29/11/2025
कल रात एक बात समझ आई…
फोन साइलेंट हो तो हाथ में मोबाइल होने का भी कोई मतलब नहीं।
कभी किसी की एक कॉल ज़िंदगी बदल सकती है —
और हम सोए रहते हैं, साइलेंट मोड में।
दोस्त तकलीफ़ में हो और कॉल मिस हो जाए… उससे बड़ा अफ़सोस कोई नहीं।
इसलिए रात को साइलेंट नहीं, जिम्मेदारी ऑन रखो।