08/09/2023
फतेहपुर रोड स्थित अरावली पब्लिक सीनियर सेकेंडरी स्कूल सीकर में पुरस्कार वितरण समारोह (Wings of Change) बड़ी धूमधाम से मनाया गया।
संस्था निदेशक सुमित्रा सिंह ने बताया कि इस कार्यक्रम की अध्यक्षता शिवकुमार जी भार्गव ने की। प्रोफेसर मेडिकल कॉलेज डॉक्टर दर्शन भार्गव मुख्य अतिथि रहे। किड्स काउंसलर प्रमिला सिंह एवं रेनू शर्मा कार्यक्रम के विशिष्ट अतिथि रहे।
सर्वप्रथम माल्यार्पण कर अतिथियों का स्वागत किया गया । इसके बाद अतिथियों ने मां सरस्वती के आगे दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया ।
पारुल ने गणेश वंदना से कार्यक्रम की शुरुआत की। रेहान ग्रुप ने स्वागत गीत पर नृत्य प्रसूत कर अतिथियों का सत्कार किया। मोहित ग्रुप ने रंगीलो राजस्थान पर शानदार प्रस्तुति देकर अतिथियों का स्वागत किया। कक्षा 2 के भावेश ग्रुप ने स्कूल चले हम गाने पर शानदार प्रस्तुति पेश की। कक्षा 5 की भावना ने जल जमुना रो पानी गाने पर शानदार नृत्य किया। कक्षा 8 की ललिता ने कालबलिया लोक नृत्य काल्यो कूद पदयो मेला में गाने में शानदार प्रस्तुति दी, इस गाने पर अभिभावक भी अपनी कुर्सियों से उठकर तालियां बजाने लगे। विद्यालय के अन्य बच्चों ने भी रंगारंग कार्यक्रम में बढ़ चढ़कर प्रस्तुतियां पेश की।
इस कार्यक्रम में विद्यालय की बोर्ड परीक्षा में शानदार परिणाम देने वाले विद्यार्थियों को स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया गया ।
कार्यक्रम के अध्यक्ष शिवकुमार जी ने बताया कि बच्चों के पास मुख्य रूप से दो ही ताकत होती है। एक अच्छे संस्कार और दूसरी अच्छी शिक्षा, इन दोनों के बल पर विद्यार्थी किसी भी मुकाम को हासिल कर सकता है। इस संस्था के बोर्ड परीक्षा परिणाम को देखते हुए और रंगारंग कार्यक्रम की प्रस्तुतियों को देखते हुए, मैं यह दावे से कह सकता हूं कि "इस विद्यालय के बच्चे अच्छे संस्कार और अच्छी शिक्षा में सर्वशक्तिमान है।"
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि मेडिकल कॉलेज के प्रोफेसर डॉक्टर दर्शन भार्गव ने बच्चों को बहुत ही प्रेरणादायक प्रसंग के माध्यम से उच्च संस्कारवान जीवन जीने के लिए प्रेरित किया। अभिभावकों ने भी मुख्य अतिथि के मोटिवेशन की बहुत तारीफ़ की।
कार्यक्रम के विशिष्ट अतिथि किड्स काउंसलर प्रमिला सिंह ने अपने संबोधन के माध्यम से बच्चों को बताया कि परिस्थितियां अच्छी या बुरी आती जाती रहती हैं। हमें हर समस्या का मुकाबला, साहस और धैर्य के साथ करते हुए आगे बढ़ना चाहिए। परिस्थितियों से घबराना नहीं चाहिए। अपने समय का सदुपयोग करना चाहिए।
कार्यक्रम के विशिष्ट अतिथि डॉक्टर रेनू शर्मा ने बताया कि शिक्षक एक कुम्हार की तरह होता है। जिस प्रकार कुम्हार मटका बनाते समय एक हाथ से मटके को अंदर से सहारा देता है, तथा दूसरे हाथ से मटके पर चोट करते हुए एक सुंदर मटका तैयार करता है। उसी प्रकार शिक्षक भी बच्चों के साथ समय-समय पर उनके अनुरूप व्यवहार कर उनके सुंदर भविष्य का निर्माण करता है।
कार्यक्रम में बड़ी संख्या में अभिभावक उपस्थित रहे अभिभावकों को बच्चों का बोर्ड परीक्षा परिणाम और रंगारंग कार्यक्रम की प्रस्तुतियां बहुत अच्छी लगी। कार्यक्रम के दौरान एक समय तो ऐसा आ गया कि मंच प्रस्तुति के साथ दर्शक भी एक स्वर में गाने लग गए थे।
संस्था निदेशक सुमित्रा सिंह ने बताया कि 1995 में संस्था की शुरुआत की गई। एक सेक्शन में 25 सीट निश्चित की गई है। जिससे प्रत्येक बच्चे का व्यक्तिगत रूप से ध्यान रखा जा सके। प्रत्येक विद्यार्थी की पढ़ाई एवं अनुशासन से संबंधित संपूर्ण जिम्मेदारी लेने वाला सीकर का एकमात्र विद्यालय अरावली स्कूल है। विद्यालय के किसी भी बच्चे को अन्य किसी प्रकार के ट्यूशन या अन्य सहयोग की आवश्यकता नहीं होती है। यदि किसी अभिभावक को बच्चों के संस्कार और पढ़ाई संबंधित किसी प्रकार की समस्याएं हैं, तो मंच पर आकर अपने विचार व्यक्त करें।
अभिभावक मंच पर आए भी। अपने बच्चों के बदलाव की जमकर तारीफ़ की। विद्यालय में पढ़ाई और अनुशासन का माहौल है। बलराम जी ने कहा मेरा बच्चा 7 साल से अरावली स्कूल में पढ़ रहा है यहां का अनुशासन और पढ़ाई बहुत अच्छी है। मेरे वार्ड से अन्य स्कूलों में जाने वाले बच्चों में से एक भी बच्चा पढ़ने, लिखने एवं अनुशासन में मेरे बच्चों जैसा नहीं है। इसका संपूर्ण श्रेय अरावली स्कूल को जाता है।