25/10/2025
श्रीनगर। कानाखेड़ी के ब्लू केसर पब्लिक स्कूल में शनिवार को एकदिवसीय शिक्षक प्रशिक्षण शिविर का आयोजन किया गया। मोटिवेशनल स्पीकर व ट्रेनर नरेंद्र सिंह रावत ने कहा कि शिक्षक का पद आजीविका का साधन नहीं है। शिक्षक पर विद्यार्थियों का भविष्य निर्भर करता है। शिक्षण कार्य स्वयं एवं समाज के लिए श्रेष्ठ है। प्रशिक्षण के दौरान उत्साह, खुशी, स्पष्टता,परिस्थिति एवं फीडबैक जैसे विषयों पर विस्तार से चर्चा की गई। रावत ने कहा कि जीवन में उत्साह आवश्यक है। जीवन में परेशानी स्वंय में सुधार करने के लिए आती है। परिस्थितियों को अनुकूल बनाना आना चाहिए। जहां परिस्थितियों काबू में नहीं है वहां स्वयं को बदलना पड़ेगा। शिक्षक के लिए समय की पाबंदी आवश्यकहै। प्रशिक्षण के दौरान सह शैक्षणिक गतिविधियों के महत्व, शिक्षक व विद्यार्थी डायरी का महत्व, गृह कार्य की जांच, हस्तलेख प्रार्थना सभा के कार्यक्रम को लेकर जानकारी दी गई। रावत ने बताया कि एक शिक्षक को अच्छा अभिनय करना आना चाहिए। प्री प्राइमरी कक्षा में शिक्षक को छोटे बच्चों को रोचक तरीके से शिक्षण कार्य करवाना चाहिए। प्रशिक्षण के दौरान अभिनय, नृत्य, के माध्यम से भी व्यक्तित्व विकास की जानकारी दी गई। सत्र के आरम्भ में अल्पाहार वह अंत में भोजन की व्यवस्था रही। सभी शिक्षकों ने प्रशिक्षण में मनोयोग से भाग लिया।