Sai Leelashahji Gurukul, Sumerpur

Sai Leelashahji Gurukul, Sumerpur साँई लीलाशाहजी गुरुकुल

स्वतंत्रता दिवस  15 अगस्त
10/12/2020

स्वतंत्रता दिवस 15 अगस्त

अच्छा होता अगर तू भी सोया रहता !! | Guru Shishya Bodh Katha (Story) in Hindiबच्चों के दूसरे की चुगली करने के बुरे संस्का...
17/05/2020

अच्छा होता अगर तू भी सोया रहता !! | Guru Shishya Bodh Katha (Story) in Hindi

बच्चों के दूसरे की चुगली करने के बुरे संस्कार को किस प्रकार मिटायें और जो हमारी गलती बतायें तो किस प्रकार सुधार लाना चाहिए ? यह सीख देती हुई कहानी (Moral Story) बच्चों को जरूर सुनाएँ।

स्वामी सेवानंदजी (Swami Sewanand ji) के दो शिष्य थे – रामानंद (Ramanand) और चेतनानंद (Chetnanand)। ब्राह्ममुहूर्त में उठकर जप-ध्यान, संध्या,शास्त्राध्ययन करना उनका नित्य-नियम था । उनकी तत्परता देख स्वामी जी दोनों शिष्यों से संतुष्ट रहते थे ।

एक दिन रामानंद देर तक सोया रहा । चेतनानंद ब्राह्ममुहूर्त में उठकर अपना नित्य-नियम पूरा करके सेवा में लग गया ।
दूसरे दिन भी रामानंद ब्राह्ममुहूर्त के समय सोता हुआ मिला । इस प्रकार लगातार ३-४ दिन बीत गये।

आखिर चेतनानंद गुरुजी के पास पहुँचा और शिकायत करते हुए बोला : ‘‘गुरुदेव ! रामानंद आजकल प्रातः ईश्वरोपासना करता ही नहीं है । वह तो सोया ही रहता है ।”

गुरुजी बोले : ‘‘अच्छा होता अगर तू भी सोया ही रहता ।

चेतनानंद, स्वामीजी की यह बात सुनकर सकपका गया । वह तो सोच रहा था कि गुरुजी उससे प्रसन्न होंगे, शाबाशी देंगे लेकिन यह क्या, गुरुजी तो नाराज हो गये !

उसने साहस करते हुए फिर से कहा : ‘‘गुरुदेव ! मैं अपने बारे में नहीं, रामानंद के बारे में बात कर रहा हूँ । वह देर तक सोता रहता है, उसके बारे में क्या करना चाहिए ?

गुरुजी : ‘‘मैं रामानंद के बारे में चिंतित नहीं हूँ । मैं तुम्हारे बारे में चिंतित हूँ । मैं कहता हूँ कि तुम भी यदि सोये रहो तो अच्छा ही होता।”

‘‘ऐसा क्यों गुरुजी ? मेरे सोने से किसको लाभ होगा ?

‘‘तुमको ही लाभ होगा । तुम परनिंदा और राग-द्वेष से बचे रहोगे ।”

तब चेतनानंद ने तुरंत अपनी सफाई में कहा : ‘‘मैं निंदा नहीं कर रहा हूँ गुरुजी ! रामानंद सचमुच में ४ दिन से देर तक सोता रहता है । मुझे उसके प्रति द्वेष नहीं है,तभी तो मैं उसकी गलती गुरुजी को बता रहा हूँ जिससे वह सुधर जाय !

‘‘बेटा ! क्या तुमने ४ दिनों में यह जानने की कोशिश की कि रामानंद क्यों देर तक सोता रहता है ? क्या तुमको पता है कि उसे बुखार है ? वह सोया रहता है, ईश्वरोपासना नहीं कर पाता लेकिन किसी की निंदा भी तो नहीं करता ! परनिंदा, परदोष-दर्शन से तो वह बचा हुआ है ! तुम तो परनिंदा के भागी बन रहे हो । तुम्हारा कर्तव्य था कि पहले उससे देर तक सोने का कारण पूछते । यदि वह गलत रास्ते जा रहा है तो उसे समझाते । अगर वह फिर भी नहीं मानता तब यह बात उसके सामने मुझसे बोलनी चाहिए थी । तुमने तो ऐसा किया नहीं ।”

चेतानंद ने गुरुजी की कल्याणकारी बात को सकारात्मक भाव से लिया । उसे अपने मन में छिपी खुद को अच्छा दिखाने की वासना और गुरुभाई के प्रति द्वेष की सूक्ष्म भावना दिखने लगी । उसने गुरुदेव से हृदयपूर्वक क्षमा माँगी और रामानंद के सामने भी अपना हृदय निष्कपटतापूर्वक खोलकर रख दिया । इससे दोनों गुरुभाइयों में पहले से भी ज्यादा स्नेह बढ़ गया और उनके आपसी स्नेह और समझदारी की वजह से उन्हें गुरुदेव की प्रसन्नता भी प्राप्त हुई।

जाग्रत, स्वप्न, सुषुप्ति बदलते हैं फिर भी जो अबदल है, उस आत्मा में ‘मैं’ पने की मधुरता जगी । जीवन्मुक्त महापुरुष की कृपा से शिष्य भी परम वैभव परमात्म-साक्षात्कार को प्राप्त हो गये । धन्य हैं ऐसे सत्शिष्य जो सद्गुरुओं की अनुभूति को अपनी अनुभूति बना लेते हैं !

✍🏻सीख : हमें भी किसी की शिकायत बिना हकीकत जानें नहीं करनी चाहिए और पहले स्वयं समझाने का प्रयास करना चाहिए,नहीं मानें तब बड़ों को उसके सामने बताना चाहिए । यदि गलती से किसी निंदा हो जाये तो चेतनानंद की तरह उससे क्षमा मांगकर अपना हृदय स्वच्छ कर लेना चाहिए।

✒प्रश्नोत्तरी :
(१) गुरुजी ने चेतनानंद को भी देर तक सोने में,लाभ की बात क्यों कही ?
(२) सुबह उठकर सबसे पहले क्या करना चाहिए ?
(उत्तर : शशांकासन, करदर्शन और प्रार्थना ।)

सफलता का महामंत्र | Success Mantra of Life of Albert Einstein in HindiHomeSuccess Tipsसफलता का महामंत्र | Success Mantra...
16/05/2020

सफलता का महामंत्र | Success Mantra of Life of Albert Einstein in Hindi
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सफलता का महामंत्र | Success Mantra of Life of Albert Einstein in Hindi
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“रूचि, लगन और एकाग्रता से निरंतर अभ्यास द्वारा कोई भी आदमी महान बन सकता है ।” -परम पूज्य संत श्री आशारामजी बापू

विश्वविख्यात वैज्ञानिक आइंस्टीन (Albert Einstein) बचपन में पढ़ने में कमजोर थे । उनकी इस कमजोरी का उनके साथी मजाक उड़ाया करते थे।

एक दिन उन्होंने अध्यापक से गम्भीरतापूर्वक पूछा :-“क्या मैं किसी प्रकार महान बन सकता हूँ ?”

अध्यापक : “रूचि, लगन और एकाग्रता से निरंतर अभ्यास द्वारा कोई भी आदमी महान बन सकता है ।”

यह शिक्षा मानो आइंस्टीन के लिए महामंत्र थी । उन्होंने इसे मन में बैठाया और दृढ़ संकल्प के साथ अध्ययन में जुट गये । रूचि और लगन के लिए एकाग्रता का धन कमाने के लिए आइंस्टीन ने भारतीय योग-पद्धति का आश्रय लिया और पूरा विश्व जानता है कि उन्होंने “अणु विज्ञान पुरोधा” और “सापेक्षवाद के जनक” के रूप में ख्याति प्राप्त की।

यदि आइंस्टीन (Albert Einstein) जैसे जिज्ञासु व प्रयत्नशील विद्यार्थी को किन्हीं ब्रह्मवेत्ता सद्गुरु का मार्गदर्शन व दीक्षा-शिक्षा मिलती तो ऐसा व्यक्ति आत्मसाक्षात्कार प्राप्त करके सर्व से ऊँचा आत्मपद पाकर मुक्तात्मा, ब्रह्मवेत्ता, ब्रह्मस्वरूप हो सकता था।

शिक्षा : विद्यार्थियों को अध्ययनकाल में आत्मज्ञानी महापुरुषों की शिक्षा-दीक्षा का लाभ अवश्य लेना चाहिए। उनके बताये
एकाग्रता, लगन, उत्साह एवं कार्य में रूचि बढ़ाने के प्रयोगों का लाभ लेकर अपने जीवन का सर्वांगीण विकास करना चाहिए । इससे विद्यार्थी व्यवहार- जगत एवम् दिव्य आत्मिक अनुभव दोनों क्षेत्रों में बाजी मार लेता है ।

~लोक कल्याण सेतु/अप्रैल २०१४

*🏬साँई लीलाशाहजी गुरुकुल सुमेरपुर**📖गीता जयंती :- 8 दिसम्बर**गुरुकुल के विद्यार्थियों ने श्रीमद्भागवत गीता का पूजन व परि...
08/12/2019

*🏬साँई लीलाशाहजी गुरुकुल सुमेरपुर*

*📖गीता जयंती :- 8 दिसम्बर*

*गुरुकुल के विद्यार्थियों ने श्रीमद्भागवत गीता का पूजन व परिक्रमा कर महान बनने का संकल्प किया*

*कबड्डी, दौड़, लम्बी कूद मे गुरुकुल अव्वल*                   सुमेरपुर. 19 सितम्बर. अतिरिक्त ब्लाक शिक्षा अधिकारी श्रीमान ...
20/09/2019

*कबड्डी, दौड़, लम्बी कूद मे गुरुकुल अव्वल*

सुमेरपुर. 19 सितम्बर. अतिरिक्त ब्लाक शिक्षा अधिकारी श्रीमान परबतसिंह राठौड़ के मुख्य आतिथ्य में 64 वी सुमेरपुर क्षेत्रीय प्राथमिक/उच्च प्राथमिक विद्यालय (11 वर्ष) खेलकूद प्रतियोगिता का समापन जी आचार्य, मनोहर जी, भुरारामजी निर्णायक , गुरुकुल संस्था प्रधान जेताराम चौधरी, खेल प्रभारी सुनीत नायक योगेश अठवाणी, दीपक जी वर्मा सहित ग्रामीण व विद्यार्थी उपस्थित रहे.

07/04/2019

पूर्णिमा निमित्त साध्वी तरुणा बहन जी का सत्संग सुमेरपुर आश्रम में 18 अप्रैल 2019 गुरुवार सुबह 11:00 बजे से आप सभी जरूर पधारें

05/04/2019

पूर्णिमा निमित साध्वी तरुणा बहन का सत्संग :- सुमेरपुर आश्रम में

आज के बालकों को मातृ-पितृ-गुरुभक्ति की शिक्षा उनकी प्रसन्नता प्राप्त करके अपने जीवन को उन्नति के रास्ते ले जाने के लिए प...
18/02/2019

आज के बालकों को मातृ-पितृ-गुरुभक्ति की शिक्षा उनकी प्रसन्नता प्राप्त करके अपने जीवन को उन्नति के रास्ते ले जाने के लिए पूज्य संत श्री आशारामजी बापू की पवन प्रेरणा से 14 फरवरी को वेलेटाइन डे की जगह सिंधी धर्म शाला सिरोही में #मातृ_पितृ_पूजन_दिवस मनाया गया | https://t.co/BRi6j5ZzaC

🇮🇳वीर जवानों की शहादत को सलाम🇮🇳🔷 साईं लीला शाह जी गुरुकुल सुमेरपुर के विद्यार्थियों ने नि:शब्द होकर मौन पूर्वक वीर जवानो...
17/02/2019

🇮🇳वीर जवानों की शहादत को सलाम🇮🇳
🔷 साईं लीला शाह जी गुरुकुल सुमेरपुर के विद्यार्थियों ने नि:शब्द होकर मौन पूर्वक वीर जवानों की शहादत को रुदे गले से याद किया😔😔
🔷पुलवामा में हुए आतंकी हमले से शहीद वीर जवानों की याद में संत श्री आशाराम जी बापू आश्रम सुमेरपुर स्थित साईं लीलाशाहजी जी गुरुकुल के विद्यार्थियों ने शहीद जवानों को याद करते हुए संकल्प किया कि हर समय भारतीय सेना का साथ व सम्मान करेंगे और अपने अपने कर्तव्य का पालन करते हुए राष्ट्र रक्षा के लिए सदैव तत्पर रहेंगे

10/02/2019
सुमेरपुर. 02 फरवरी. संत श्री आशारामजी बापू आश्रम सुमेरपुर स्थित साँई लीलाशाहजी गुरुकुल में गुरुकुल के विद्यार्थियों ने म...
10/02/2019

सुमेरपुर. 02 फरवरी. संत श्री आशारामजी बापू आश्रम सुमेरपुर स्थित साँई लीलाशाहजी गुरुकुल में गुरुकुल के विद्यार्थियों ने माँ सरस्वती का पूजन व परिक्रमा की.

प्राचीन समय से बसंत पंचमी के दिन माँ सरस्वती की पूजा अर्चना की जाती है. गुरुकुल शिक्षा पद्धति में लौकिक विद्या के साथ-साथ यौगिक विद्या व आध्यात्मिक विद्या से विद्यार्थी को परिपूर्ण बनाया जाता था. संत श्री आशारामजी बापू बताते है की गुरुकुल शिक्षा की शुरुआत गुरुपूर्णिमा से होती थी और आज के दिन अर्थात बसंत पंचमी के दिन शिष्य की शिक्षा की पूर्णाहुति होती थी.
पूज्य बापूजी बताते है की आज के पेट-पालू शिक्षा व्यवस्था के कारण आज हमारी युवा पीढ़ी बेरोजगार होती जा रही है. इसलिए आज की लौकिक शिक्षा के साथ अगर आध्यामिकता का साथ मिल जाये तो विद्यार्थी के जीवन में चार चाँद लग जायेंगे. साँई लीलाशाहजी गुरुकुल के विद्यार्थियों ने माँ सरस्वती की पूजा अर्चना व परिक्रमा कर महान बनने का संकल्प लिया.

*🔷70th Republic day🔷**🔷 # Sumerpur_Gurukul🔷**🔷प्रशासन द्वारा आयोजित सांस्कृतिक कार्यक्रम में गुरुकुल के विद्यार्थियों द्...
03/02/2019

*🔷70th Republic day🔷*

*🔷 # Sumerpur_Gurukul🔷*

*🔷प्रशासन द्वारा आयोजित सांस्कृतिक कार्यक्रम में गुरुकुल के विद्यार्थियों द्वारा शानदार प्रदर्शन पर मोमेंटो भेंट किये*

*🔷कार्यक्रम की कुछ झलकियां👇👇*

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