Apples Grover

Apples Grover Contact information, map and directions, contact form, opening hours, services, ratings, photos, videos and announcements from Apples Grover, Shimla.

01/01/2025

प्रूनिंग में आरी या कैंची से लगे हुए कट को भरने का तरीका:

जब हम सेब के पेड़ की प्रूनिंग करते हैं तो ये हमारे लिए ज़रूरी है की हम प्रूनिंग से हुए घाव का अछे से ध्यान रखें की कैसे हम उस घाव को अच्छे से भरें और बीमारी से बचाएँ ।

सबसे पहली ज़रूरी बात ये है कि जो भी कैंची या आरी का घाव है उसको ऑक्सीजन मिलनी चाहिए है। ऑक्सीजन उस घाव को रिकवर करने के लिए बहुत जरूरी होता है। उदाहरण के लिए, घाव में किसी भी तरह का पेंट लगाना ऑक्सीजन को घाव में लगने से रोकता है जो की घाव भरने को या तो रोकता है या फिर धीमा कर देता है।
पहले के समय में प्रूनिंग पेंट और सीलर को घाव में लगाने की सलाह दी जाती थी, लेकिन अब नयी रिसर्च और एक्सपर्ट की यही सलाह रहती है की ये पेंट और सीलर अब फायदे की जगह नुकसान ज़्यादा करते हैं। इसका मतलब ये है की आपको इन घाव को नेचुरल तरीके से भरने को छोड़ना होगा।

प्रूनिंग पेंट और सीलर नुकसान ज़्यादा पहुंचना रहे हैं क्यूंकि:
1. पेड़ों में एक नेचुरल प्रोसेस है जो की घाव को भरती है जिसको कंपार्टमेंटलाइज़ेशन हैं। जब भी किसी टहने को काटा जाता है, पेड़ ख़ुद से उस घाव में एक बचाव परत बनाता है ताकि वह किसी भी तरह की बीमारी से उसको बचाए।
2. ⁠ये सीलर और पेंट नमी बनाते हैं, सील हुआ घाव नुक़सान करने वाले फंगस और बैक्टीरिया को पैदा करते हैं। यानी की, नमी जो की सीलर और पेंट के नीचे बनी होती है वह सड़न को बड़ावा देती है और कैंकर या फंगस को भी पैदा करती है।
3. ⁠पेंट और सीलर घाव को भरने से भी धीमा करता है, क्यूंकि पेड़ को पेंट और सीलर की एक और परत के साथ भी जूझना पड़ता है। ये पेड़ को स्ट्रेस और बीमारी में भी डाल सकता है।
4. ⁠पेड़ नेचुरल तरीके से गैस को छोड़ते हैं, जिसमें कार्बनडाइऑक्साइड और कुछ अन्य चीज़ें।
5. जब टहने को काटा जाता है, जो घाव में डेड टिश्यू हैं वो नैचुरली बाहर गिर जाते हैं। सीलर या पेंट इनको अंदर ही चिपका के रखता है, इन टिश्यू को नेचुरल तरीके से गिरने नहीं देता और ना ही ही नेचुरल तरीके से सड़ने देता और इस वजह से अंदर ही सड़ जाता है।

जब भी कोई पेड़ की प्रूनिंग की जाती है, ये उस घाव को नेचुरल तरीक़े से भरने के लिए एक नेचुरल प्रोसेस से गुज़रता है जिसे की कंपार्टमेंटलाइज़ेशन कहा जाता है। ये प्रोसेस पेड़ के घाव को कवर करने और बीमारी जैसे हानिकारक फंगस या बैक्टीरिया से बचाती है।
ये कंपार्टमेंटलाइज़ेशन कुछ इस तरीके से काम करती है:
1. शुरुआती दौर में: प्रूनिंग के कट के बाद, पेड़ एकदम से साइटोकाइनिन हॉर्मोन्स और कुछ अलग केमिकल सिग्नल पैदा करने शुरू कर देता है ताकि घाव को भरने की प्रक्रिया शुरू हो जाए। ये सिग्नल सेल्स को शुरू कर देते हैं एक घाव बचाने वाली दीवार पैदा करके। घाव के किनारे की लकड़ी नेचुरल तरीके से जल्दी से सूख के गिरने लगती है।
2. ⁠कंपार्टमेंटलाइज़ेशन दौर: अब अगले इसके बाद पेड़ कैलस टिश्यू को बनाना शुरू करता है। कैलस घाव के कोने से बढ़ना शुरू होता है और घाव के बीच का गैप भरना शुरू करता है। कैलस हानिकारक फंगस और बैक्टीरिया के बीच में दीवार का काम करता है जिस वजह से वे अंदर नहीं घुस पाते। और कुछ समय में कैलस पूरे घाव को भर देता है और एक सील का काम करता है। यह घाव को भरने का प्रोसेस बड़े घाव में थोड़ा सा धीमा होता है, मगर पेड़ खुले घाव को भरने में लग रहता है।
3. ⁠लंबा दौर: जैसा की पेड़ कंपार्टमेंटलाइज़ेशन और घाव को भरने में लगा होता है, ये नयी छाल और लकड़ी को बनाता है जोकि घाव को पूरी तरह से कवर करे। ये प्रोसेस कुछ साल भी ले सकता है, खासकर बड़े कट में। एकबार जब घाव पूरी तरह से सील हो गया तो ये अपनी सारी एनर्जी पेड़ की ग्रोथ और फलों की प्रोडक्शन में लग देता है।

इसलिए कृपया ध्यान दें की घाव को किसी सीलर या पेंट से बिल्कुल भी ना भरें। पेड़ को नेचुरल तरीके से काम करने दें। और कट लगाने के लिए हमेशा तेज और साफ़ टूल का इस्तेमाल करें।

30/11/2024

Zameen mai chuna kon sa dalna chaheye ?or kyu ?aaj kal ka best time hai dalne ka !pH ko badhane k leye do tarha k chune ka upyog kiya jata hai ,aaeye es ko jane !

Calcium carbonate aur dolomite (CaMg(CO₃)₂) dono hi calcium aur magnesium ke achhe sources hain, lekin inke upyog aur behtarta unke specific gunon aur istemal ke uddeshya par nirbhar karti hai. Niche dono ka tulna kiya gaya hai:

# # # **1. Calcium Carbonate**
- **Rachna**: Isme kewal calcium carbonate hota hai, magnesium ki matra nahi hoti ya bahut kam hoti hai.
- **Gun**:
- Zyada shuddh hota hai aur calcium ki uchch matra pradan karta hai.
- Miti ka pH badhane ke liye jyada upyogi hota hai, kyunki iska neutralizing effect (liming capacity) dolomite se zyada hota hai.
- Jaldi dissolve hota hai, isliye iska asar jaldi dikhta hai.

- **Kab Chunein**:
- Jab calcium ki kami ho aur magnesium ki zarurat na ho.
- Miti mein acidity ko jaldi kam karne ki zarurat ho.

---

# # # **2. Dolomite**
- **Rachna**: Isme calcium carbonate ke saath magnesium carbonate bhi hota hai (30-40% tak magnesium carbonate).
- **Gun**:
- Calcium ke saath magnesium ka bhi accha source hai, jo plant ke liye zaruri hai.
- Dheere dissolve hota hai, isliye iska prabhav lamba chalta hai.
- Miti ki magnesium deficiency door karne ke liye behtareen hai.

- **Kab Chunein**:
- Jab miti mein magnesium ki kami ho.
- Dheere-dheere prabhav chahiye aur calcium ke saath magnesium ki zarurat ho.

---

# # # **Kaunsa Behtar Hai?**
- Agar aapki miti mein **sirf calcium** ki kami hai aur magnesium ki matra sahi hai, to **calcium carbonate** behtar rahega.
- Agar miti mein **magnesium ki kami** ho, to **dolomite** zyada upyogi hai.
- Miti ki **pH value aur nutrient analysis** karna zaruri hai taaki sahi chunav kiya ja sake.

Agar aapke paas soil test report hai, to uske adhar par sahi faisla lena sabse achha rahega.

Booking start nowOrganic apple nurseryelevation of about 7700 feet above sea level.
13/09/2020

Booking start now
Organic apple nursery

elevation of about 7700 feet above sea level.

07/07/2020

काफी बागवान अपने फलो को ले कर असमंजस में है कारण रस्टिंग / बिटर पिट / कॉरकि स्पॉट, फलों चमक अदि को ले कर।

कृपया ध्यान दे।

पहला कैल्शियम (Calcium)

पौधे का पोषण आपके बाग, उत्पादन और फलों की गुणवत्ता की स्थिति को प्रभावित करता है।
- मिट्टी या स्प्रे के माध्यम से, उर्वरकों को लागू करने की आवश्यकता होती है। पौधों के ऊतकों में पोषक तत्वों की एकाग्रता अनिवार्य रूप से पौधे के अंदर प्रत्येक पोषक तत्व को अवशोषित करने और वितरित करने की संयंत्र की क्षमता पर निर्भर करती है।
उच्च महत्व में से कैल्शियम, जो कई कोषिकाओं की प्रक्रिया और फलों की गुणवत्ता को प्रभावित करता है।

-कई फल विकारों को कैल्शियम की कमी के साथ जोड़ा गया है, जिसमें सेब में बिटर पिट (Bitter Pit), नाशपाती में कॉर्क स्पॉट (Corky Spot) और चेरी में दृढ़ता और दरारें (Fruit Craking) शामिल हैं।

-मिट्टी के स्तर पर, कैल्शियम अन्य पोषक तत्व के साथ प्रतिस्पर्धा करता है: पोटेशियम, मैग्नीशियम, सोडियम, मैंगनीज और अमोनियम। भले ही तंत्र अभी भी अस्पष्ट है, यह माना जाता है कि मिट्टी में सभी पोषक तत्वों का पर्याप्त स्तर रखने से प्रतिपक्षी को रोका जा सकता है .

दूसरा तत्व बोरान (Boron)

बोरान (Boron) की कमी आमतौर पर फल पर दरार और बाहरी कॉर्क लक्षण का कारण बनती है।

बोरान की कमी के कारण समय से पहले फल गिरता है, और कॉर्क बनने से फलों की गुणवत्ता बुरी तरह ख़राब हो सकती है। यदि मौसम में आंतरिक कॉर्क विकसित होता है, तो प्रभावित फल बुरी तरह विकृत हो जाएगा।
बोरोन की कमी पेड़ के पत्तों से कैल्शियम की गति को अन्य ऊतकों तक प्रभावित कर सकती है। नतीजतन, बोरान की कमी अक्सर "बिटर पिट " से जुड़ी होती है।

बोरान से पैदावार बढ़ाने और विभिन्न प्रकार की फसलों की गुणवत्ता में सुधार देखा गया है।

ऐसे में हम आप को हिमाचल फ्रूट्स रेकमेंड करेंगे - Calbit C व् Boroplus की स्प्रे की स्प्रे। कम से कम 2-3 बार , यह आप के फलों की त्वचा विकार को ठीक करने में मदद करते हैं।
जिसका कारण यह है कि आमतौर पर इस्तेमाल होने वाले बोरान / कैल्शियम उत्पादों की तुलना में इसका उत्थान 100% तक होता है

16/05/2020

आज कल आपको सेब के फलों पर रेंगते छोटे छोटे कीड़े तो नहीं दिखाई दे रहे , जो गोंद जैसा पदार्थ छोड़ रहें हों | यदि हाँ, तो आपके बागीचे में सिला (Psylla) नामक कीट पौधे से रस चूस कर उसे कमज़ोर कर रहा है |

यह कीट Nymph अवस्था में पौधे से रस चूसता है | विदेशों में हुए शोध के अनुसार फूलों की पंखुड़ियों के जलने के लक्षण इसकी उपस्थिति को दर्शाते हैं | | फ्रूट सेटिंग के बाद ही इसका आक्रमण शुरू हो जाता है और जब फल अखरोट के दाने के बराबर होता है तो उसमें चित्रानुसार धंसे हुए निशान पड़ जाते हैं | इन धंसे हुए गड्डों को अक्सर बोरोन की कमी जैसे लक्षणों से जोड़ कर देखा जाता है | जो फल साथ साथ चिपके रहते हैं ये कीट उसमें यह छुपे होते हैं और रस चूसते रहते हैं | जिसके कारण सूखे और अधिक धूप के मौसम में फल/पत्तों की कोशिकाएं नष्ट हो जाती हैं |

हालाँकि हिमाचल के कृषि/बागवानी विश्वविद्यालयों में अभी तक इस पर कोई अधिक शोध नहीं हुआ है लेकिन इसे Dimethoate या Oxydemeton Methyl अथवा किसी अन्य अन्तर्प्रवाही कीटनाशक से नियंत्रित किया जा सकता है |

बेहतर रहेगा कि आप अपने बागीचे का बारीकी से निरंतर निरिक्षण करते रहें ताकि समय रहते ऐसी व्याधियों पर काबू पाया जा सके |

27/04/2020
15/04/2016

अप्रैल माह की तैयारी April 1, 2016Daily BlogTheOrchardBloom जिन बागीचों में पतझड़ की शिकायत अधिक है, वहां सिल्वर स्टेज पर 200 लीटर पानी में 200 ग्राम डोडिन मिलाकर उसका छिडक़ाव जरूरी है। इससे समय से पहले पत्ते झडऩे की समस्या कारगर तरीके से दूर होती है। पिंक बड निकलने पर जिंक व बोरोन की स्प्रे करनी चाह…

15/04/2016

पौधों के लिए रामबाण है लहसुन April 14, 2016Daily BlogTheOrchardBloom यूं तो लहसुन जमीन के नीचे उगता है, लेकिन यह जमीन के ऊपर खड़े पौधों की कई बीमारियों के लिए भी रामबाण का काम करता है। पौधों को बीमारियों से बचाने के लिए लहसुन के एक प्रयोग का यहां जिक्र किया जा रहा है। सौ ग्राम लहसुन और पचास मिलीलीटर…

15/04/2016

जंगली घास वच का घोल April 14, 2016Daily BlogTheOrchardBloom जंगल से मिलने वाले कई उत्पाद पौधों के मित्र साबित होते हैं। जरूरत है तो ऐसे उत्पादों को पहचानने की। इसी तरह का एक उत्पाद है जंगली घास वच। इसके साथ की सामग्री में 5 से 6 लीटर गोमूत्र, पांच सौ ग्राम वच की पिसी हुई जड़ें500 ग्राम वाच की पीसी ह…

12/04/2016

Department of Horticulture, Himachal Pradesh and Dr. Y.S. Parmar University of Horticulture and Forestry, nauni, (H.P.) SPRAY SCHEDULE YEAR 2016 (APPLE)

12/04/2016

जेरोमाइन एक नई और बेहतर रेड डेलीशियस सेब की किस्म है। यह अर्ली रेड वन से उत्परिवर्ती किस्म है। यह सेब के पेड़ों का एक मानक रूप है और इसकी ग्रोथ मध्यम होती है। यह गोलडेन डेलीशियस की तुलना में 2-3 दिन पहले खिलता है। यह परिपक्व होने पर तीव्र लाल रंग और अच्छे आकार के फलों का उत्पादन करता है।

Address

Shimla
171211

Telephone

9805577848

Website

Alerts

Be the first to know and let us send you an email when Apples Grover posts news and promotions. Your email address will not be used for any other purpose, and you can unsubscribe at any time.

Shortcuts

Share