23/12/2025
भूख शरीर की हो या स्वार्थ की, दोनों अंधा कर देते हैं
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भूखे कुत्ते और नीच प्रवृत्ति वाले इंसान पर भरोसा नहीं करना चाहिए!
✍️ #ज़िंदगी में सबसे बड़ा धोखा दुश्मन नहीं देता,
गलत समय पर किया गया भरोसा देता है! एक बात हमेशा याद रखिए, जिसके पास साधन नहीं, वह अवसर मिलते ही हदें तोड़ देता है! और जिसके पास चरित्र नहीं, वह भरोसा मिलते ही सीमाएँ तोड़ देता है!
भूखा कुत्ता पहले पूँछ हिलाता है, फिर दाँत दिखाता है, नीच इंसान पहले मीठा बोलता है, फिर वार करता है!
😂 #फनी लेकिन कड़वा सच
भूखा कुत्ता कहे - “बस रोटी दे दो”
नीच इंसान कहे - “बस मौका दे दो”
फर्क बस इतना है,
कुत्ता काटकर भाग जाता है, इंसान काटकर समझाता भी है कि उसने सही किया!
❤️ #इमोशनल_सीख:
हर मुस्कान में अपनापन या दोस्ती नहीं होती,
और हर विनम्रता या मदद के पीछे सच्चाई नहीं होती!
भरोसा करने से पहले चरित्र की भूख देख लो! क्योंकि भूखा कुत्ता दिख जाता है, किन्तु भूखी नियत पहचाननी पड़ती है!
#निष्कर्ष : हर जरूरत #मदद के लायक नहीं होती!
अतः दया रखो, लेकिन आँख खोलकर!
मदद करो, लेकिन हद बाँधकर! क्योंकि, दुनिया में सबसे खतरनाक लोग वो नहीं जो भूखे हैं, बल्कि वो हैं, जिनकी नीयत कभी नहीं भरती! धन्यवाद !!
मो• कमाल जावेद
#सुरजापुर_प्रतापगंज_सुपौल (बिहार)
#संपर्क_न• - 8877852144
01/12/2025
नियत, व्यवस्था और निरंतरता से आती है, समाज में सुधार!
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#समाज के गय्यूर हजरात!
जब किसी #सामाजिक_बुराई पर बात करनी हो, किसी मसले की जड़ पकड़नी हो, या समाज की बेहतरी के लिए कदम बढ़ाना हो, तभी हमारे जिम्मेदारों की फुर्सत जैसे हवा हो जाती है! लेकिन जैसे ही बात मदद इकट्ठा करने की आती है, अचानक भीड़ जुट जाती है, बड़े-बड़े जज़्बात, #दीन- #ईमान, #धर्म की होने लगती है, और ख्वाबों की लड़ी सामने आ जाती है! मगर हकीकत यह है कि वक्त गुजरने के साथ सब ठंडा पड़ जाता है! मसला वहीं का वहीं, हालात जस के तस होता है! कुछ दिनों बाद फिर मदद की पुकार, फिर वही दौड़, वही जज्बा… और फिर वही भुला देना!
इस सिलसिले को समझना बेहद जरूरी है! मदद तो मिल जाती है, लेकिन #मददगारों के लिए आसानियां और व्यवस्थित रास्ता हम तैयार नहीं करते! अगर हम उन्हें सहयोग, पारदर्शिता और भरोसे का माहौल देंगे, तभी वह आगे बढ़ेंगे और तरक्की करेंगे जिस से आगे, और भरपूर मदद दे पाएंगे!
लेकिन अफसोस आज परिवार में कमाने वाले गिने-चुने हैं, पर निर्भरता कई के हैं, जिसमें उसका गलत इस्तेमाल करने वाले परिवार के सदस्य भी हैं, जो कल उनके परिवार को कमज़ोर बना देगा! हमारी गुजारिश यही है कि हम उनके लिए अगर कुछ कर सकते हैं तो जरूर करें!
अगर समय रहते हम नहीं संभले, तो हमारा गांव, हमारा समाज तरक्की के बजाय ठहराव के अंधेरे में फंसा रहेगा! वक्त मांग रहा है कि हम सोचे, समझें, और व्यवस्थाओं को मजबूत करें, ताकि हर कोशिश सिर्फ इकट्ठी मदद पर नहीं, बल्कि स्थायी सुधार पर खड़ी हो!
अंत में प्रश्न:
“क्या हम सिर्फ मदद जमा करने तक सीमित रहेंगे, या मदद को सही दिशा देने की जिम्मेदारी भी उठाएंगे?”
मो. कमाल जावेद
(संस्थापक सह व्यवस्थाप)
चिल्ड्रेन च्वाइस पब्लिक स्कूल, सुरजापुर
सम्पर्क न•- 8877852144
19/11/2025
जीत आपकी; #कर्तव्य आपका; #विकास का रास्ता हर गली, हर दरी,
क्योंकि न #मतदाताओं में भेद, न ही समर्थक में है दूरी!!
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#लोकतंत्र की खूबसूरती यही है कि सरकार चाहे किसी पार्टी की बने, प्रतिनिधि किसी दल या निर्दलीय हों, वे सिर्फ़ अपने वोटरों के नहीं, पूरे क्षेत्र के जनप्रतिनिधि होते हैं!
जिसने वोट दिया, उसका भी हक़; और जिसने नहीं दिया, उसका भी अधिकार उतना ही पवित्र है!
इसलिए #लोकतांत्रिक धर्म यही मांग करता है कि चुना गया प्रतिनिधि किसी समुदाय, जाति या समर्थक समूह तक सीमित न रहे! वह पूरे समाज का सेवक है, उन आवाज़ों का भी, जिनसे वह सहमत नहीं था; उन परिवारों का भी, जहाँ उसकी तस्वीर पर कोई टिक मार्क नहीं लगा था!
व्यवहारिक राजनीति का असली चरित्र विकास, शांति और सौहार्द में दिखता है, न कि पक्षपात या ऐसी नीतियों में जो समाज को कमजोर और विभाजित कर दें!
जब #प्रतिनिधि पूरे क्षेत्र को एक परिवार मानकर काम करते हैं, तभी लोकतंत्र मजबूत और जनता का भरोसा बढ़ता है!
#चुनाव का परिणाम भले अलग-अलग भावनाएँ लाए, लेकिन शासन हमेशा सबके लिए होता है! इसलिए #मनभेद मिटा कर प्रतिनिधि और जनता एक दूसरे के सहयोगी बने और क्षेत्र के विकास का नज़ीर बने!
मो• कमाल जावेद
#सुरजापुर_प्रतापगंज_सुपौल(बिहार)
#सम्पर्क न•- 8877852144
16/08/2024
#78 वें स्वतंत्रता दिवस पर विशेष
#स्वतंत्रता एक यात्रा है, #मंजिल नहीं !
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आजादी का वास्तविक मतलब है– जहां प्रतिबंध का अभाव हो और बिना रोक टोक तथा किसी को नुकसान पहुंचाए बगैर अपने कार्यों को करते हुए, जीवन व्यतीत करना ! स्वतंत्रता का मतलब #अलगाव (Isolation) नहीं है, बल्कि परस्पर #निर्भरता और #सामुदायिक समर्थन इसके महत्वपूर्ण पहलू है !
ध्यान रहे – आपकी आज़ादी से किसी की आज़ादी को नुकसान हो तो फिर वो आज़ादी नहीं रह जाती है!
#राजनीतिक स्वतंत्रता के अलावा व्यक्तिगत, आर्थिक, भावनात्मक, बौद्धिक तथा आध्यात्मिक स्वतंत्रता भी आज़ादी के आयाम है, जिसकी स्वतंत्रता हमे हैं या नहीं इस पर भी गौर करने की आवश्कता है !
स्वतंत्रता एक मौलिक मानव अधिकार के रूप में है, जो लोगों को अर्थपूर्ण और उद्देश्यपूर्ण जीवन जीने की अनुमति देती है ! यह मानव विकास का एक अनिवार्य घटक है, जो व्यक्तिगत विकास, रचनात्मकता और नवाचार के लिए आवश्यक है !
💡 #लगभग 200 साल की #गुलामी के बाद हमारा देश भारत 15 अगस्त 1947 को राजनीतिक तौर पर आजाद हुआ, लेकिन अभी भी हम आर्थिक एवं सामाजिक स्वतंत्रता इत्यादि को प्राप्त करने में पूर्णरूपे स्वतंत्र नहीं हुए हैं ! भारत का असली व पूरा गौरव, इसकी सीमाओं में नहीं है, बल्कि इसकी संस्कृति, आध्यात्मिक मूल्यों तथा सार्वभौमिकता में है !
अतः स्वतंत्रता को यात्रा के रूप में पहचान कर निरन्तर आत्म सुधार की मानसिकता विकसित करते हुए हमे हर तरह से स्वतंत्र बनना होगा!
!!धन्यवाद!!
मो• कमाल जावेद
चिल्ड्रेन च्वाइस पब्लिक स्कूल
सुरजापुर, प्रतापगंज, सुपौल, बिहार
सम्पर्क न•– 8877852144, 7257998765
09/04/2024
शिक्षा का उद्देश्य तथ्यों को सिर्फ सीखना नहीं होता बल्कि दिमाग को प्रशिक्षित कर, जीवन के विभिन्न पहलुओं में उसका उपयोग करना है !
(मो• कमाल जावेद)
संपर्क न•~ 088778 52144
02/04/2024
संसार में ब्रह्म ही सत्य है, तथा जगत् मिथ्या है
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#आदि शंकराचार्य महाराज का जन्म #केरल के एक ब्राह्मण परिवार में सन 788 ई में, कलादी नामक गाँव में हुआ था ! वह 820 ईस्वी में 32 वर्ष की अल्पायु में गायब हो गए या संभवतः प्राण त्याग दिए थे! हिन्दू धार्मिक मान्यता के अनुसार उन्हें भगवान #शंकर का अवतार माना जाता है।
आदि शंकराचार्य जी को प्राचीन भारतीय ग्रंथों पर उनकी व्यवस्थित #समीक्षाओं और #टिप्पणियों के लिए जाना जाता है ! आदि शंकराचार्य ने जन-जन तक वेदों के ज्ञान को पहुंचाने के लिए देश भर में भ्रमण किया और #चार #मठों उत्तर(छत्तीसगढ़) में बद्रिकाश्रम (ज्योतिर्मठ), दक्षिण (कर्नाटक) में श्रृंगेरी, कांची, पूर्व(उड़ीसा) में पुरी गोवर्धन, तथा पश्चिम(गुजरात) में द्वारका मठ की स्थापना की! उन्होंने भारत में अपने #अद्वैत दर्शन का प्रचार किया और सिखाया कि सर्वोच्च ब्रह्म निर्गुण (गुणों के बिना), निराकार, निर्विशेष तथा अकर्ता है। ब्रह्म सभी आवश्यकताओं और इच्छाओं से ऊपर है !
आदि शंकाराचार्य जी ने 'ब्रह्म ही सत्य है और जगत माया तथा ' आत्मा की गति मोक्ष में है, का उपदेश दिया था ! #अर्थात :- आदि शंकराचार्य जी ने निराकार ब्रह्म को ही सत्य मानकर उनकी उपासना करने और एकात्मता का सिद्धांत दिए थे।
#नोट~ अपने बच्चों को मनुष्यता के सर्वोच्च गुण के साथ सर्वोच्च पदों पर आसीन करने हेतु अत्याधुनिक शिक्षा प्रणाली तथा वेदों पुराणों क़ुरान और बाइबिल की शिक्षा के लिए सम्पर्क करें ।
धन्यवाद !!
मो• कमाल जावेद
(संस्थापक सह व्यवस्थापक)
चिल्ड्रेन च्वाइस पब्लिक स्कूल, सुरजापुर
प्रतापगंज, सुपौल, बिहार
सम्पर्क न• ~ 8877852144, 7257998765
27/03/2024
आज के नौजवानों में सूद, सट्टेबाजी जुआ, नशा आम होता जा रहा है! इस तरह का नज़ारा पहले बड़े बड़े शहरों के झोपड़पट्टी या क्लबों में देखा जाता था, लेकिन अब तो ये छोटे छोटे कस्बों और गांवों में भी नज़र घुमाएंगे तो 10–10 साल के लड़के भी सामने दिखाई देंगे !
आज पढ़ाई के नाम पर अधिकांश बच्चे IPL हो या अन्य खेल मोबाइल एप पर सट्टा लगा रहें हैं, मोबाइल गेम खेल रहे हैं, रील्स बना रहे हैं, गुटबाजी और नशा कर रहे हैं ! जिस से अधिकांश अभिभावक कोसो दूर हैं, तो कई खुश भी हैं की मेरे लाडले, लाडली में हीरो हीरोइन बनने के सारे गुण हैं!
रिल्स बनाएं लेकिन सिर्फ एक प्रतिभा के लिए! उम्र के हिसाब से पहले शिक्षा पर ध्यान दिलाएं क्योंकि शिक्षा ही सम्पूर्ण व्यक्तित्व विकास करता है। और हां छोटे पौधे को ही ज्यादा देख भाल की ज़रूरत पड़ती है तब ही उसका सही विकास हो पाता है!
लेकिन इसी तरह सब चलता रहा तो याद रखें वो दिन दूर नही जब आपके संतति को किसी भी अमल का लत लग जाएगी, तो फिर आपकी भी नही सुनेंगे, और फिर शुरू होगा अपने ही औलाद को कोसने, समाज, रिश्तेदार को बुरा भला बोलने एवं खुद को डिप्रेशन का शिकार और मजबूर बना कर अफसोस के दौड़ का !
अतः अभिभावकों से अनुरोध है कि आप अपने रोजी-रोटी कमाने के लिए दिन रात जरूर एक किजिए लेकिन थोड़ा वक्त उनके लिए भी दीजिए जिनके लिए आप कमा रहे हैं ! उन्हें भी अपनी कमाई संभालने तथा बढ़ाने वाला बनाने के लिए उनके संगति, आचार, विचार, व्यवहार, एवं शिक्षा पर ध्यान दें।
30/05/2023
#ज़रूरत है वैसे लोगों की जो समाज की उन्नति में हिस्सेदारी को अपनी ज़िम्मेदारी समझते हैं !
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#शैक्षणिक क्षेत्र में समाज के ऐसे 100 सुधिजनों की तलाश है जो अपनी क्षमता और योग्यतानुसार अपना योगदान एक आदर्श विद्यालय की स्थापना मे दे सकें !
जहां समाज के सभी वर्ग के बच्चे- बच्चियों के लिए उच्च गुणवतापूर्ण शिक्षा आवासीय सुविधा के साथ उपलब्ध हो। मेधावी और आर्थिक रूप से कमज़ोर बच्चे-बच्चियां बिना भेद-भाव यहाँ के लाभार्थी हो सकें।
#सन्निमित्ते वरं त्यागो विनाशे नियते सती
(When death is certain die for the right cause)
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आवश्कता है दो सुयोग्य शिक्षकों की जिन्हें उचित स्थान, मान व ससमय वेतन उपलब्ध होगा। धन्यवाद।
कृपया शीघ्र सम्पर्क करें :
मो. कमाल जावेद
सुरजापुर, सुपौल, बिहार
#मो.न.~ 8877852144, 6205754840
29/01/2020
Respected parents,
We are going to celebrate Saraswati puja from 30th of January 2020 to 31 Jan 2020 in this connection our will remain closed and will reopen on coming soon Saturday Ist. February 2020
Thanks
Remember us in our prayer
Sd/ principal c.c.ps