IAS DREAM

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10/02/2021

नोटिफिकेशन जारी होने वाला है। अभ्यास बढ़ा दीजिये। समसामयिक के चक्कर में बहुत अधिक समय न बर्बाद करें। टॉप 5 विषय पॉलिटी इतिहास भूगोल पर्यावरण और इकॉनमी पर ध्यान दें। शुभकामनाएं

11/07/2020

हमारे लोकतंत्र के लिए खतरा हैं ऐसे "त्वरित"न्याय के उदाहरण। हैदराबाद एनकाउंटर और विकास एनकाउंटर भारत की नीति नियंता के मुँह पर जोर का तमाचा है। जनता जिस प्रकार से ऐसे कार्यों को सराहना कर रही वह कहीं कही हमारी न्यायिक व्यवस्था के ऊपर उनकी घटती आस्था का प्रतीक है। सरकारों को न्यायपालिका में रिक्त पदों को भरने का कार्य करना चाहिए अन्यथा वह दिन दूर नहीं की हम दिखावटी लोकतंत्र बनकर रह जाएं। फ़ास्ट ट्रैक कोर्ट का वादा पूरा होना चाहिए। जनता को अच्छे उदाहरण मिलेंगे तो वह उन्हें भी जश्न से मनाएगी। जैसे कि निर्भया केस में हुआ। हम धैर्यशील हैं इसका उदाहरण है लेकिन धैर्य की एक सीमा होती है हम महात्मा बुद्ध नहीं हैं।

05/03/2019

Raj Holkar sir ki wall se.....

*UPSC Prelim,2019 और 80 दिन :*

© Raj Holkar

*UPSC Prelim 2019 में अब लगभग 85 दिन ही शेष हैं।आज मैं दिनों में नहीं घंटों में बात करना चाहूंगा क्योंकि आने वाले समय में आपको दिन से ज्यादा घंटों को मैनेज करने की आवश्यकता होगी। बहुत से साथी पूछते हैं कि बहुत कम समय है अब क्या करें कैसे समय को मैनेज करें जिससे कि प्रीलिम में अच्छा प्रदर्शन कर सकें। थोड़ा डर भी लगने लगता है सबको ही लगता है भाई लेकिन ये समय डरने का नहीं दिन रात एक करने का है।*

*दोस्तो,पहला सुझाव यही है कि अब प्रीलिम पर फोकस करने का समय आ गया है जितना हो सके प्रीलिम के लिए समय दीजिये यदि किसी की पहले से बहुत अच्छी तैयारी है तो वह साथ में मुख्य परीक्षा को लेकर भी चल सकता है। 85 दिन में यदि 10-12 घंटे (इससे ज्यादा की आवश्यकता है) भी रोजाना दिया जाए तो लगभग 900 घंटे (थोड़ा कम ज्यादा हो जाता है) तो आपके पास अभी भी शेष हैं वैसे 100 घंटे में एक विषय को ठीक ठाक तैयार किया जा सकता है यदि पूरी प्लानिंग के साथ पढ़ा जाए तो।*

*पिछले 3-4 वर्ष प्रश्नों की संख्या विषयवार विश्लेषण किया जाए तो बहुत महत्वपूर्ण विषयों का अंदाज़ा लगाया जा सकता है जैसे* -

*इतिहास - 16 से 20 प्रश्न (अधिकतर प्राचीन भारत,कला संस्कृति और आधुनिक भारत से)*

*अर्थव्यवस्था और सामाजिक विकास - 16 से 20 प्रश्न (समसामयिकी,योजनाएं,रैंक और इंडेक्स वाला भाग मजबूत रखना है)*

*राजव्यवस्था - 14- 20 प्रश्न (लक्ष्मीकांत और बेयर एक्ट जितना पढ़ सकते हैं पढ़िए।)*

*पर्यावरण,जैव विविधता - 13 से 15 प्रश्न (यहाँ जैव विविधता,पर्यावरणीय समस्याएं,अंतरराष्ट्रीय संगठन और समसामयिकी वाला भाग मजबूत रखना है)*

*भूगोल - 8-10 प्रश्न (मैपिंग और भारत के भूगोल पर विशेष ध्यान देना है इस बार प्रश्न बढ़ भी सकते हैं क्योंकि पिछले 3 वर्ष से बहुत ही कम प्रश्न पूछे गए हैं यह मात्र अनुमान है निश्चित कुछ नहीं कहा जा सकता)*

*विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी - 8-12 प्रश्न (विशेषकर समसामयिकी और दैनिक उपयोग की वस्तुएं पर ध्यान देना है)*

*राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय महत्व की घटनाएं और विविध - 8-15 प्रश्न तक (इसका घटता बढ़ता रहता है।)*

*आपके सामने पिछले 4 वर्षों के औसतन प्रश्नों के साथ विषय दिए गए हैं अब आप अपने समय को किस प्रकार मैनेज करते हैं यह आपकी कुशलता पर निर्भर करता है। मेरा मानना है कि स्मार्ट स्टडी की जाए तो विजय प्राप्त की जा सकती है इसलिए डरने की आवश्यकता नहीं है।*

*समय समय पर विजन IAS और UPSC द्वारा आयोजित परीक्षाओं के 5-7 वर्षों के पुराने पेपर जरूर सॉल्व करते रहिए।*

*कुछ अन्य सुझाव -*
*1. सोशल मीडिया का उपयोग या तो बन्द कर दीजिए या बहुत ही कम कर दीजिए।*
*2. कहीं भी इधर उधर भटकने की जगह चुप चाप अपनी टेबल कुर्सी और किताबों से चिपक जाइये।*
*3. किसी भी अनर्गल बहस या मुद्दे में मत उलझिए इसके लिए पूरी ज़िंदगी पड़ी है अभी पूरा समय स्वयं को दीजिये।*
*4. अच्छा खान पान रखिये, सोने जागने का सिड्यूल बनाइये और जितना हो सकता है खुश और बिंदास रहिये सारी टेंशन बाद के लिए छोड़ दीजिए।*
*5. नकारात्मक लोगों,समय बर्बाद करने वाले लोगों या टेंशन देने वाले लोगों से जितना दूरी बना सकते हैं बना लीजिए।*
*6. किताब,कुर्सी,पेन,कॉपी,नोट्स,चाय,कॉफ़ी,म्यूजिक बस यहीं तक खुद को समेट लीजिये बाकी किसी चीज को बाद के लिए छोड़ दीजिए।*

*ध्यान रखिये "योद्धा वही होता है जो आखिरी साँस तक लड़े।"*

शुभकामनाएं 😊

20/02/2019

*पुलवामा हमलाः कश्मीर को ख़ास बनाने वाले अनुच्छेद 370 को ख़त्म करना संभव है?*

14 फ़रवरी को जम्मू-कश्मीर के पुलवामा में हुए हमले में 40 से ज़्यादा सीआरपीएफ़ जवान मारे गए. इस हमले को लेकर देशभर में आक्रोश है और एक बार फिर संविधान के अनुच्छेद 370 को लेकर बहस तेज़ हो गई है.

सोमवार को विदेश राज्य मंत्री और पूर्व सेना प्रमुख जनरल वीके सिंह ने बयान दिया कि ''जम्मू-कश्मीर से धारा 370 हटाने को लेकर सभी राजनीतिक पार्टियों को एक साथ आना होगा. ''

लेकिन सवाल ये है कि संविधान का अनुच्छेद 370 आखिर क्या है और क्यों इस पर इतना विवाद होता है. इसके साथ ही ये सवाल भी अहम है कि क्या जम्मू कश्मीर के लिए बने अनुच्छेद 370 को खत्म किया जा सकता है.

*अनुच्छेद 370 कैसे अस्तित्व में आया?*

भारतीय संविधान का अनुच्छेद 370 जम्मू-कश्मीर को विशेष राज्य का दर्जा देता है.

1947 में भारत-पाकिस्तान के विभाजन के वक्त जम्मू-कश्मीर के राजा हरि सिंह स्वतंत्र रहना चाहते थे, लेकिन बाद में उन्होंने कुछ शर्तों के साथ भारत में विलय के लिए सहमति जताई.

इसके बाद भारतीय संविधान में अनुच्छेद 370 का प्रावधान किया गया जिसके तहत जम्मू-कश्मीर को विशेष अधिकार मिले हुए हैं.

संसद को जम्मू-कश्मीर के बारे में रक्षा, विदेश मामले और संचार के विषय में कानून बनाने का अधिकार है. लेकिन राज्य के लिए अलग संविधान की मांग की गई.

1951 में राज्य को संविधान सभा को अलग से बुलाने की अनुमति दी गई. नवंबर, 1956 में राज्य के संविधान का काम पूरा हुआ और 26 जनवरी, 1957 को राज्य में विशेष संविधान लागू कर दिया गया.

*अनुच्छेद 370 के मायने क्या हैं?*

संविधान केअनुच्छेद 370 दरअसल केंद्र से जम्मू-कश्मीर के रिश्तों की रूपरेखा है. प्रधानमंत्री जवाहर लाल नेहरू और शेख मोहम्मद अब्दुल्ला ने पांच महीनों की बातचीत के बाद अनुच्छेद 370 को संविधान में जोड़ा गया.

अनुच्छेद 370 के प्रावधानों के अनुसार, रक्षा, विदेश नीति और संचार मामलों को छोड़कर किसी अन्य मामले से जुड़ा क़ानून बनाने और लागू करवाने के लिए केंद्र को राज्य सरकार की अनुमति चाहिए.

इसी विशेष दर्जें के कारण जम्मू-कश्मीर राज्य पर संविधान का अनुच्छेद 356 लागू नहीं होता. इस कारण भारत के राष्ट्रपति के पास राज्य के संविधान को बरख़ास्त करने का अधिकार नहीं है.

*अनुच्छेद 370 के चलते-*

जम्मू-कश्मीर के नागरिकों के पास दोहरी नागरिकता होती है.

राज्य का अलग राष्ट्रध्वज अलग होता है.

जम्मू -कश्मीर की विधानसभा का कार्यकाल 6 वर्षों का होता है.

जम्मू-कश्मीर के संविधान की धारा 35ए का ज़िक्र है जो ' स्थायी निवासी' प्रावधान का ज़िक्र करती है. ये अनुच्छेद 370 का हिस्सा भी है. जिसके मुताबिक जम्मू-कश्मीर में भारत के किसी अन्य राज्य का रहने वाला जमीन या किसी भी तरह की प्रॉपर्टी नहीं खरीद सकता.

भारतीय संविधान का अनुच्छेद 360 जिसमें देश में वित्तीय आपातकाल लगाने का प्रावधान है, वह भी जम्मू-कश्मीर पर लागू नहीं होता.

इसके साथ ही 370 के तहत देश के राष्ट्रपति जम्मू-कश्मीर में आर्थिक आपालकाल नहीं लगा सकते. राज्य में आपातकाल सिर्फ़ दूसरे देशों से युद्ध की स्थिति में ही लगाया जा सकता है.

इससे साफ़ है कि राष्ट्रपति राज्य में अशांति, हिंसा की गतिविधियां होने पर आपातकाल स्वयं नहीं लगा सकते बल्कि ये तभी संभव है जब राज्य की ओर से ये सिफ़ारिश की जाएं.

*क्या 370 को संविधान से हटा पाना संभव है?*

दिसंबर 2015 को सुप्रीम कोर्ट ने अनुच्छेद 370 हटाने से जुड़ी एक याचिका की सुनवाई में कहा था कि इसे संविधान से हटाने का फ़ैसला सिर्फ संसद कर सकती है.

तत्कालीन चीफ़ जस्टिस एचएल दत्तू की बेंच ने उस वक्त कहा था, ''क्या ये कोर्ट का काम है? क्या संसद से कह सकते हैं कि ये आर्टिकल हटाने या रखने पर वो फ़ैसला करें, ये करना इस कोर्ट का काम नहीं है.''

साल 2015 में ही जम्मू-कश्मीर के हाईकोर्ट का कहना था कि संविधान के भाग 21 में ''अस्थायी प्रावधान'' शीर्षक होने के बावजूद अनुच्छेद 370 एक स्थायी प्रावधान है.

कोर्ट ने कहा था कि अनुच्छेद 370 के खंड तीन के तहत ना तो इसे निरस्त किया जा सकता है और ना ही इसे संशोधित किया जा सकता है.

राज्य का कानून 35ए को संरक्षण देता है. हाई कोर्ट ने कहा था कि जम्मू-कश्मीर बाकी राज्यों की तरह भारत में शामिल नहीं हुआ, इसने भारत के साथ संधि पत्र पर हस्ताक्षर करते वक्त अपनी संप्रभुता कुछ हद तक बकरार रखी थी.

भारत के संविधान के इतर जम्मू कश्मीर में अपना अलग संविधान है जिसकी धारा 35 ए को लेकर कई बार बहस छिड़ चुकी है. इस कानून के मुताबिक इस राज्य में कोई राज्य से बाहर का शख्स जमीन-जायदाद नहीं खरीद सकता.

*क्या कहती हैं राजनीतिक पार्टियां*

साल 2014 के लोकसभा चुनाव में भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) ने अपने घोषणापत्र में अनुच्छेद 370 को खत्म करने की बात कही थी.

लंबे वक्त से बीजेपी इस अनुच्छेद का विरोध करती रही है. लेकिन बाद में सरकार ने पर चुप्पी साध ली.

बीजेपी अनुच्छेद 370 को संविधान निर्माताओं की ग़लती मानती है.

जम्मू-कश्मीर की प्रमुख पार्टी, नेशनल कॉन्फ़्रेंस और पीपुल्स डेमोक्रेटिक रवैया इसके ठीक विपरीत है.

साल 2014 में नेशनल कॉन्फ़्रेंस के नेता उमर अब्दुल्ला ने ट्वीट कर कहा था, '' 370 भारत और जम्मू-कश्मीर के बीच रिश्ते की एक कड़ी है या तो 370 अनुच्छेद रहेगा या फिर कश्मीर भारत का हिस्सा नहीं होगा. ''

पीडीपी की नेता और राज्य की पूर्व मुख्य मंत्री महबूबा मुफ़्ती ने 370 के खिलाफ़ उठते विरोध के स्वरों पर कहा था, '' अनुच्छेद 370 देश का जम्मू-कश्मीर से किया हुआ वादा है, ऐसे में जम्मू-कश्मीर की आवाम से किए गए इस वादे का सम्मान करना चाहिए.''

उसका कहना है कि यह अनुच्छेद 370 ही है जो जम्मू-कश्मीर को भारत से जोड़े हुए है।

16/11/2018

By an IAS inspiration site
Suggestions for all aspirants.............................................
, आपके पास सिर्फ पैसे नहीं हैं, किन्हीं-किन्हीं के पास लिखने के लिए हाथ भी नहीं है, किन्हीं की आँखें कमजोर हैं, उन्हें कुछ दिखता नहीं….!

इसलिए पीड़ा की कोई सीमा नहीं है. आप गरीब हैं, अमीर हैं…फर्क तो पड़ता है. पर उतना नहीं जितना हम सोच लेते हैं. किताबें उधार भी ली जा सकती हैं, पुरानी किताबों को भी कम दामों में ख़रीदा जा सकता है….बस दिमाग में यह रहना चाहिए कि हमें रुकना नहीं है, चलते रहना है…चलते रहना है….जितना कठिन संघर्ष होगा उतनी ही शानदार जीत होगी. अपनी सोंच को संकुचित नहीं कीजिए. मेरे पास ये नहीं है, वो नहीं है से अच्छा है कि जो है उसका पूर्ण प्रयोग करना सीखें. छोटी सोच और पैर में पड़ी मोच से आगे कभी नहीं बढ़ा जा सकता !

क्या दिल्ली जाना जरुरी है? सबसे बड़ा सवाल !

यूपीएससी परीक्षा में सफल होने के लिए दिल्ली जाने की आवश्यकता नहीं है. आप बेशक घर बैठे भी तैयारी कर सकते हैं. घर में बैठने से बहुत बार मन टूटता है. कभी चीनी ले आओ, कभी सब्जियाँ …पढ़ाई के बीच-बीच में आपको कई बार उठना पड़ता है. आप अन्दर से चिढ़ जाते हैं और यही चिढ़ आपमें नकारात्मकता लाता है जो आपके लक्ष्य के लिए खतरनाक है. घर के कुछ काम कर देने से आपका बहुत सारा समय बर्बाद नहीं होता, हद से हद 2 घंटे, वह भी रोज नहीं…कभी-कभी. मगर इसको लेकर स्वयं को स्ट्रेस मत दें…पॉजिटिव सोचें….आपको इस परीक्षा के लिए समाज के बारे में भी जानना है. याद कीजिए UPSC आपसे decision making से भी सवाल पूछती है.

इसलिए जब तक आप समाज को जानोगे नहीं, बाहर घूमोगे नहीं…तो इन सवालों का जवाब आप दोगे कैसे? इसलिए हर चीजों को पॉजिटिव वे में लें….आपको कोई डिस्टर्ब भी कर रहा है तो उसमें भी कोई पोसिटिवनेस ढूँढिए. दिल्ली जाना तभी ठीक है, जब आपके पास पर्याप्त पैसे हों या आप घर में बैठ कर बिल्कुल पढ़ नहीं सकते या आपके अगल-बगल परिवार में कोई भी इस बैकग्राउंड से न हो !

मैं नया अप्रेन्टिस हूँ, शुरुआत कहाँ से करे ?.. बेहतर है पहले सिलेबस को ध्यान से देखिए. फिर पिछले साल आये सवालों को देखिए. उन पर रिसर्च कीजिए. यह भी एक अभ्यास है. धीरे-धीरे आप UPSC में पूछे जाने वाले सवालों के पैटर्न को अच्छी तरह समझने लगेंगे. आपको पता लग जायेगा कि UPSC डायरेक्ट सवाल नहीं पूछती …. पैटर्न को जब आप समझ जायेंगे और फिर जा कर किताबों को पढ़ेगें तो आप पायेंगे कि आप किताब को अलग ढंग से पढ़ रहे हैं. आपको सिर्फ वही चीज उस किताब में दिखेगी जो आपके काम की हो. किताबों में वाक्यों पर पेंसिल से लाइन भी ड्रा करिए जो वाक्य आपको इम्पोर्टेन्ट लगे. Recommended किताबों के बारे में मैं पहले ही लिख चुका हूँ, यहाँ पढ़

मैं लगातार मिल रही विफलता से टूट चुका हूँ
विफलता मिलने से टूटना स्वभाविक है. विफलता परेशान ही करती है और अन्दर से विचलित भी. पर अब तो आपके पास attempts भी कई सारे हैं. जरुरी नहीं कि हर कोई पहली या दूसरी बार में ही सफलता प्राप्त कर ले क्योंकि हमारे जीवन में भाग्य का भी रोल होता है. आपने कई बार देखा होगा कि आपका दिन कभी-कभी जरुरत से ज्यादा अच्छा जाता है और जिस दिन कुछ खराब होना रहता है तो उस दिन सब कुछ लगातार खराब ही ख़राब होता है. हिम्मत मत हारिये. कभी-कभी गुच्छे की आखरी चाभी भी ताला खोल देती है इसलिए डटे रहिए !

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04/07/2018

http://www.jigyasaias.com/courses/dailystudy -Study-Plan

Hello aspirants.. This is very useful website.. I followed since July 2017. You may also follow for better results. Just take a view for a week..

With a best Daily Study Plan you need to be ready, from now on, to be a topper ! You follow the "Daily Study Target" plan & appear the "Daily Test" based on "Target of the Day", we can guarantee your success in civil services exam.

28/02/2018

सफलता का रहस्य

एक बार एक नौजवान लड़के ने सुकरात से पूछा कि सफलता का रहस्य क्या है?

सुकरात ने उस लड़के से कहा कि तुम कल मुझे नदी के किनारे मिलो. वो मिले. फिर सुकरात ने नौजवान से उनके साथ नदी की तरफ बढ़ने को कहा.और जब आगे बढ़ते-बढ़ते पानी गले तक पहुँच गया, तभी अचानक सुकरात ने उस लड़के का सर पकड़ के पानी में डुबो दिया.

लड़का बाहर निकलने के लिए संघर्ष करने लगा , लेकिन सुकरात ताकतवर थे और उसे तब तक डुबोये रखे जब तक की वो नीला नहीं पड़ने लगा. फिर सुकरात ने उसका सर पानी से बाहर निकाल दिया और बाहर निकलते ही जो चीज उस लड़के ने सबसे पहले की वो थी हाँफते-हाँफते तेजी से सांस लेना.

सुकरात ने पूछा ,” जब तुम वहाँ थे तो तुम सबसे ज्यादा क्या चाहते थे?”

लड़के ने उत्तर दिया,”सांस लेना”

सुकरात ने कहा,” यही सफलता का रहस्य है. जब तुम सफलता को उतनी ही बुरी तरह से चाहोगे जितना की तुम सांस लेना चाहते थे तो वो तुम्हे मिल जाएगी” इसके आलावा और कोई रहस्य नहीं है.

दोस्तों, जब आप सिर्फ और सिर्फ एक चीज चाहते हैं तो more often than not…वो चीज आपको मिल जाती है. जैसे छोटे बच्चों को देख लीजिये वे न past में जीते हैं न future में, वे हमेशा present में जीते हैं…और जब उन्हें खेलने के लिए कोई खिलौना चाहिए होता है या खाने के लिए कोई टॉफ़ी चाहिए होती है…तो उनका पूरा ध्यान, उनकी पूरी शक्ति बस उसी एक चीज को पाने में लग जाती है and as a result वे उस चीज को पा लेते हैं.

इसलिए सफलता पाने के लिए FOCUS बहुत ज़रूरी है, सफलता को पाने की जो चाहत है उसमे intensity होना बहुत ज़रूरी है..और जब आप वो फोकस और वो इंटेंसिटी पा लेते हैं तो सफलता आपको मिल ही जाती है.

12/02/2018

*कौन-कौन से ब्रिटिशकालीन कानून आज भी भारत में लागू हैं*
अंग्रेजों ने भारत पर लगभग 200 सालों के शासन दौरान इस देश को अपनी सहूलियत के हिसाब से चलाने के लिए कई कानून बनाये | इन सभी कानूनों का मकसद सिर्फ भारत से संसाधनों को लूटने और इस लूट को रोकने के लिए उत्पन्न विद्रोह को दबाने के उपाय किये गए थे | भारत में अंग्रजों के ज़माने के बनाये कई कानून और व्यवस्थाएं आज भी हमारे देश में प्रचलित हैं और ये व्यवस्थाएं हमारे देश में इतने भीतर तक समा गई हैं कि हम में से कई भारतीय आज तक नही जानते कि कौन से कानून हमारे देश में आज भी लागू जो कि अंग्रोजों ने हमारे देश के लोगों का दमन करने के लिए बनाये थे| वर्तमान समय में भी ये कानून अब हमारी दिन प्रतिदिन की दिनचर्या में शामिल हैं |

इस लेख में अंग्रेजों के समय में बनाये गए कानूनों (जो कि आज भी हमारे देश में लागू हैं) के बारे में बताया गया है|

*1. खाकी वर्दी:*

आधिकारिक तौर पर खाकी वर्दी को चलन में लाने के श्रेय सर हैरी बर्नेट को जाता है जो कि इसे 1847 में प्रचलन में लाये थे| “खाक” शब्द का मतलब धूल, पृथ्वी, और राख होता है जिसका मतलब यह होता है कि इसे पहनने वाला अपनी सेवा के लिए खाक में मिलने को तैयार है| ज्ञातब्य है कि भारतीय पुलिस की आधिकारिक वर्दी का रंग आज भी खाकी ही बना हुआ है

*2. बाएं हाथ की यातायात व्यवस्था:* यह व्यवस्था भारत में अंग्रेजों ने 1800 के दशक में शुरू की थी| इस व्यवस्था के तहत हम आज भी सड़क पर बाएं हाथ पर गाड़ियाँ तथा पैदल चलते हैं जबकि पूरी दुनिया के 90 % देशों में दाये हाथ पर चलने की व्यवस्था है| बाएं हाथ की यातायात व्यवस्था भारत सहित दुनिया के कुछ गिने चुने देशों में ही लागू है | ज्ञातब्य है कि अमेरिका में वाहन दाये हाथ पर चलते हैं और गाड़ी की स्टीयरिंग बाएं हाथ पर होती है | भारत में आज भी ब्रिटेन की तरह ही बाएं हाथ की यातायात व्यवस्था लागू है |

*3. साल्ट उपकर अधिनियम, 1953 (Salt Cess Act, 1953):* उम्मीद है कि गाँधी जी का नमक सत्याग्रह सभी को याद होगा| यह सत्याग्रह नमक कर के विरुद्ध था लेकिन क्या आप जानते हैं कि भारत में आज भी “नमक कर” लगाया जाता है | जिसे साल्ट उपकर अधिनियम, 1953 के आधार पर लगाया जाता है| इस कर को एक विशेष प्रशासनिक खर्च के लिए उपकार के रूप में लगाया जाता है| इसकी दर 14 पैसे/40 किलोग्राम है| यह कर निजी या राज्य के स्वामित्व वाले नमक कारखानों पर लगाया जाता है| वर्ष 2013-14 में इस कर के माध्यम से सरकार को $538,000 प्राप्त हुए थे जो कि इसे इकट्ठा करने की लागत का लगभग आधा था | इसकी कर संग्रह लागत को देखते हुए इसे 1978 में स्थापित साल्ट जांच समिति ने इसे ख़त्म करने की सिफरिस की थी लेकिन अभी कोई निर्णय नही हुआ है| भारत में नमक का 92% उत्पादन निजी कंपनियों द्वारा किया जाता है जो कि 800 अधिकारियों को रोजगार प्रदान करता है |

*4. भारतीय पुलिस अधिनियम-1861 (Indian Police Act , 1861):* भारतीय पुलिस अधिनियम,1861 को अंग्रेजों ने 1857 के विद्रोह या आजादी की पहली लड़ाई के बाद बनाया था| इस कानून को पास करने की पीछे उनका मुख्य उद्येश्य एक ऐसे पुलिस बल की स्थापना करना था जो कि सरकार के खिलाफ किसी भी विद्रोह को निर्ममता से कुचलने के काम आ सके| इस एक्ट के अंतर्गत सारी शक्तियां राज्य के हाथ में केन्द्रित थी जो कि एक तानाशाह सरकार की तरह काम करता था| लेकिन अफ़सोस की बात यह है कि आज भारत एक संप्रभु गणराज्य है लेकिन भारत के ज्यादातर राज्यों में यह कानून आज भी लागू है | हालांकि महाराष्ट्र, गुजरात, केरल और दिल्ली जैसे कुछ राज्यों ने अपने स्वयं के पुलिस अधिनियम पारित कर लिए हैं लेकिन इनका अधिनियम भी भारतीय पुलिस अधिनियम,1861 के आस पास ही घूमता नजर आता है|

पुलिस अधिनियम, 1861 में राज्य सरकार अर्थात राजनीतिक कार्यपालिका के हाथों में पुलिस को रखा गया है जिसमे पुलिस के प्रमुख (महानिदेशक/महानिरीक्षक) मुख्यमंत्री के प्रसाद पर्यन्त ही कार्य कर सकते हैं | अर्थात इनको कभी भी इनके पदों से हटाया जा सकता है और कोई कारण भी नही बताना पड़ता है|

*5. भारतीय साक्ष्य अधिनियम 1872 (Indian Evidence Act , 1872):* यह अधिनियम मूल रूप से 1872 में ब्रिटिश संसद द्वारा पारित किया गया था। यह अदालत की कोर्ट मार्शल सहित सभी न्यायिक कार्यवाहियों पर लागू होता है। हालांकि, यह शपथ-पत्र और मध्‍यस्‍थता पर लागू नहीं होता। यह अधिनियम इस बात के बारे में बताता है कि कोर्ट में कौन-कौन सी चीजें साक्ष्य के तौर पर इस्तेमाल की जा सकती हैं और इन सभी सबूतों और गवाहों की लिस्ट को कोर्ट के सामने पहले से ही बताना पड़ता है| अतः यह अधिनियम 144 साल बाद आज भी छोटे मोटे संशोधनों के साथ अपने मूल रूप में भारतीय न्याय व्यवस्था में अहम् रोल निभा रहा है |

*6. आयकर अधिनियम,1961 (Income Tax Act , 1961):* इस आयकर अधिनियम के आधार पर ही भारत में आयकर लगाया जाता है जो कि कर को लगाने, वसूल करने, और कर ढांचे के बारे में दिशा निर्देशों को जारी करता है| हालांकि सरकार ने "प्रत्यक्ष कर संहिता" लाकर इस कर (आयकर अधिनियम,1961) के साथ-साथ संपत्ति कर अधिनियम, 1957 (Wealth Tax Act, 1957) को भी हटाने का मन बना लिया था लेकिन संपत्ति कर के हटने के बाद विचार बदल दिया|

इस आयकर अधिनियम,1961 की धारा 13A के कारण देश में बहुत विवाद है| यह अधिनियम सभी राजनीतिक दलों की आय पर कर लगाने की बात करता है साथ ही जो भी पार्टी रु.10000/व्यक्ति से अधिक का चंदा लेती है उसको अपनी आय का स्रोत बताना होगा | लेकिन पार्टियाँ कहतीं है कि उन्हें जितना भी चंदा मिला है वह सभी रु.10000 से कम का ही था इसलिये उन्हें अपनी आय का स्रोत बताना जरूरी नही है |

*7. विदेशी अधिनियम,1946 (The Foreigners Act, 1946):* इस एक्ट को भारत के स्वतंत्र होने से पहले अधिनियमित किया गया था। यह अधिनियम किसी भी ऐसे व्यक्ति को विदेशी बताता है जो कि भारत का नागरिक नही है| कोई व्यक्ति विदेशी है या नही इस बात को सिद्ध करने की जिम्मेदारी भी उसी व्यक्ति है| इस प्रकार यदि किसी व्यक्ति (भारतीय)को ऐसे किसी बाहरी व्यक्ति के बारे में कोई शक है कि यह (विदेशी) बिना वैध दस्तावेजों के भारत में प्रवेश कर चुका है या भारत में ठहरने की अधिकृत अवधि से भी ज्यादा समय से भारत में रह रहा/ रही है तो उस भारतीय व्यक्ति का यह कर्तब्य बनता है कि वह 24 घंटे के अन्दर उस अनधिकृत व्यक्ति में बारे में नजदीकी पुलिस स्टेशन को सूचित करे अन्यथा उसे भी पुलिस की कार्यवाही का सामना करना पड़ेगा |

*8. संपत्ति स्थानांतरण अधिनियम,1882 (The Transfer of Property Act 1882):* संपत्ति स्थानांतरण अधिनियम,1882 एक भारतीय कानून है जो कि भारत में संपत्ति के हस्तांतरण को नियंत्रित करता है। 1 जुलाई, 1882 को अस्तित्व में आया यह अधिनियम संपत्ति स्थानांतरण के संबंध में विशिष्ट प्रावधानों और शर्तों के बारे में बताता है | इस अधिनियम के अनुसार, 'संपत्ति के हस्तांतरण' का मतलब यह है कि एक व्यक्ति अपनी संपत्ति को एक या एक से अधिक व्यक्तियों, स्वयं को दे देता है| हस्तांतरण का कार्य वर्तमान में या भविष्य के लिए किया जा सकता है। हस्तांतरण करने वालों में एक व्यक्ति, कंपनी या संस्था या व्यक्तियों का समूह शामिल हो सकता है और इसमें किसी भी तरह की संपत्ति शामिल हो सकती है इसमें अचल संपत्ति को भी स्थानांतरित किया जा सकता है।

*9. भारतीय दंड संहिता, 1860 (Indian Penal Code, 1860):* भारतीय दंड संहिता का मसौदा भारत के प्रथम विधि आयोग की सिफारिशों पर 1860 में तैयार किया गया था| भारत में प्रथम विधि आयोग की स्थापना 1833 के चार्टर एक्ट के अंतर्गत थॉमस मैकाले की अध्यक्षता में की गई थी| भारतीय दण्ड संहिता ब्रिटिश काल में सन् 1862 में लागू हुई।

*भारत भारतीय दण्ड संहिता (Indian Penal Code, IPC) भारत के अन्दर (जम्मू एवं काश्मीर को छोडकर) भारत के किसी भी नागरिक द्वारा किये गये कुछ अपराधों की परिभाषा व दण्ड का प्रावधान करती है। किन्तु यह संहिता भारत की सेना पर लागू नहीं होती। जम्मू एवं कश्मीर में इसके स्थान पर रणबीर दण्ड संहिता (RPC) लागू होती है।*

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31/01/2018

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23/10/2017
20/10/2017

*Daily Affairs | 18 - 10 - 2017*

1. Noted Indian-American attorney Ajay Raju has been honoured with the third 'American Bazaar Philanthropy award' in recognition of his philanthropic activities in the US.

प्रख्यात भारतीय अमेरिकी अटॉर्नी अजय राजू को अमेरिका में परमार्थ कार्यों के लिए तीसरे ‘अमेरिकन बाजार फीलनथ्रॉपी अवार्ड’ से सम्मानित किया गया।

2. Giving a fillip to their defence cooperation, the Indian and Russian armed forces will take part in a joint counter-terrorism military exercise 'INDRA-2017' in Russia, the first such drill involving the tri-services to be held outside the country.

भारत और रूस के सशस्त्र बल अपने रक्षा सहयोग को और अधिक मजबूत करते हुए रूस में संयुक्त आतंकवाद निरोधक सैन्य अभ्यास ‘इंद्र-2017’की शुरुआत करेंगे जो देश के बाहर तीनों सेनाओं की होने वाली पहली ऐसी कवायद होगी।

3. Bollywood actor Varun Dhawan will get a wax statue at Madame Tussauds Hong Kong, making him the youngest Indian actor to have his statue at the museum.

मैडम तुसाद संग्रहालय के हांगकांग स्थित हॉल में जल्दी ही बॉलीवुड अभिनेता वरूण धवन की प्रतिमा देखने को मिलेगी। वह संग्रहालय में जगह पाने वाले सबसे कम उम्र के भारतीय अभिनेता होंगे।

4. Kavita Devi, a former weightlifter and South Asian Games gold medalist, has become the first-ever Indian woman to sign with the WWE.

पूर्व भारोत्तोलक और दक्षिण एशियाई खेलों के स्वर्ण पदक विजेता, कविता देवी डब्ल्यूडब्ल्यूई के साथ हस्ताक्षर करने वाली पहली भारतीय महिला बन गई हैं।

5. Actor Rajkummar Rao has been nominated in the 'Best Performance by an Actor' category at the 11th Asia Pacific Screen Awards (APSA) for his film 'Newton'.

अभिनेता राजकुमार राव को उनकी फिल्म 'न्यूटन' के लिए 11 वें एशिया पैसिफिक स्क्रीन अवार्ड्स (एपीएसए) में 'अभिनेता द्वारा सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन' श्रेणी में नामित किया गया।

6. Tata Group firm Voltas appointed Pradeep Bakshi as its Managing Director and CEO. Bakshi, currently Executive Director and Chief Operating Officer, will succeed Sanjay Johri, when the latter superannuates in February 2018.

टाटा समूह की कंपनी वोल्टास ने प्रदीप बक्शी को अपना प्रबंध निदेशक और मुख्य कार्यपालक अधिकारी नियुक्त किया। कार्यकारी निदेशक और मुख्य परिचालन अधिकारी बक्शी संजय जौहरी का स्थान लेंगे। जौहरी फरवरी 2018 में सेवानिवृत्त होंगे।

7. Indian Pharmaceutical Alliance (IPA), a body of major domestic pharma firms, has appointed Glenn Saldanha as the President for 2017-19. Saldanha is Chairman & Managing Director of Glenmark Pharmaceuticals.
देश में दिग्गज दवा कंपनियों के संगठन भारतीय फार्मास्युटिकल अलायंस (आईपीए) का नया अध्यक्ष ग्लेन सलदानह को चुना गया है। उनका चयल 2017-19 के लिए हुई है। सलदानह, ग्लेनमार्क फार्मास्युटिकल्स के चेयरमैन और प्रबंध निदेशक हैं।

8. Prime Minister Narendra Modi dedicated the country's first All India Institute of Ayurveda (AIIA) to the nation on the occasion of second Ayurvedic Day.

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वितीय आयुर्वेद दिवस के अवसर पर देश का पहला अखिल भारतीय आयुर्वेद संस्थान (एआईआईए) राष्ट्र को समर्पित किया।

9. The National Investment and Infrastructure Fund (NIIF) of India and Abu Dhabi Investment Authority (ADIA) signed an investment agreement worth USD 1 billion, the finance ministry said.
भारतीय राष्ट्रीय निवेश और अवसंरचना कोष (एनआईआईएफ) ने कहा कि उसने अबू धाबी निवेश प्राधिकरण (एडीआईए) के साथ एक अरब डालर के निवेश समझौते पर हस्ताक्षर किये हैं।

10. Prominent NRI industrialist Lord Swraj Paul has been conferred with the Life Time Achievement Award for his outstanding contributions in the fields of manufacturing industry, education and philanthropy.

प्रख्यात एनआईआर उद्योगपति लॉर्ड स्वराज पॉल को निर्माण उद्योग, शिक्षा के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान तथा परमार्थ कार्यों के लिए लाइफ टाइम एचीवमेंट अवार्ड से सम्मानित किया गया।

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