03/08/2025
मैं अकेला ही चला था जानिब ए मंज़िल मगर
लोग साथ आते गए और कारवां बनता गया
आज बेनीपुर बिसवां की पावन धरती पर स्थापित अजीम मेमोरियल नेशनल पी.जी. कॉलेज में *शिल्प जागरूकता सह प्रदर्शन कार्यक्रम *का आयोजन किया गया
जिसमें भारत सरकार के वस्त्र मंत्रालय के असिस्टेंट डायरेक्टर श्री रजा आलम द्वारा पढ़ाई के साथ-साथ हस्तशिल्प में भारत सरकार द्वारा चलाई गई विभिन्न योजनाओं के द्वारा कैसे रोजगार हासिल करने के साथ-साथ अपने कौशल को भारत सरकार की मदद में विश्व पटल पर पहचान दिलाई जा सके इस पर विशेष चर्चा की गई
असिस्टेंट डायरेक्टर द्वारा कहा गया कि भारत में हस्तशिल्प का भविष्य बहुत ही उज्जवल है आज के नौजवान छात्र-छात्राएं इस क्षेत्र में परिश्रम करके अपने बेहतर भविष्य का निर्माण कर सकते हैं बच्चों को हस्त शिल्प से संबंधित सैद्धांतिक बातों के साथ-साथ विभिन्न हस्तशिल्प के स्टालों के माध्यम से प्रयोगात्मक ज्ञान भी प्रदान किया गया कॉलेज के मैनेजिंग डायरेक्टर श्री फहीम खान द्वारा यह बताया गया कि हस्तशिल्प जागरूकता का यह कार्यक्रम कॉलेज परिसर में 4 अगस्त और 5 अगस्त को भी जारी रहेगा जिसमें छात्र-छात्राएं हस्तशिल्प से जुड़ी हुई बहुत सी जानकारियो को हासिल कर सकेगें
प्रबंधक महोदय द्वारा बच्चों को इस बात के लिए यकीन दिलाया गया किया गया कि हम सिर्फ शिक्षा ही नहीं बल्कि आपको रोजगार के विभिन्न अवसर भी प्रदान करते रहे हैं और भविष्य में करते रहेंगे
कार्यक्रम में सत्येंद्र कुमार जी हेंडीक्राफ्ट आफिस से तथा हसीना बानो सुपरवाइजर सेवा चिकन
हयात कौसर सचिव मधुरिमा सेवा संस्थान बिसवां
श्री अख़लाक़ अहमद ग्राम प्रधान ग्राम सभा दौदापुर
के साथ सैकड़ो छात्र-छात्राओं ने प्रतिभा किया
छात्र-छात्राओं में उत्साह वर्धन करते हुए कार्यक्रम के समापन की घोषणा प्रबंधक महोदय द्वारा यह शेर पढ़ कर की गई
【मंजिलें लाख कठिन आए गुजर जाऊंगा
हौसला हार कर बैठा तो मर जाऊंगा
चल रहे थे मेरे साथ कहां है वों लोग
जो यह कहते थे कि रास्ते में बिखर जाऊंगा】
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