25/04/2026
आज हम धर्म भाषा और सीमाओं में बैठे हैं लेकिन हमारा सृजनहार तो एक ही है जब खून का रंग एक है तो नफरत की दीवारें क्यों संत रामपाल जी महाराज कहते हैं जीव हमारी जाती है, मानव धर्म हमारा हिंदू मुस्लिम सिख ईसाई धर्म नहीं कोई न्यारा!