10/02/2026
मध्य प्रदेश के नीमच में आंगनवाड़ी कार्यकर्ता कंचन बाई मेघवाल जी द्वारा दिखाया गया साहस, मातृत्व, कर्तव्य और महिला सशक्तिकरण का सर्वोच्च उदाहरण है। मधुमक्खियों के हमले के बीच 20 मासूम बच्चों को सुरक्षित बचाने के लिए उन्होंने चटाइयों और तिरपाल से बच्चों को ढकते हुए माँ की तरह उनका संरक्षण किया और स्वयं सैकड़ों डंक सहन किए।
उनका यह त्याग दर्शाता है कि आंगनवाड़ी कार्यकर्ता समाज की संवेदनशील संरक्षक होती हैं, जो संकट की घड़ी में अपने दायित्व को सर्वोपरि रखती हैं। कंचन बाई जी का यह बलिदान प्रत्येक महिला की करुणा, साहस और अदम्य शक्ति को उजागर करता है।
उनका यह प्रेरणादायी बलिदान महिला सशक्तिकरण और मातृत्व की प्रेरक मिसाल बनकर सदैव स्मरणीय रहेगा।