06/07/2026
पिपराही प्रखंड का डिग्री कॉलेज पूर्वी क्षेत्र में स्थापित हो, ताकि सभी विद्यार्थियों को समान अवसर मिल सके : युवा शिक्षाविद एवं समाजसेवी अंजीव कुमार
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शिवहर एक्सप्रेस -----
युवा शिक्षाविद एवं समाजसेवी अंजीव कुमार ने पिपराही प्रखंड में प्रस्तावित डिग्री कॉलेज के स्थान चयन को लेकर कहा कि महाविद्यालय की स्थापना ऐसे स्थान पर होनी चाहिए, जहाँ से पूरे प्रखंड के विद्यार्थियों को समान रूप से लाभ मिल सके। उन्होंने आग्रह किया कि कॉलेज का निर्माण प्रखंड एवं जिले के पूर्वी भाग में किया जाए।
उन्होंने कहा कि पहले ग्रामीण क्षेत्रों के विद्यार्थियों को मैट्रिक की पढ़ाई के लिए भी लंबी दूरी तय करनी पड़ती थी। समय के साथ प्रत्येक पंचायत में माध्यमिक विद्यालय खुलने से मैट्रिक तक की शिक्षा सुलभ हुई। इसके बाद इंटर कॉलेजों के विस्तार से उच्च माध्यमिक शिक्षा भी विद्यार्थियों की पहुँच में आई। लेकिन आज भी स्नातक (ग्रेजुएशन) की पढ़ाई अनेक ग्रामीण विद्यार्थियों के लिए एक बड़ी चुनौती बनी हुई है, क्योंकि डिग्री कॉलेज की दूरी, सीमित यातायात सुविधा और आर्थिक कठिनाइयों के कारण गरीब एवं मध्यमवर्गीय परिवारों के कई छात्र-छात्राएं चाहकर भी आगे की पढ़ाई पूरी नहीं कर पाते।
अंजीव कुमार ने कहा कि पिपराही प्रखंड का पूर्वी क्षेत्र आज भी उच्च शिक्षा की दृष्टि से अपेक्षाकृत पिछड़ा हुआ है। इसका एक प्रमुख कारण डिग्री कॉलेज की दूरी है। प्रखंड के पश्चिमी भाग के विद्यार्थियों के लिए शिवहर डिग्री कॉलेज एवं पुरनहिया क्षेत्र अपेक्षाकृत निकट हैं, जबकि धनकौल, मोहनपुर, कुमा, मीनापुर, बलहा सहित पूर्वी क्षेत्र की कई पंचायतों और दर्जनों गांवों के छात्र-छात्राओं को उच्च शिक्षा के लिए लंबी दूरी तय करनी पड़ती है। इसका सीधा प्रभाव उनकी पढ़ाई, समय और आर्थिक स्थिति पर पड़ता है।
उन्होंने स्पष्ट किया कि यह किसी क्षेत्र के विरोध की बात नहीं, बल्कि शिक्षा के समान अवसर की मांग है। यदि नया डिग्री कॉलेज पूर्वी क्षेत्र के समीप स्थापित किया जाता है, तो वर्षों से दूरी की समस्या झेल रहे हजारों विद्यार्थियों को बड़ी राहत मिलेगी और पूरे प्रखंड में उच्च शिक्षा का संतुलित विकास संभव होगा।
उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य शिक्षा को हर छात्र-छात्रा की पहुँच तक पहुँचाना है। इसलिए महाविद्यालय के स्थान का चयन करते समय भौगोलिक संतुलन, विद्यार्थियों की सुविधा, सड़क संपर्क, भविष्य की आवश्यकताओं तथा ग्रामीण एवं आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के विद्यार्थियों की पहुँच को प्राथमिकता दी जानी चाहिए।
अंत में उन्होंने बिहार सरकार, जनप्रतिनिधियों एवं जिला प्रशासन से आग्रह किया कि डिग्री कॉलेज का निर्माण ऐसे स्थान पर कराया जाए, जिससे पिपराही प्रखंड के सभी क्षेत्रों, विशेषकर वर्षों से दूरी की समस्या झेल रहे पूर्वी भाग के विद्यार्थियों को उच्च शिक्षा का समान अवसर मिल सके।
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