05/09/2023
आज 05 सितम्बर 2023 को
डा. सर्व पल्ली राधाकृष्णन के जयंती के इस पावन पर्व के अवसर पर इसे शिक्षक दिवस के रूप मे
सरदार वल्लभ भाई पटेल पब्लिक स्कूल अमल्लकपुर ,जिला सीधी मे,
विगत वर्षों की भांति इस वर्ष भी बड़े ही हर्षों उल्लास के साथ मनाया गया ।
कार्यक्रम दौरान प्रधानाचार्य जी ,सभी शिक्षक गण और विद्यालय के विधार्थी उपस्थित रहे ।।
31/12/2022
लाठी में गुण बहुत हैं, सदा राखिये संग।
गहिरी नदि नारा जहाँ, तहाँ बचावै अंग॥
तहाँ बचावै अंग, झपटि कुत्ता कहँ मारै।
दुशमन दावागीर होय, तिनहूँ को झारै॥
कह गिरिधर कबिराय सुनो हो धूर के बाठी।
सब हथियारन छांड़ि हाथ महँ लीजै लाठी॥
05/11/2022
Types of Keyboards for Computers:
How to Choose the Right One
QWERTY Keyboards.
Wired Keyboards.
Numeric Keypads.
Ergonomic Keyboards.
Wireless Keyboards.
USB Keyboards.
Bluetooth Keyboards.
Magic Keyboards.
01/11/2022
जो रहीम गति दीप की, कुल कपूत गति सोय।
बारे उजियारो लगे, बढ़े अँधेरो होय॥
जहाँ गाँठ तहँ रस नहीं, यह रहीम जग जोय।
मँड़ए तर की गाँठ में, गाँठ गाँठ रस होय॥
01/11/2022
श्लेष अलंकार के उदाहरण
श्लेष अलंकार के 20 उदाहरण व्याख्या
1. चरण धरत चिंता करत चितवत चारोंहुँ ओर
सुवरन को खोजत फिरे, कवि, व्यभिचारी, चोर।। ‘सुवरन‘ के तीन अर्थ – सुवरन – अच्छे शब्द, सुवरन – स्वर्ण और सुवरन – सुन्दर स्त्री है।
2. जो रहीम गति दीप की, कुल कपूत गति सोय।
बारि उजियारे लागे, बढे अंधेरो होय।। बढे शब्द के दो चिपके हुए अर्थ – बढे – बड़ा होने पर, बढे – बुझने पर
3. मंगन को देख पट देत बार बार इस उदाहरण में ‘मंगन’ के दो अर्थ कपडे तथा दरवाजा है।
4. प्रियतम बतला दे लाल मेरा कहाँ है। ‘लाल’ का अर्थ बेटा या रत्न है।
5. माया महाठगनी हम जानी
त्रिगुण फ़ांस लिए कर डोले बोले मधुर वाणी।। त्रिगुण का अर्थ – सत, रज, तम
6. मधुवन की छाती को देखो, सूखी कितनी इसकी कलियाँ। ‘कलियाँ’ शब्द के चिपके हुए अर्थ – कलियाँ – फूल खिलने से पहले कली, कलियाँ – यौवन से पहले की अवस्था है।
7. रावण सर सरोज बनचारी।
चलि रघुबीर सिलीमुख धारी।। सिलीमुख – बाण, भ्रमर
8. रात कली एक ख्वाब में आई और गले का हार हुई।
9. सूली ऊपर सेज हमारी, किस विधि सोणा होय |
गगन मंडल पर सेज पिया की, किस विधि मिलना होय|| पिया शब्द के दो अर्थ है – पति और प्रियतम
आप कुछ भी कहें मैं तो इसे हरि की कृपा मानता हूँ|
10. हे प्रभु हमें दो जीवनदान।
11. चिर जीवो जोरी जुरै, क्यों न सनेह गंभीर|
को घटि ये बृषभानुजा, वे हलधर के वीर||
12. मेरी भव बाधा हरो राधा नागिन सोये
जा तन की छाई परे स्याम हरित दुत होये हरित शब्द के तीन अर्थ है – हर लेना, हर्षित होना, हरे रंग का होना
13. जो घनीभूत पीड़ा थी, मस्तिष्क में स्मृति सी छाई
दुर दिन में आंसू बनकर, आग बरसने आयी|
14. नर की अरु नलनीर की गति एकै कर जोय
जेतो नीचो हवै चले ततो ऊंचो हो।.
01/11/2022
मैया मैं नहिं माखन खायो।
अच्छी तरह से ये सखा सब मिलि मेरे मुख लपटायो।
मैं बाल बहू को छोटो छोड़ो केहि विधि पायो। - सूरदास
01/11/2022
देखी मैंने आज जरा
हो जावेगी क्या ऐसी मेरी ही यशोधरा
हाय! मिलेगा मिट्टी में वह वर्ण सुवर्ण खरा
सुख जावेगा मेरा उपवन जो है आज हरा
01/11/2022
"‘ तपस्वी! क्यों इतने हो क्लांत,
वेदना का यह कैसा वेग?
आह! तुम कितने अधिक हताश
बताओ यह कैसा उद्वेग?"