26/01/2020
सर्वप्रथम श्री मिश्री लाल धर्मनाथ प्रसाद उच्च विद्यालय के समस्त शिक्षक वृन्द को मेरा शत्-शत् नमन । यह वंदन उन गुरूजनों का जिन्होंने हमें न केवल शिक्षित किया अपितु शिक्षित होने का उद्देश्य समझाया। हम उनके ॠणी हैं और सदैव उनके ॠणी रहेंगे ।
मैंने इस उच्च विद्यालय से 1990 में मैट्रिक परीक्षा उत्तीर्ण की। आगे की पढ़ाई राजेन्द्र महाविद्यालय से हुई । उसके बाद शुरू हुआ जीवन यापन की जद्दोजहद । इस भागम-भाग के बावजूद भी एक चीज जो हमेशा मेरे जेहन में जिन्दा रही वो थी स्कूल से जुड़ी यादें । वो अविस्मरणीय एक एक पल!एक एक क्षण !! और तो और कई बार सपने में भी दिखता स्कूल और स्कूल के दोस्त ! और यादें ! यादों का तो कहना हीं क्या। यादें कुछ सीनियर्स की !
यादें मेरे सहपाठियों की। यादें मेरे दोस्तों की। यादें दोस्तों के साथ बिताये हुए प्रत्येक पल की। उन खट्टे मीठे अनुभवों की जो हमें पढ़ाई के दौरान हासिल हुई । क्या सूकून के दिन थे वो भी । पढाई, खाना, खेलकूद मौज मस्ती और दोस्तों का साथ ।।। ऐसा लगता था कि दोस्तों के वगैर जिंदगी अधूरी है । पर दुख तब हुआ जब जिंदगी की आपाधापी में हम अपने दोस्तों से दूर चले गये!! चूँकि उस दौर में मोबाइल की सुविधा तो थी नहीं, अतः बातचीत नहीं हुई और बातचीत नहीं हुई तो मिलना जुलना भी शायद हीं कभी किसी से हो पाया। अतः हमारे पास मन मसोसकर रह जाने के अलावा कोई विकल्प शायद नहीं था! और कमोबेश यही स्थिति उस समय के प्रत्येक विद्यार्थी की रही होगी ।
आज 30वर्ष बाद इस पेज को बनाने का एकमात्र उद्देश्य उन छात्र/छात्राओं को एक मंच प्रदान करना है जिन्होंने इसी उच्च विद्यालय से पढ़ाई तो की परन्तु तत्कालीन समय में संचार का समुचित माध्यम उपलब्ध ना होने की वजह से यहाँ की पढाई समाप्त होने के बाद उनका आपस में संपर्क ना हो सका । उम्मीद है यह एक ससक्त माध्यम साबित होगा ।
आइये इस पेज के माध्यम से हम अपने दोस्तों एवं सहपाठियों से जुड़ें और अपनी पुरानी यादें ताज़ा करें तथा अपने जीवन के खट्टे मीठे अनुभवों को एक दुसरे से साझा करें ।
आपका
संतोष कुमार