Jundokan Gojuryu Karatedo Federation of India

Jundokan Gojuryu Karatedo Federation of India Official page of "Jundokan Goju-Ryu Karate-do Federation of India (Regd)"

"कराटे की वास्तविक शिक्षा मुक्कों और किक्स में नहीं, बल्कि गुरु के आचरण, अनुशासन और जीवन-दर्शन में निहित होती है।"गुरु प...
29/07/2026

"कराटे की वास्तविक शिक्षा मुक्कों और किक्स में नहीं, बल्कि गुरु के आचरण, अनुशासन और जीवन-दर्शन में निहित होती है।"
गुरु पूर्णिमा के पावन अवसर पर Jundokan Goju-ryu Karate-do Federation of India परिवार अपने पूज्य Sensei S.K. Thakur जी के प्रति विनम्र श्रद्धा, कृतज्ञता एवं सम्मान व्यक्त करता है। आपके मार्गदर्शन ने न केवल उत्कृष्ट कराटेका तैयार किए हैं, बल्कि सच्चे, अनुशासित और संस्कारित व्यक्तित्वों का निर्माण भी किया है।
आपका आशीर्वाद एवं मार्गदर्शन सदैव हम सभी पर बना रहे।
गुरु पूर्णिमा की हार्दिक शुभकामनाएँ। 🙏🥋

Any karateka, or a fresher can attend the camp. The camp is open for new and old practitioners alike, of all age groups....
20/07/2026

Any karateka, or a fresher can attend the camp. The camp is open for new and old practitioners alike, of all age groups.
All members of federation are requested to please circulate the information and guide the interested audience. Feel free to text or call for any further information.

Please keep in touch for further announcements.For any query, please leave a comment.
10/06/2026

Please keep in touch for further announcements.
For any query, please leave a comment.

09/06/2026
🌿कराटे-डो और योगविद्या : आधुनिक जीवन में संतुलन, शक्ति और जागरूकता की आवश्यकताआज का समय अत्यंत तेज़ गति का समय है। सुबह ...
09/05/2026

🌿कराटे-डो और योगविद्या : आधुनिक जीवन में संतुलन, शक्ति और जागरूकता की आवश्यकता

आज का समय अत्यंत तेज़ गति का समय है। सुबह से लेकर रात तक मनुष्य किसी न किसी दौड़ में शामिल दिखाई देता है। तकनीक ने जीवन को सुविधाजनक अवश्य बनाया है, परंतु इसके साथ मानसिक तनाव, असंतुलित दिनचर्या, शारीरिक निष्क्रियता और आत्मिक खालीपन भी बढ़ा है। बच्चे मोबाइल और स्क्रीन की दुनिया में खोते जा रहे हैं, युवा प्रतिस्पर्धा के दबाव में हैं, और महिलाएँ घर तथा कार्यस्थल दोनों की जिम्मेदारियों के बीच स्वयं को थका हुआ महसूस करती हैं। ऐसे समय में कराटे-डो और योगविद्या केवल व्यायाम या खेल नहीं, बल्कि जीवन को संतुलित करने वाली आवश्यक जीवन-पद्धतियाँ बन जाती हैं।

🌿खेल या कला?

कराटे-डो का वास्तविक अर्थ केवल लड़ना या प्रतियोगिता जीतना नहीं है। “डो” का अर्थ है — मार्ग, जीवन का पथ। अर्थात कराटे-डो वह साधना है जो मनुष्य को केवल शारीरिक रूप से नहीं, बल्कि मानसिक, नैतिक और आत्मिक रूप से भी विकसित करती है। आज प्रायः कराटे को केवल एक खेल के रूप में देखा जाता है, जहाँ पदक, अंक और प्रतियोगिताएँ ही मुख्य उद्देश्य बन जाते हैं। जबकि पारंपरिक कराटे-डो का लक्ष्य व्यक्ति के भीतर अनुशासन, धैर्य, विनम्रता, साहस और आत्म-जागरूकता का निर्माण करना है।

खेल आवश्यक हैं, क्योंकि वे शरीर को सक्रिय रखते हैं और प्रतिस्पर्धा की भावना उत्पन्न करते हैं। लेकिन कला केवल प्रतिस्पर्धा तक सीमित नहीं होती। कला मनुष्य के भीतर गहराई पैदा करती है। कराटे-डो में व्यक्ति अपने शरीर के साथ-साथ अपने मन को भी प्रशिक्षित करता है। हर अभ्यास, हर मुद्रा, हर श्वास हमें स्वयं को समझने की दिशा में ले जाती है। यही कारण है कि पुराने समय में युद्धकलाओं को केवल युद्ध के लिए नहीं, बल्कि चरित्र निर्माण के लिए भी सिखाया जाता था।

योगविद्या भी इसी सिद्धांत पर आधारित है। योग केवल शरीर को मोड़ने या कठिन आसनों का प्रदर्शन करने का नाम नहीं है। योग का वास्तविक उद्देश्य शरीर, मन और आत्मा में संतुलन स्थापित करना है। जब कराटे-डो और योग एक साथ जीवन का हिस्सा बनते हैं, तब व्यक्ति केवल मजबूत नहीं बनता, बल्कि शांत, सजग और संतुलित भी बनता है।
आज बच्चों के सामने सबसे बड़ी चुनौती है — ध्यान की कमी, अनुशासनहीनता और मानसिक अस्थिरता। वे अत्यधिक सूचना और मनोरंजन के बीच पल रहे हैं, परंतु धैर्य और आत्मनियंत्रण का अभ्यास उनसे दूर होता जा रहा है। कराटे-डो बच्चों को केवल पंच और किक नहीं सिखाता, बल्कि यह सिखाता है कि शक्ति का उपयोग कब और कैसे करना है। वह बच्चों में सम्मान, संयम और आत्मविश्वास का निर्माण करता है। नियमित अभ्यास से बच्चे शारीरिक रूप से स्वस्थ होते हैं, उनकी एकाग्रता बढ़ती है और वे चुनौतियों का सामना अधिक साहस के साथ करना सीखते हैं। कराटे के अभ्यास में योग व प्राणायाम की क्रियाओं को जोड़ने का कारण यही है कि कला और योग एक दूसरे के पूरक हैं।

🌿डोजो का महत्व -

एक बच्चा जब डोजो में प्रवेश करता है, तो वह केवल तकनीक नहीं सीखता; वह प्रणाम करना सीखता है, गुरु का सम्मान करना सीखता है, अनुशासन का महत्व समझता है और यह अनुभव करता है कि वास्तविक शक्ति विनम्रता में होती है। यही संस्कार आगे चलकर उसके जीवन की दिशा निर्धारित करते हैं।

महिलाओं के लिए भी कराटे और योग अत्यंत महत्वपूर्ण हैं। आज की दुनिया में महिलाओं को केवल शारीरिक सुरक्षा ही नहीं, बल्कि मानसिक दृढ़ता की भी आवश्यकता है। आत्मरक्षा का अर्थ केवल किसी आक्रमण से बचना नहीं, बल्कि भीतर यह विश्वास उत्पन्न करना है कि “मैं सक्षम हूँ, मैं निर्भीक हूँ।” कराटे-डो महिलाओं में यही आत्मविश्वास जागृत करता है।

जब कोई महिला नियमित रूप से प्रशिक्षण लेती है, तो उसके भीतर केवल शारीरिक शक्ति ही नहीं बढ़ती, बल्कि निर्णय लेने की क्षमता, आत्मसम्मान और मानसिक स्थिरता भी विकसित होती है। योग उसके भीतर शांति और संतुलन बनाए रखने में सहायता करता है। यह संयोजन उसे जीवन की कठिन परिस्थितियों में भी मजबूत बनाए रखता है।

आज हम प्रकृति से भी दूर होते जा रहे हैं। कृत्रिम जीवनशैली ने हमें शरीर और मन दोनों स्तरों पर असंतुलित कर दिया है। कराटे और योग हमें पुनः प्रकृति के निकट लाते हैं। श्वास पर ध्यान देना, शरीर की गति को महसूस करना, मौन में अभ्यास करना — ये सब हमें याद दिलाते हैं कि जीवन केवल मशीन की तरह भागते रहने का नाम नहीं है।

जब कोई साधक खुले वातावरण में अभ्यास करता है, सूर्य की किरणों को महसूस करता है, शांत मन से ध्यान करता है, तब वह प्रकृति के साथ एक गहरा संबंध अनुभव करता है। यह संबंध मनुष्य को भीतर से स्वस्थ बनाता है। प्रकृति हमें धैर्य सिखाती है, और युद्धकलाएँ हमें उस धैर्य को जीवन में उतारना सिखाती हैं।

🌿नियंत्रण अपनी ऊर्जा पर - और अपने मन पर

कराटे-डो हमें यह भी सिखाता है कि वास्तविक विजय दूसरों को हराने में नहीं, बल्कि स्वयं पर विजय प्राप्त करने में है। क्रोध पर नियंत्रण, भय पर नियंत्रण, आलस्य पर नियंत्रण — यही सबसे बड़ी जीतें हैं। आज समाज में तनाव, हिंसा और असहिष्णुता बढ़ रही है क्योंकि मनुष्य ने स्वयं के भीतर झाँकना बंद कर दिया है। युद्धकलाएँ और योग हमें भीतर लौटने का अवसर देते हैं।

यह आवश्यक नहीं कि हर व्यक्ति प्रतियोगिता में जाए या ब्लैक बेल्ट प्राप्त करे। महत्वपूर्ण यह है कि हम अपने जीवन में नियमित अभ्यास की संस्कृति विकसित करें। प्रतिदिन कुछ समय शरीर और मन के लिए निकालना, स्वयं को अनुशासित करना और अपनी ऊर्जा को सकारात्मक दिशा देना — यही वास्तविक साधना है।

कराटे-डो और योग दोनों हमें यह समझाते हैं कि शक्ति और शांति एक-दूसरे के विरोधी नहीं, बल्कि पूरक हैं। एक सच्चा योद्धा वही है जो शक्तिशाली होने के साथ-साथ संवेदनशील भी हो। जो अपनी शक्ति का प्रदर्शन नहीं, बल्कि नियंत्रण करना जानता हो।

🌿 मनुष्यता और कला

आज आवश्यकता केवल अच्छे खिलाड़ियों की नहीं, बल्कि अच्छे मनुष्यों की है। ऐसे मनुष्य जो साहसी हों पर अहंकारी न हों, जो अनुशासित हों पर कठोर न हों, जो शक्तिशाली हों पर करुणा से रिक्त न हों। यही शिक्षा पारंपरिक कराटे-डो और योगविद्या हमें देती हैं।

यदि हम चाहते हैं कि आने वाली पीढ़ी मानसिक रूप से स्वस्थ, आत्मविश्वासी और संस्कारित बने, तो हमें उन्हें केवल आधुनिक शिक्षा ही नहीं, बल्कि ऐसी जीवन कलाओं से भी जोड़ना होगा जो उन्हें भीतर से मजबूत बनाएँ। कराटे-डो और योग कोई पुरानी परंपराएँ भर नहीं हैं; वे आज के समय की आवश्यकता हैं।

जब जीवन असंतुलित हो जाए, तब कला हमें संतुलन देती है।

जब मन भयभीत हो जाए, तब साधना हमें साहस देती है।

और जब संसार अत्यधिक शोर से भर जाए, तब योग और कराटे जैसी शारिरिक कलाएं हमें अपने भीतर की शांति सुनना सिखाते हैं।

18/04/2026

Official Announcement – JGKFI General Elections 2026

We are pleased to inform all our valued members, supporters, and followers that the General Elections of Jundokan Gojuryu Karate-do Federation of India were successfully held on Sunday, 12th April 2026 at Kangra HP.

After the democratic election process, the following office bearers have been elected for the new term:

🔹 President: Mr. Sandeep Sood
🔹 General Secy cm Tech Director: Sensei Mr. Surender K. Thakur
🔹 Senior Vice President: Mr. Rajan Sharma
🔹 Vice President: Mr. Shyam Sunder Bhopal
🔹 Vice President: Mr. Mohinder Singh
🔹 Joint Secretary: Mr. Ved Vyas
🔹 Joint Secretary: Mr. Sauna Ram
🔹 Chief Instuctor (Training): Mr. Vijay Kumar
🔹 Chief Instuctor (Kata): Mr. Rajan Sharma
🔹 Press Secy cm Legal Adviser: Mr. Mahesh C. Sharma
🔹 Organizing Secretary: Mr. Mohar Singh
🔹 Tresurer: Mr. Pawan Kumar Sharma
🔹 Press Secy cm Legal Adviser: Mr. Mahesh C. Sharma
🔹 Advertising Secretary: Mr. Chander Pal
🔹 Sr. Executive Member: Mr. Rakesh Kumar Bhardwaj
🔹 Sr. Executive Member: Mr. Lalit Kapoor
🔹 Sr. Executive Member: Mr. Dev Dutt Thakur
🔹 Sr. Executive Member: Mr. Sumit Kumar
🔹 Sr. Executive Member: Mr. Sanju Ram
🔹 Sr. Executive Member: Mr. Dharmender Thakur
🔹 Sr. Executive Member: Mr. Krishan Kumar

We extend our heartfelt congratulations to all the elected representatives and wish them great success in serving the federation with dedication, transparency, and commitment.

We also thank all members and participants for making the election process smooth and successful. Your trust and support are the strength of Federation.

Address

Annadale
Shimla
171003

Website

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