18/08/2026
एंटी रैगिंग सप्ताह के तहत जीवीएम गल्र्स कॉलेज में विभिन्न जागरूकता गतिविधियां आयोजित
- छात्राओं ने स्लोगन राइटिंग, पोस्टर मेकिंग, नुक्कड़ नाटक एवं शॉर्ट फिल्म के माध्यम से किया जागरूक
सोनीपत, 18 अगस्त।
अखिल भारतीय तकनीकी शिक्षा परिषद के निर्देशानुसार जीवीएम गल्र्स कॉलेज में एंटी रैगिंग सप्ताह के तहत विद्यार्थियों को रैगिंग जैसी सामाजिक एवं अनुशासनहीन गतिविधियों के प्रति जागरूक करने के उद्देश्य से विभिन्न रचनात्मक एवं जागरूकता गतिविधियों का आयोजन किया गया। एंटी रैगिंग सप्ताह के दौरान आयोजित गतिविधियों में छात्राओं ने उत्साहपूर्वक भाग लेते हुए रैगिंग के दुष्परिणामों, इसके कानूनी प्रावधानों तथा कैंपस में सौहार्दपूर्ण वातावरण बनाए रखने का संदेश दिया। एंटी रैगिंग सप्ताह के अंतर्गत स्लोगन राइटिंग प्रतियोगिता, पोस्टर मेकिंग प्रतियोगिता, नुक्कड़ नाटक तथा शॉर्ट फिल्म शो का आयोजन किया गया। इन गतिविधियों में विद्यार्थियों ने रचनात्मक माध्यमों से रैगिंग के विरुद्ध अपनी आवाज बुलंद की। संस्था के प्रधान डा. ओपी परूथी और प्रचार्या डा. मंजुला स्पाह ने सभी छात्राओं से रैगिंग को जड़ मूल से समाप्त करने का आह्वान किया और छात्राओं के उज्ज्वल भविष्य की कामना की। उन्होंने कहा कि रैगिंग एक गंभीर सामाजिक और मानसिक अपराध है। इससे विद्यार्थियों के आत्मसम्मान और मानसिक स्वास्थ्य पर बुरा प्रभाव पड़ता है। हमें रैगिंग का पूर्णतया: विरोध करना चाहिए।
स्लोगन राइटिंग प्रतियोगिता में विद्यार्थियों ने दिखाई प्रतिभा :
स्लोगन राइटिंग प्रतियोगिता में विद्यार्थियों ने रैगिंग के खिलाफ प्रभावी एवं जागरूकता संदेश देने वाले स्लोगन प्रस्तुत किए। प्रतियोगिता में याशिका बीए द्वितीय वर्ष और आयुषी, बी.एससी. लाइफ साइंस ने संयुक्त रूप से प्रथम स्थान प्राप्त किया। प्रतियोगिता में स्नेहा दुग्गल बीए प्रथम वर्ष ने द्वितीय स्थान प्राप्त किया, जबकि संजना कुमारी बीए तृतीय वर्ष तृतीय स्थान पर रहीं। रिया बीए प्रथम वर्ष को सांत्वना पुरस्कार प्रदान किया गया। इसके अलावा निष्ठïा बी.एससी. लाइफ साइंस तृतीय वर्ष और वाणी बीसीए प्रथम वर्ष को तृतीय स्थान तथा लेखा बी.एससी. लाइफ साइंस तृतीय वर्ष को सांत्वना पुरस्कार प्रदान किया गया। विद्यार्थियों ने अपने स्लोगनों के माध्यम से रैगिंग को पूरी तरह समाप्त करने तथा नए विद्यार्थियों के साथ सम्मानजनक व्यवहार करने का संदेश दिया।
पोस्टर मेकिंग प्रतियोगिता में भी विद्यार्थियों ने बढ़-चढक़र लिया हिस्सा :
पोस्टर मेकिंग प्रतियोगिता में विद्यार्थियों ने रंगों एवं रचनात्मक चित्रों के माध्यम से रैगिंग के विरुद्ध जागरूकता संदेश प्रस्तुत किए। प्रतियोगिता में नैना बी.एससी. लाइफ साइंस ने प्रथम, प्राची बीए द्वितीय वर्ष ने द्वितीय तथा मानसी बीए प्रथम वर्ष ने तृतीय स्थान प्राप्त किया। पोस्टर मेकिंग प्रतियोगिता में हिमांशी बीसीए प्रथम वर्ष तथा खुशी बीए द्वितीय वर्ष को सांत्वना पुरस्कार प्रदान किया गया।
नुक्कड़ नाटक एवं शॉर्ट फिल्म के माध्यम से समझाए रैगिंग के दुष्परिणाम :
कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों द्वारा रैगिंग पर आधारित नुक्कड़ नाटक प्रस्तुत किया गया, जिसमें रैगिंग को अपराध बताते हुए इसके गंभीर अनुशासनात्मक एवं कानूनी परिणामों के बारे में जागरूक किया गया। नुक्कड़ नाटक के माध्यम से विद्यार्थियों को बताया गया कि रैगिंग केवल मजाक या मनोरंजन का माध्यम नहीं है, बल्कि यह कानूनन प्रतिबंधित है और इसके लिए कड़ी कार्रवाई का प्रावधान है। इस गतिविधि में लगभग 150 विद्यार्थियों ने भाग लिया।
इसके अतिरिक्त शॉर्ट फिल्म शो का भी आयोजन किया गया, जिसमें रैगिंग के दुष्परिणामों तथा इससे विद्यार्थियों के मानसिक एवं शैक्षणिक जीवन पर पडऩे वाले प्रभावों को प्रदर्शित किया गया। शॉर्ट फिल्म के माध्यम से विद्यार्थियों को रैगिंग से दूर रहने तथा किसी भी प्रकार की रैगिंग की घटना सामने आने पर इसकी सूचना संबंधित अधिकारियों को देने के लिए प्रेरित किया गया। शॉर्ट फिल्म गतिविधि में भी लगभग 150 विद्यार्थियों ने भाग लिया।
कार्यक्रम के दौरान प्राचार्या डा. मंजुला स्पाह ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि संस्थान में अनुशासन, आपसी सम्मान और सौहार्दपूर्ण वातावरण बनाए रखना सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है। विद्यार्थियों को चाहिए कि वे नए विद्यार्थियों का सहयोग करें और उन्हें सहज एवं सुरक्षित वातावरण प्रदान करें। उन्होंने विद्यार्थियों को रैगिंग जैसी गतिविधियों से पूरी तरह दूर रहने तथा कैंपस में भाईचारे एवं आपसी सम्मान की भावना को मजबूत करने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि एंटी रैगिंग गतिविधियों का उद्देश्य केवल विद्यार्थियों को नियमों की जानकारी देना नहीं, बल्कि उनमें जिम्मेदारी, संवेदनशीलता और सकारात्मक नेतृत्व की भावना विकसित करना भी है। विद्यार्थियों को किसी भी प्रकार की रैगिंग की घटना का हिस्सा बनने के बजाय उसके खिलाफ आवाज उठानी चाहिए।
पैनल ने किया प्रतिभागियों का मूल्यांकन :
प्रतियोगिताओं में विद्यार्थियों की प्रस्तुतियों का मूल्यांकन निर्णायक मंडल द्वारा किया गया। निर्णायक मंडल में संगीता शर्मा तथा डा. वंदना मलिक शामिल रहीं। निर्णायकों द्वारा विद्यार्थियों की रचनात्मकता, विषय की समझ, संदेश की प्रभावशीलता तथा प्रस्तुति के आधार पर प्रतिभागियों का मूल्यांकन किया गया। विजेता विद्यार्थियों को पुरस्कार प्रदान कर उनका उत्साहवर्धन किया गया।
एंटी रैगिंग सेल के संयोजक डा. अनीता सैनी रही। सेल के सदस्यों एमएस आशु, डा. नीति, एमएस प्रीति तथा एमएस सुमन सहित स्टाफ सदस्यों ने कार्यक्रम के सफल आयोजन में सहयोग किया। कार्यक्रम में विद्यार्थियों एवं स्टाफ सदस्यों ने बढ़-चढक़र भाग लिया और संस्थान को रैगिंग मुक्त, सुरक्षित, अनुशासित एवं सौहार्दपूर्ण परिसर बनाने का संकल्प लिया।