26/11/2022

इससे बेहतरीन तस्वीर मेरी नज़र से अब तक नही गुज़री

या अल्लाह आलम-इस्लाम में अमन और इत्तिहाद पैदा हो
ये मिल्लत मुत्ताहिद और मुनज्ज़म हो जाए ♥️

तेरा मेरा रिश्ता क्या (ला इलाहा इल्लालाह)

26/11/2022

#तुर्की में सर्दियां आते ही जैकेट और गर्म कपड़े पेड़ पर टांग कर छोड़ दिए जाते है और एक पेपर साथ में लटका दिया जाता है

उस पेपर पर लिख दिया जाता है कि

"अगर आप मजबूर और गरीब है तो इसे पहन लीजिए वरना किसी गरीब को दे दीजिए"

इस तरह से गरीब और मजबूर इंसान जलील भी नही होता और उनकी मदद भी हो जाती है

और हमारे यहाँ एक किलो आटा भी दें तो दस बार फोटो खींच कर सोशल मीडिया पर डाल देते है

20/11/2022

टीपू सुल्तान (रहमतुल्लाह अलैह) ने मज़बूत नेवी का गठन किया था

उन्होंने हिन्दुस्तान के साहिलों की हिफ़ाज़त के लिए बसरा (ईराक़) बुशहर (ईरान) ओमान और अदन के बंदरगाहों की निगरानी शुरू की थी टीपू सुल्तान के नेवी में ग्यारह मेरीयम (Lord of Admiralty ) और तीस अमीर-उल-बहर थे जिनमें दस साहिल पर और बीस जहाज़ों पर रहते थे मल्लाहों की तादाद दस हज़ार पांच सौ बीस थी

1794 में सौ जंगी जहाज़ों की तय्यारी का हुक्म दिया था पूरा जहाज़ अपने तमाम कल पुर्जों समेत मैसूर के अंदर ही बनाया जाता था

(किताब - तारीख़ सल्तनत ए ख़ुदादाद, लेखक - महमूद खां बंगलौरी)

Photos from Ishq Allah Faqhar Allah's post 21/10/2022

फिलिस्तीनी गुटों का एक डेलीगेशन सीरियाई राष्ट्रपति बशर अल-असद के साथ दमिश्क में के दशकों से बिगड़े संबंधों के बाद ये पहला दौरा है

मुस्लिम मुल्कों की आपसी दूरियाँ कम हो रही हैं और ताल्लुक़ बहाल हो रहे हैं

फ़िलिस्तीन के हक़ में कुछ बेहतर होने वाला है हालात बता रहे हैं

Photos from Ishq Allah Faqhar Allah's post 21/10/2022

"जनरल कदूर बिन गबरीत जो मुफ्ती बना हुआ था"

तस्वीर में बिन गबरीत की कब्र है जिसपर फ़्रांस का मौजूदा राष्ट्रपति मैक्रोन हाज़िरी दे रहा ये अब क़ाबिले गौर बात ये है की इन इस्लामोफ़ोबिया से ग्रस्त नेता मुसलमान नामी कब्र पर क्या कर रहा है वो भी इतने प्रोटोकॉल के साथ क्योंकि कब्र में लेटा मुनाफिक इन्ही का एजेंट था जिसकी पूरी दास्तान नीचे लिखी naim भाई की पोस्ट में पढ़िए!!👇

1924 ईस्वी में खिलाफत उस्मानिया का खात्मा हुआ 1925 ईसवी में फ्रांस ने दमिश्क पर बमबारी की आलम ए इस्लाम के बहुत सी शख्सियतों ने इस बमबारी की हिमायत की जैसा कि मौजूदा जमाने में कई लोगों ने दहशत गर्दी के खिलाफ जंग के नाम पर इस्लाम के खिलाफ सलीबी जंग की हिमायत की

इनमें से एक पेरिस की मस्जिद का इमाम भी था याद रहे कि यही वह मस्जिद है जिसके इफ्तातह के लिए फ्रांस ने शायर ए मशरिक डॉक्टर अल्लामा मोहम्मद इकबाल को दावत दी थी और अल्लामा इकबाल ने यह कहकर उस दावत को रद कर दिया था कि यह दमिश्क को जलाने और तबाह करने की बहुत कम कीमत है

इस मस्जिद का पहला इमाम और खतीब कदूर बिन गबरीत को मुकर्रर किया गया था यह आदमी अल जज़ायर में एक मुफ्ती के तौर पर जाना जाता था मगर हकीकत में यह बहुत पहले बिका हुआ था

और फ्रेंच इंटेलिजेंस का अफसर था इसी ने खिलाफत उस्मानिया को गिराने के लिए बरतानिया से मदद लेने के जवाज का भी फतवा दिया था इसी के फैसले के बाद ही मुसलमानों ने पहली आलमी जंग में फ्रांस की फौज में शामिल होकर खिलाफत उस्मानिया के खिलाफ लड़ना शुरू किया

इसी ने खलीफा मोहम्मद रशाद पंजम को बगावत का फतवा दिया और अरबों को उनके खिलाफ खरूज की दावत दी
शायर ए मशरीक अल्लामा मोहम्मद इकबाल की तरफ से इस मस्जिद के इफ्तताह से इनकार की बहुत से इतिहासकारों ने तारीफ की है क्योंकि 1925 की बमबारी में दमिश्क तबाह हुआ और हजारों लोग मारे गए थे

अल जजायर से ताल्लुक रखने वाले अल्लामा अब्दुल हमीद बिन बादेस ने सबसे पहले अपने रिसाले जरीदा अल बसायर में इसका राज फाश किया किया की यह मुफ्ती फ्रेंच इंटेलिजेंस का अफसर है

मौजूदा दौर में भी मुसलमानों की सफों में ऐसे लोग हैं जो जाहिर तौर पर मुसलमान हैं मगर काम अपने सलीबी आका के लिए करते हैं उनका काम मुसलमानों को जद्दोजहद से दूर रहने की कोशिश करना जद्दोजहद की मुखालफत करना जैसा कि इससे क़ब्ल यही काम बहुत से लोगों ने किया है अपने आकाओं को खुश करने के लिए

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