Vikas Lalit Kala Akademi - Regd., Nyay-Marg,srinagar, Siwan

Vikas Lalit Kala Akademi - Regd., Nyay-Marg,srinagar, Siwan

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Drawing and Painting Academy, Affiliated -“ Suro Bharati Sangeet Kala Kendra,Hugali,( West Bengal)

Dedicated for the Development and growth of Art a Non-government Educational Academy, Estb. in 2001, "Vikas Lalit Kala Akademi", Nyay-Marg, Srinagar, Siwan (BIHAR), now-a-days is developing rapidly to its peak. Managing committee of the Academy "Vikas Educational Cultural and Social Development Society is registered by "Society Registration Act 21, 1860 [Government of India]".Academy is Affiliated

09/06/2026

# **जो सत्य है, जो सुंदर है, वही कला है**

**"जो सत्य है, जो सुंदर है, वही कला है।"** यह केवल एक पंक्ति नहीं, बल्कि कला का सबसे सरल और सबसे गहरा परिचय है। कला कभी झूठ का सहारा नहीं लेती। वह मन की सच्ची भावनाओं को व्यक्त करती है। जहाँ सच्चाई होती है, वहीं सुंदरता अपने आप दिखाई देती है और वहीं से कला जन्म लेती है।

आज के समय में लोग अक्सर सुंदरता को केवल चेहरे या दिखावे से जोड़कर देखते हैं, जबकि असली सुंदरता इंसान के विचार, व्यवहार और उसके कर्म में होती है। ठीक उसी तरह कला भी केवल रंगों, ब्रश या वाद्ययंत्रों तक सीमित नहीं है। अच्छा बोलना, मधुर व्यवहार करना, किसी की मदद करना, प्रकृति से प्रेम करना और अपनी संस्कृति का सम्मान करना भी एक प्रकार की कला है।

कला हमें धैर्य सिखाती है। एक अच्छा चित्र एक दिन में नहीं बनता, मधुर संगीत एक दिन में नहीं सीखा जाता और न ही कोई नृत्य एक ही अभ्यास में पूर्ण हो जाता है। लगातार मेहनत, अभ्यास और सीखने की इच्छा ही एक साधारण विद्यार्थी को अच्छा कलाकार बनाती है।

आज तकनीक के इस दौर में कला सीखना पहले की तुलना में बहुत आसान हो गया है। **ऑनलाइन कला शिक्षा** के माध्यम से विद्यार्थी घर बैठे अनुभवी शिक्षकों से चित्रकला, संगीत, नृत्य, हस्तकला और अन्य कलाएँ सीख सकते हैं। वहीं **ऑफलाइन शिक्षा** में गुरु के सामने बैठकर सीखने का अपना अलग ही आनंद और महत्व है। वहाँ विद्यार्थियों को तुरंत मार्गदर्शन मिलता है, गलतियाँ तुरंत सुधरती हैं और अभ्यास का वातावरण भी बेहतर मिलता है।

इसलिए यदि संभव हो तो दोनों माध्यमों का लाभ उठाना चाहिए। ऑनलाइन माध्यम ज्ञान को घर-घर तक पहुँचाता है, जबकि ऑफलाइन शिक्षा कला की बारीकियों को और अधिक मजबूती से समझने का अवसर देती है। दोनों मिलकर सीखने की प्रक्रिया को और प्रभावी बनाते हैं।

आज कला शिक्षा केवल शौक नहीं रह गई है, बल्कि यह सम्मानजनक रोजगार और स्वरोजगार का भी बड़ा माध्यम बन चुकी है। चित्रकला, संगीत, नृत्य, हस्तकला, डिजाइनिंग, डिजिटल आर्ट, मंच संचालन और सांस्कृतिक कार्यक्रमों जैसे क्षेत्रों में प्रशिक्षित कलाकारों की लगातार आवश्यकता बढ़ रही है। सबसे अच्छी बात यह है कि कला हर किसी के बस की बात नहीं होती। जिसके पास प्रतिभा, लगन और सही प्रशिक्षण होता है, वही इस क्षेत्र में आगे बढ़ता है। इसलिए इस क्षेत्र में प्रतियोगिता भी अपेक्षाकृत कम होती है और अवसर अधिक मिलते हैं।

इसी प्रकार **योगासन** भी एक महत्वपूर्ण कला है। योग केवल शरीर को मोड़ने का अभ्यास नहीं है, बल्कि यह शरीर, मन और आत्मा के बीच संतुलन बनाने का माध्यम है। नियमित योग करने से शरीर स्वस्थ रहता है, मन शांत रहता है, एकाग्रता बढ़ती है और जीवन में अनुशासन आता है। आज विद्यालयों, महाविद्यालयों, खेल संस्थानों और स्वास्थ्य केंद्रों में प्रशिक्षित योग शिक्षकों की मांग लगातार बढ़ रही है। इसलिए **योगासन का प्रशिक्षण** केवल स्वास्थ्य के लिए ही नहीं, बल्कि भविष्य में रोजगार और समाज सेवा का भी अच्छा माध्यम बन सकता है।

हर माता-पिता की यह इच्छा होती है कि उनका बच्चा पढ़ाई के साथ-साथ किसी एक ऐसी कला में भी निपुण बने, जिससे उसका व्यक्तित्व निखरे और भविष्य सुरक्षित हो। इसलिए बच्चों और युवाओं को कला तथा योग जैसी रचनात्मक विधाओं से अवश्य जुड़ना चाहिए।

याद रखिए, **कला केवल हाथों से नहीं, बल्कि दिल से निकलती है।** जब कलाकार अपनी रचना में सच्चाई, मेहनत और अच्छे विचारों को जोड़ देता है, तब उसकी कला लोगों के दिलों तक पहुँचती है। यही कारण है कि वर्षों बाद भी महान कलाकारों की रचनाएँ लोगों को प्रेरणा देती रहती हैं।

आइए, हम सभी यह संकल्प लें कि कला को केवल मनोरंजन का साधन नहीं, बल्कि संस्कार, शिक्षा, स्वास्थ्य और आत्मनिर्भरता का माध्यम बनाएँ। क्योंकि अंत में यही सत्य है—

**"जो सत्य है, जो सुंदर है, वही कला है।"**

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# # # **प्रेषक :**

**डॉ. विकाश कुमार**
**प्राचार्य**
**विकास ललित कला अकादमी**
न्याय मार्ग, श्रीनगर, सिवान (बिहार)
**संबद्ध : सुरों भारती संगीत कला केन्द्र, हुगली (पश्चिम बंगाल)**
**Centre Code : C-19-2228**

06/06/2026

# **नामांकन हेतु प्रेरक संदेश**

# **कला शिक्षा: जहाँ प्रतिभा बनती है पहचान और भविष्य बनता है सुरक्षित**

हर व्यक्ति डॉक्टर, इंजीनियर, शिक्षक या व्यापारी बन सकता है, लेकिन **हर व्यक्ति कलाकार नहीं बन सकता।** कला एक ऐसा क्षेत्र है जिसमें प्रतिभा, कल्पनाशक्ति, धैर्य और निरंतर अभ्यास का अनूठा संगम होता है। यही कारण है कि इस क्षेत्र में प्रशिक्षित और कुशल लोगों की संख्या अपेक्षाकृत कम होती है, जबकि उनकी आवश्यकता निरंतर बनी रहती है।

आज के समय में अधिकांश लोग पारंपरिक क्षेत्रों की ओर बढ़ते हैं, जिससे वहाँ प्रतिस्पर्धा बहुत अधिक हो जाती है। इसके विपरीत, कला के क्षेत्र में योग्य और प्रशिक्षित कलाकारों की मांग लगातार बढ़ रही है। विद्यालयों, महाविद्यालयों, कला संस्थानों, डिज़ाइन, एनीमेशन, डिजिटल मीडिया, विज्ञापन, इंटीरियर, फैशन, पुस्तक चित्रांकन तथा स्वरोज़गार जैसे अनेक क्षेत्रों में कला विशेषज्ञों के लिए अवसर उपलब्ध हैं।

इसका अर्थ यह नहीं कि कला में सफलता बिना मेहनत के मिल जाती है। **सफलता प्रतिभा के साथ-साथ नियमित अभ्यास, सही प्रशिक्षण और समर्पण से मिलती है।** लेकिन यदि कोई विद्यार्थी कला में रुचि रखता है और उसे व्यवस्थित शिक्षा प्राप्त होती है, तो उसके लिए अवसरों की कमी नहीं रहती।

आज **ऑनलाइन और ऑफलाइन** दोनों माध्यमों से कला शिक्षा उपलब्ध है। ऑनलाइन शिक्षा दूर-दराज़ के विद्यार्थियों को घर बैठे विशेषज्ञों से सीखने का अवसर देती है, जबकि ऑफलाइन शिक्षा प्रत्यक्ष अभ्यास, व्यक्तिगत मार्गदर्शन और रचनात्मक वातावरण प्रदान करती है। दोनों माध्यम मिलकर विद्यार्थियों के कौशल और आत्मविश्वास को सशक्त बनाते हैं।

यदि आपके भीतर चित्रों में सोचने, रंगों से भाव व्यक्त करने और कुछ नया रचने की क्षमता है, तो कला आपके लिए केवल एक विषय नहीं, बल्कि **सम्मान, आत्मनिर्भरता और उज्ज्वल भविष्य का मार्ग** बन सकती है।

# # **नामांकन प्रारंभ है।**

**अपनी प्रतिभा को सही दिशा दें और कला शिक्षा के माध्यम से अपने भविष्य को नई पहचान दें।**

**प्रेषक:**
**डॉ./प्रो. विकाश कुमार**
**प्राचार्य**
**विकास ललित कला अकादमी**
**संबद्ध: सुरों भारती संगीत कला केन्द्र, हुगली (पश्चिम बंगाल)**
**संपर्क: 7563939396**

Photos from Vikas Lalit Kala Akademi - Regd., Nyay-Marg,srinagar, Siwan's post 01/06/2026

फाइन आर्ट्स और म्युजिक, योगासन के लिए विश्व विख्यात संस्थान "सुरों भारती संगीत कला केन्द्र, हुंगली (पश्चिम बंगाल) के द्वारा पटना के "कैफे मिट अप " मे आयोजित " बिहार स्टेट मिट, कार्यक्रम के सफल आयोजन के पश्चात् मुझे" धन्यवाद- पत्र " प्रदान किया गया। धन्यवाद। 👍🏻

24/05/2026

हमारे कला संस्था मे सत्र, 2026-27 हेतु विभिन्न पाठ्यक्रमो मे नामांकन जारी.. स्थान सीमित है शीघ्रता करे। 👍🏻

19/05/2026

Welcome 👍🏻

Photos from Vikas Lalit Kala Akademi - Regd., Nyay-Marg,srinagar, Siwan's post 11/05/2026

आज दिनांक 10-05-2026(रविवार) को कला की अखिल भारतीय संस्था " विकास ललित कला अकादमी - रजि., न्याय-मार्ग,श्रीनगर, सिवान मे सत्र 2025-26 की सभी विषयों की सैधांतिक परीक्षा ,हमारे परीक्षा बोर्ड "सुरों भारती संगीत कला केन्द्र,हुंगली (पश्चिम बंगाल) के निर्देशानुशार, प्रातः 10:00 से प्रारंभ होकर संध्या तक चली, जिसमे चित्रकला, कला एवं शिल्प , संगीत, योगासन की परीक्षाएं सभी के सहयोग से सफलतापूर्वक संपन्न हुई - प्राचार्य।

08/05/2026

*****(सूचना) ******
चित्रकला, कला एवं शिल्प साथ ही योगासन, संगीत के ऑनलाइन/ऑफलाइन अध्यनरत सभी छात्र/ छात्राओ को सूचित करना है की हमारे परीक्षा बोर्ड "सुरों भारती संगीत कला केंद्र, हुंगली (पश्चिम बंगाल) के निर्देसानुशार् सैधांतिक परीक्षा(Theory) - 10 मॅई 2025 को होना है और व्यवहारिक परीक्षा (Practical)-14 जून 2025 को होना तय है, इसके पहले अकादमी के सभी बकाया शुल्क और परीक्षा शुल्क जमा करना अनिवार्य है.शुल्क जमा कर अपना अपना एडमिट कार्ड और रजिस्ट्रेशन कार्ड अकादमी कार्यालय से परीक्षा से पहले प्राप्त कर लेवे ,परीक्षा मे साथ रखना अनिवार्य है - प्राचार्य. (विकास ललित कला अकादमी(रजि.), न्याय मार्ग, श्रीनगर, सिवान(बिहार)🙏

03/05/2026

Admession is going on . .Limited seats (Session 2026-27)

03/05/2026

Admission is going on, (Session 2025-26)

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