24/08/2024
नाग पुष्प
नागपुष्प का पौधा
नाग पुष्प एक वनस्पति नहीं है अपितु एक काल्पनिक एवं गढ़ंत पौधा हैं जिसका असलियत में कोई वजूद नहीं है। इसको लेकर अनेकों गलत तथ्य फैलाये जाते हैं जैसे कि यह हिमालय में पाए जाते हैं और यह देखने में शेषनाग की तरह ही दिखते हैं। असल में यह समुंदरी जीव हैं जो Pennatulacea आर्डर से सम्बन्ध रखते हैं और Sea Pens के नाम से जाने जाते हैं, Pennatulacea में कुल 14 फैमिलीज़ हैं जिसमें कई प्रजातियाँ शामिल हैं।
नाग पुष्प नाम से गलत प्रचार कुछ अज्ञात स्त्रोतों द्वारा इंटरनेट और मुख्य रूप से सोशल मीडिया पर किया गया बाद में अनेक समाचार एजेंसीज़ में भी इस सुचना को गलत बताते हुए इसपे ख़बरें प्रकाशित की किंतुं इस गलत सूचना का तब तक प्रचार हो गया था.
एक भ्रान्ति यह भी है कि इस काल्पनिक पौधे को हिंदू धर्म में भगवान शेषनाग का अंश एवं शिव का रूप माना जाता है किन्तु वास्तविकता में किसी भी ग्रन्थ इत्यादि में इसका कोई उल्लेख नहीं है और ना भगवान शिव से सम्बंधित मन्ह्त्वपूर्ण पुराण 'शिव-पुराण' में भी इस तरह के किसी पुष्प का कोई जिक्र नहीं है।
23/08/2024
चारमीनार
एक एतिहासिक जगह हैदराबाद मे।
चारमीनार ("चार मीनार"), 1591 में निर्मित, भारत के हैदराबाद, तेलंगाना में स्थित एक स्मारक और मस्जिद है।[1] यह विश्व स्तर पर हैदराबाद के प्रतीक के रूप में जाना जाता है और भारत में सबसे अधिक मान्यता प्राप्त संरचनाओं में सूचीबद्ध है। चारमीनार के लंबे इतिहास में 400 से अधिक वर्षों के लिए इसकी शीर्ष मंजिल पर एक मस्जिद का अस्तित्व शामिल है। ऐतिहासिक और धार्मिक रूप से महत्वपूर्ण, यह संरचना के आसपास के लोकप्रिय और व्यस्त स्थानीय बाजारों के लिए भी जाना जाता है, और हैदराबाद में सबसे अधिक बार आने वाले पर्यटक आकर्षणों में से एक बन गया है। चारमीनार कई त्योहार समारोह की एक साइट है, जैसे कि ईद-उल-अधा और ईद-उल-फितर।
22/08/2024
1970: भारतीय हॉकी इतिहास का पतन
हॉकी 70 के दशक में यूरोप की ओर पैर पसारने लगे था, हालांकि 1971 में स्पेन में आयोजित पहले हॉकी वर्ल्ड कप में पाकिस्तान ने स्पेन को हराकर ख़िताब अपने नाम किया था। जबकि भारतीय हॉकी टीम तीसरे स्थान पर रही थी।
भारत ने म्यूनिख में हुए 1972 ओलंपिक में भी कांस्य पदक हासिल किया था। इसके बाद टीम इंडिया ने 1973 वर्ल्ड कप के फ़ाइनल में भी जगह बनाई थी जहां उन्हें नीदरलैंड के हाथों हार का सामना करना पड़ा था।
पुरुषों के बाद भारतीय महिला हॉकी टीम भी मैदान में उतरी और 1974 में खेले गए पहले महिला हॉकी वर्ल्ड कप में भी भारतीय महिलाओं ने शिरकत की, जहां वे चौथे स्थान पर रहीं।
70 के दशक में भारतीय पुरुष हॉकी टीम ने वापसी के संकेत ज़रूर दिए थे जब 1975 हॉकी वर्ल्ड कप का ख़िताब भारत के सिर गया।