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12वीं के बाद क्या करें? – करियर विकल्पों की पूरी गाइड
13/01/2026

12वीं के बाद क्या करें? – करियर विकल्पों की पूरी गाइड







30/12/2025

🎉 नया साल 2026 – अग्रिम शुभकामनाएं 🎉
31 दिसंबर की शाम होते ही—
मंदिरों में भीड़,
बाज़ारों में भीड़,
होटल–रेस्टोरेंट फुल,
शिमला–मसूरी ही नहीं,
हर हिल स्टेशन हाउसफुल 🚗❄️
टीवी खोलिए तो
ज़्यादातर न्यूज़ चैनल
हिल स्टेशनों और मंदिरों की
खूब चर्चा करते नज़र आते हैं।
हर तरफ़ बस एक ही आवाज़—
Bye Bye 2025, Welcome 2026! 🥳
लेकिन ज़रा ठहरिए…
ध्यान से देखिए—
जहाँ सबसे ज़्यादा सन्नाटा मिलेगा,
वो है शिक्षा का मंदिर — स्कूल 😌📖
जी हाँ प्रभु!
आपकी लीला भी कितनी अद्भुत है—
आपके मंदिर भरे रहते हैं,
और शिक्षा के मंदिर
अक्सर खाली रह जाते हैं।
क्योंकि ठंड तो
सिर्फ़ शिक्षा के मंदिरों में ही लगती है… ❄️
उम्मीद है कि 2026 में
हमारे राष्ट्रीय चैनल
पर्यटन और भीड़ के साथ-साथ
शिक्षा पर भी उतनी ही गंभीर चर्चा करेंगे। 📺📚
व्यंग है साहब,
क्योंकि सच्चाई
अक्सर चुपचाप हँसती है…
👋 Bye Bye 2025
🙏 Welcome 2026

16/12/2025
17/11/2025

#भारत के सात #सबसे #अमीर #टीचर

बाल दिवस की आप सभी को हार्दिक शुभकामनाएं।आज का दिन उन नन्हे-मुन्ने बच्चों को समर्पित है,जिनकी मुस्कान से घर, स्कूल और पू...
14/11/2025

बाल दिवस की आप सभी को हार्दिक शुभकामनाएं।
आज का दिन उन नन्हे-मुन्ने बच्चों को समर्पित है,
जिनकी मुस्कान से घर, स्कूल और पूरा समाज रोशन होता है।

बच्चे हमारे देश का भविष्य हैं —
उन्हें प्यार दें, शिक्षा दें और सपने देखने की आज़ादी दें।
आइए मिलकर संकल्प लें कि हर बच्चे के चेहरे पर मुस्कान बनी रहे।

हैप्पी चिल्ड्रन डे!

आज कंप्यूटर के बिना एक कदम भी चल पाना ना मुमकिन है इसी बात को ध्यान मे रखकर हमने *कंप्यूटर चालीसा* सादर  किया है---     ...
18/10/2025

आज कंप्यूटर के बिना एक कदम भी चल पाना ना मुमकिन है इसी बात को ध्यान मे रखकर हमने *कंप्यूटर चालीसा*
सादर किया है---

*कंप्यूटर-चालीसा*
दोहा
कंप्यूटर बिन तो सखे,
प्रगति द्वार अवरुद्ध।
अतः समूचे विश्व मे,
बात स्वतः यह सिद्ध। ।

चोपई
1
धरती अम्बर कण कण दाना ।
कंप्यूटर से सबकुछ जाना।।
2
कम्प्यूटर की खोज जो कीनी।
सम्मुख उसके दुनिया बोनी।
3
कंप्यूटर की अमर कहानी।
बनी स्वदेशी तब हम जानी
4
एक सहष नौ शतक छियाशठ।
नीव स्वदेशी बनी नियामक।।
5
पहला कम्प्यूटर तब आया।
दीर्घ काल फिर और समाया।।
6
किन्तु समय क्रम जब बड़ता।
कंप्यूटर युग शीघ्र बदलता।।
7
आज अचम्भा ही तो लगता।
कंप्यूटर की अद्भुत क्षमता।।
8
कंप्यूटर ही मंगलकारी।
हरती मन की विपदा सारी।।
9
जन्म कुंडली इससे बनती।
जीवन की तस्वीर सँभरती।।
10
टी वी पर जो कुछ भी आए।
कंप्यूटर ही सफल बनाए।।
11
युगों युगों की विस्मृत गाथा।
कंप्यूटर जीवित करवाता। ।
12
दैत्याकारा जीव विशाला।
डायनासोर नामहि वाला।।
13
सजीव फिल्म देखिए भाई।
कंप्यूटर ने सच करवाई।।
14
कार्टून के जो हस गुल्ले।
कंप्यूटर से बल्ले बल्ले। ।
15
बूड़े दिखते युवा समाना।
कंप्यूटर का ताना। बाना।।
16
युवा वॄद्ध सम रूप दिखाए।
तरह तरह तस्वीर बनाए।।
17
करतव तो ऐसे दिखलाता।
कल्पना मे भी जो न आता।।
18
ऐसे लगता स्वप्न लोक है।
सबकुछ जैसे फोक जोक है।।
19
किन्तु नयन तो चकरा जाते।
सजीव दृश्य न झुठलापाते।।
20
जीवित मुर्दा सम लगता है।
मुर्दा जीवित हो उठता है।।
21
किन्तु नयन का भ्रम ही जानों।
कंप्यूटर की महिमा मानो।।
22
अनगिनत लिंक हमे जो मिलती।
जिससे समझो दुनिया चलती।।
23
सारा ही साहित्य समाया।
जैसे दुनिया को भर माया।।
24
केवल अंगुली टच करदो तो।
सबकुछ सम्मुख झट पाओ तो।।
25
गूगल पर कुछ भी लिख जानो।
कंप्यूटर से संभव मानो।।
26
बीमारी का ठीक निदाना।
कंप्यूटर ने ही तो पहचाना।।
27
महामारी का दौर भयानक।
और कष्ट भी महा विनाशक।।
28
कंप्यूटर ही हल खोजेगा।
मानव बुद्धि संग होवेगा।।
29
आज निठल्ले हो जाते जब।
भाग्य भरोसे सो जाते तब।।
30
किन्तु निठल्ले आज सभी ना।
कुछ को आई कोई कमी ना।।
31
कंप्यूटर ने सफल बनाया।
घर मे रहकर काम कराया।।
31
अतः आज संसार ने माना।
कंप्यूटर बिन शून्य समाना।।
32
डिजिटल का ही आज जमाना।
लेन देन करिये मन माना।।
33
मोबाईल फोन भी ऐसे जानो।
कंप्यूटर ही उसको मानो।।
34
अतः सिद्ध यह उक्ति ताजा।
कंप्यूटर बिन न कोई काजा।।
35
कंप्यूटर शिक्षा आवश्यक।
इसी से बच्चा बच्चा लायक।।
36
चाहे किसी उम्र के भैया।
कंप्यूटर बिन न तिहरे नैया।।
37
अतः तनक भी जो जन जाने।।
सही मोबाईल उपयोग को माने।।
38
कंप्यूटर युग ही अब वांचो।
अतः उसी संग रहना सांचो।।
39
कंप्यूटर कंप्यूटर जपिए।
उपयोग निरंतर करते रहिये।।
40
कंप्यूटर खुद चमत्कार है।
अतः उसे ही नमस्कार है।।
दोहा
कंप्यूटर की शिक्षा ही,
देगी सबको जीत।
कंप्यूटर से ही मिली,
अनेकांत सत प्रीत।।

28/09/2025

भारत में कोचिंग सेंटर की भूमिका

भारत की शिक्षा व्यवस्था पर अगर गंभीरता से नज़र डालें तो एक अहम सच्चाई सामने आती है—आज बच्चों के भविष्य और सपनों की असली डोर स्कूलों के बजाय कोचिंग सेंटरों के हाथ में है।

स्कूलों की कमजोरी

स्कूलों का काम सिर्फ़ किताबों का पाठ पूरा करना, परीक्षाओं का आयोजन करना और प्रशासनिक आदेशों का पालन करना रह गया है। बच्चों की वास्तविक ज़रूरतें—जैसे प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी, मानसिक विकास, और कौशल आधारित शिक्षा—इन सब पर स्कूल उतना ध्यान नहीं दे पाते। यही “कमज़ोरी” बाद में बच्चों के लिए चुनौती बन जाती है।

कोचिंग सेंटर की भूमिका

यही जगह है जहाँ कोचिंग सेंटर बच्चों के लिए सहारा बनते हैं।

यदि किसी बड़े एग्ज़ाम—चाहे IIT, NEET, UPSC या SSC—को क्लियर करना हो, तो बिना कोचिंग के यह लगभग असंभव माना जाता है।

कोचिंग सेंटर बच्चों की व्यक्तिगत कमज़ोरियों को समझते हैं और उन्हें दूर करने की रणनीति सिखाते हैं।

छोटे बच्चों के लिए भी चाहे अबेकस हो, वैदिक गणित, रुबिक क्यूब, मेमोरी ट्रेनिंग या एक्स्ट्रा एक्टिविटीज—सबसे पहले माता-पिता कोचिंग सेंटर का रुख करते हैं।

माता-पिता और सपने

हर माता-पिता का सपना होता है कि उनका बच्चा आगे बढ़े, बड़ा बने और नाम कमाए। लेकिन यह सपना पूरा करने की असली जिम्मेदारी आज कोचिंग सेंटर ही उठा रहे हैं। स्कूलों में जो कमी रह जाती है, वही कमी कोचिंग सेंटर बच्चों के जीवन में पूरी करते हैं।

निष्कर्ष

यह स्थिति हमें सोचने पर मजबूर करती है—क्या स्कूल अपनी असली जिम्मेदारी निभा रहे हैं? या फिर शिक्षा का असली केंद्र अब स्कूल से हटकर कोचिंग सेंटर बन गए हैं?
सच यही है कि आज भारत में बच्चों की सफलता की असली नींव कोचिंग सेंटर ही तैयार कर रहे हैं।

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✍️ – राकेश फुटेला
(माइंड ट्रेनर | वर्ल्ड रिकॉर्ड स्पेशलिस्ट | मेमोरी कोच | चेस कोच)

भारत में कोचिंग केवल एक संस्था नहीं, बल्कि सपनों का सेतु और भविष्य की रोशनी है। चालीस साल पहले जब टॉप कॉलेजों, मेडिकल और...
28/09/2025

भारत में कोचिंग केवल एक संस्था नहीं, बल्कि सपनों का सेतु और भविष्य की रोशनी है। चालीस साल पहले जब टॉप कॉलेजों, मेडिकल और IIT की राह सिर्फ़ बड़े शहरों और नामी-गिरामी स्कूलों तक सीमित थी, तब गाँव–कस्बे का बच्चा इन संस्थानों का नाम तो सुन सकता था, लेकिन वहाँ तक पहुँचने की कल्पना तक नहीं कर सकता था। कोचिंग के उदय ने यह तस्वीर बदल दी। इसने स्कूल–कॉलेज–यूनिवर्सिटी की अधूरी कड़ियों को पूरा किया और अमीर–गरीब, गाँव–शहर के बीच की खाई पाट दी। आज देश के सबसे वंचित परिवार का बच्चा भी किसी न किसी रूप में कोचिंग तक पहुँच पा रहा है और IIT, NEET तथा टॉप यूनिवर्सिटी का सपना देखने की हिम्मत जुटा रहा है। सच यह है कि अगर कोचिंग न होती तो ऐसे लाखों बच्चे कभी भारत की विकास गाथा का हिस्सा न बन पाते।

माता-पिता अपने बच्चों के सपनों के लिए अपना सबकुछ दांव पर लगाते हैं। कोई खेत बेचता है, कोई गहने गिरवी रखता है और कोई अपनी जरूरतों से समझौता करता है, सिर्फ़ इसलिए कि उसका बच्चा पढ़ सके और आगे बढ़ सके। ऐसे में कोचिंग केवल शिक्षा नहीं, बल्कि भारत के भविष्य की नींव है। असल में, कोचिंग एक अनौपचारिक शैक्षणिक डिलीवरी सिस्टम है, जो किसी भी ब्यूरोक्रेसी या लालफीताशाही से बंधा नहीं है। यही इसकी ताकत है। यही वजह है कि खान एकेडमी हो, संदीप महेश्वरी हों, ध्रुव राठी हों या खान सर – जो भी कर रहे हैं, वह भी “कोचिंग” ही है।

फिर सवाल उठता है कि सरकार कोचिंग को नकारात्मक नज़रिये से क्यों देखती है? जब स्कूल की पढ़ाई पर जीएसटी 0% है, तो कोचिंग पर 18% क्यों लगाया गया है? क्या यहाँ पढ़ाए जाने वाले विषय बदल जाते हैं? क्या शिक्षक और विद्यार्थी का रिश्ता बदल जाता है? शिक्षा की कीमत स्थान देखकर क्यों तय होनी चाहिए? यह भेदभाव समझ से परे है।

आज भारत के आईटी प्रोफेशनल्स पूरी दुनिया में अपनी पहचान बना रहे हैं। अगर उनके प्रोफ़ाइल पर नज़र डालें, तो लगभग 90% किसी न किसी रूप में कोचिंग से गुज़रे हैं। यही लोग आज भारत की सॉफ्ट पावर का चेहरा हैं, यही लोग अरबों डॉलर का योगदान भारत की जीडीपी में कर रहे हैं और यही लोग ग्लोबल बोर्डरूम से लेकर सिलिकॉन वैली तक भारत का नाम रोशन कर रहे हैं। अगर कोचिंग न होती, तो क्या भारत आईटी सुपरपावर बन पाता?

किसान का ट्रैक्टर उसकी ज़मीन जोतता है और कोचिंग बच्चे का भविष्य गढ़ती है। एक पर राहत और दूसरे पर टैक्स – यह न्याय नहीं है। जीएसटी बचत उत्सव तभी सच्चा होगा, जब शिक्षा हर रूप में बोझ से मुक्त होगी। क्योंकि सपनों पर टैक्स नहीं, सहारा मिलना चाहिए। 🌱

👩‍🏫 "शिक्षक सिर्फ ज्ञान का स्रोत नहीं होते, बल्कि वह राष्ट्र की आत्मा के निर्माता होते हैं।"वे दीपक की भांति अपने जीवन क...
05/09/2025

👩‍🏫 "शिक्षक सिर्फ ज्ञान का स्रोत नहीं होते, बल्कि वह राष्ट्र की आत्मा के निर्माता होते हैं।"
वे दीपक की भांति अपने जीवन को जलाकर अनगिनत जीवनों को प्रकाशमान करते हैं।
उनके बिना न समाज की दिशा तय हो सकती है और न ही राष्ट्र का भविष्य संवर सकता है।

🙏 शिक्षक वह शक्ति हैं जो एक साधारण बालक को असाधारण व्यक्तित्व में ढाल देती है।
उनकी मेहनत, मार्गदर्शन और त्याग ही हमें सफलता की ऊँचाइयों तक ले जाता है।

✨ इस शिक्षक दिवस पर हम सब अपने गुरुओं को नमन करते हैं,
जिन्होंने हमें सही राह दिखाई और सच्चे अर्थों में राष्ट्र निर्माण का स्तंभ बने।

💐 सभी शिक्षकों को शिक्षक दिवस की हार्दिक शुभकामनाएँ! 💐

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Sirsa
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