10/03/2017
श्री कल्याण आरोग्य सदन स्कूल ऑफ नर्सिंग सांवली सीकर में खेलकूद प्रतियोगिता का आयोजन किया गया इस आयोजन में नर्सिंग स्कूल एव RSLDC के विद्यार्थियों ने भाग लिया इस प्रतियोगिता के दौरान कबड्डी ,वॉलीबॉल ,दौड़ ,ऊंची कूद, लंबी कूद एवं अन्य खेलों का आयोजन किया गया इन सभी खेलों में विजेता विद्यार्थियों को 14 मार्च 2017 को श्री बद्री नारायण सोडाणी जी की पुण्यतिथि पर पुरस्कृत किया जाएगा
13/02/2017
श्री खाटू श्याम बाबा के निशुल्क शिविर मे अपनी सेवाये देते Shree Kalyan Arogya Sadan Sanwali school of nursing के student और श्री श्याम महोतस्व सेवा समिती के अध्यक्ष श्री ओम जी मोदी with me
24/12/2016
Visit on 23/12/2016 by Health minister Kalicharan saraf, Sikar MP, MLA, kanta Prasad mor (Secretary )shree Kalyan Arogya Sadan Sanwali,lokesh Sharma ( principal) school of nursing Sanwali and all staff Sanwali
03/08/2016
एशिया के सबसे बड़े T.B. अस्पताल
संक्षिप्त विवरण
• सीकर के टीबी अस्पताल में वर्तमान में सवा सौ के करीब टीबी के मरीज भर्ती हैं। उनके यहां रहने-खाने से लेकर दवा तक की व्यवस्था सदन अपने स्तर पर करता है। श्री कल्याण आरोग्य सदन मेडिकल कॉलेज खोलने के लिए खुद की करोड़ों रुपए की जमीन व बना बनाया भवन देने को तैयार है।
सीकर श्री कल्याण आरोग्य सदन मेडिकल कॉलेज खोलने के लिए खुद की करोड़ों रुपए की जमीन व बना बनाया भवन देने को तैयार है। वहीं, दूसरी ओर सदन द्वारा संचालित टीबी हॉस्पिटल के लिए मिलने वाली सहायता को सरकार ने सालों से बंद कर रखा है।सांवली स्थित एशिया के सबसे बडे़ टीबी अस्पताल की नींव दिसंबर 1960 में रखी गई थी।
उस दौरान श्री कल्याण आरोग्य सदन के पास फंड के मात्र 68 रुपए थे। इसके बाद 15 नवंबर 1964 को प्रधानमंत्री लालबहादुर शास्त्री ने 300 बेड वाले टीबी अस्पताल का उद्घाटन किया। सरकार की ओर से तब से टीबी अस्पताल को बेड के हिसाब से अनुदान दिया जा रहा था। लेकिन, पिछले सात साल से सरकार ने यह सहायता पूरी तरह से बंद कर रखी है। अस्पताल में वर्तमान में सवा सौ के करीब टीबी के मरीज भर्ती हैं। उनके यहां रहने-खाने से लेकर दवा तक की व्यवस्था सदन अपने स्तर पर करता है। सदन के पदाधिकारियों का कहना है कि अनुदान बंद होने से अस्पताल आर्थिक संकट से गुजर रहा है। एेसे में आज अस्पताल दानदाता व भामाशाहों के भरोसे चल रहा है। उल्लेखनीय है कि सीकर में मेडिकल कॉलेज खोलने के लिए सदन अपना 20 एकड़ जमीन व करोड़ों रुपए का भवन देने को तैयार है। बस सरकार व सदन के बीच एमओयू होने का इंतजार है।टीबी अस्पताल का सालाना डेढ़ करोड़ रुपए का खर्च है। अस्पताल संचालन के लिए मुंबई, कोलकाता, सूरत व देश के अन्य हिस्सों में रहने वाले भामाशाहों का सहयोग लिया जा रहा है। श्री कल्याण आरोग्य सदन की ओर से मेडिकल कॉलेज भवन में छह से सात करोड़ रुपए लगाए हैं। हालांकि इस राशि का उपयोग भी टीबी अस्पताल में भर्ती होने वाले मरीजों की विभिन्न सुविधाओं के लिए किया जाना था। सदन अभी मरीजों को निशुल्क दवा के साथ दूध व दो बार भोजन के अलावा सुबह नाश्ता दे रहा हैरिकार्ड के अनुसार 2000-01 में सरकार की ओर से 30 लाख रुपए टीबी अस्पताल के लिए सदन को दिए गए। 2001-02 में यह सहायता घटाकर 20 लाख रुपए कर दी गई। 2002-03 व 04 में भी 15-15 लाख रुपए भिजवाए गए। लेकिन, इसके बाद पांच साल तक कुछ नहीं दिया और 2009-10 में फिर 15 लाख रुपए देकर अपना पल्ला झाड़ लिया। उसके बाद से एक रुपए की सहायता सरकार ने अस्पताल के लिए जारी नहीं की है।
श्री कल्याण आरोग्य सदन के मंत्री कांताप्रसाद मोर कहते हैं कि वर्ष 2009-10 में सरकार की ओर से टीबी अस्पताल के लिए 15 लाख रुपए दिए गए थे। उसके बाद से यह पैसा मिलना बंद कर दिया गया। हम हर साल सहायता के लिए सरकार के पास आवेदन करते हैं, लेकिन, सरकार यह कहकर आवेदन निरस्त कर देती है कि टीबी मरीजों के लिए डोट्स की व्यवस्था है। भर्ती करना जरूरी नहीं होता है।