02/03/2026
🔥छोटू और होलिका की सीख:
एक गाँव में छोटू नाम का लड़का रहता था। छोटू बहुत होशियार था, लेकिन एक बुरी आदत थी — वह अपना होमवर्क टालता रहता था। हर रोज़ कहता, “कल कर लूंगा… अभी तो खेलने दो!”
धीरे-धीरे उसकी कॉपियाँ अधूरी रहने लगीं। एक दिन उसकी टयूशन टीचर ने कहा,“छोटू, अगर ऐसे ही टालते रहे तो सफलता भी तुमसे दूर हो जाएगी।”
उसी समय होलिका दहन का त्योहार आया। गाँव में सब लोग गोबर के कंडे ओर लकड़ियाँ इकट्ठी कर रहे थे। छोटू ने अपने दादाजी से पूछा, “हम आग क्यों जलाते हैं?”
दादाजी बोले,
“बेटा, यह बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रतीक है। इस दिन हम अपनी बुरी आदतों को भी जलाने का संकल्प लेते हैं।”
छोटू को अपनी टालमटोल वाली आदत याद आई। उसने एक कागज़ पर लिखा —
“मैं आज से होमवर्क नहीं टालूँगा।” और उस कागज़ को होलिका की अग्नि में डाल दिया। 🔥
अगले दिन से छोटू ने समय पर पढ़ाई शुरू कर दी। कुछ महीनों बाद परीक्षा में उसके बहुत अच्छे अंक आए। वह खुशी से बोला,
“सच में, मैंने अपनी सबसे बड़ी बुराई जला दी!”
🌟 सीख:
होलिका दहन सिर्फ लकड़ियाँ ओर गोबर के कंडे जलाने का त्योहार नहीं है,बल्कि अपनी बुरी आदतों को छोड़कर अच्छी आदतें अपनाने का दिन है। ओर जिस तरह छोटू ने अपनी बुरी आदतें जलाई आप भी अपनी सारी बुरी आदतें जला दो। साक्षी टयूशन सेंटर, सीकर परिवार की ओर से होलिका दहन की हार्दिक शुभकामनाएं 🙏🙏
- साक्षी ट्यूशन सेंटर, सीकर