30/09/2020
हाथरस की घटना दिल दहला देने वाली है
गैंग रेप किया जाता है फिर गले और रीड की हड्डी तोड़ दी जाती है
ओ ये दर्दनाक हादसा वया ना कर पाए इसलिए जीभ काट दी जाती हैं
और हफ्तों तक पुलिस का ये कहना था कि ये केवल छेड़छाड़ की घटना थी।
हॉस्पिटल में उसे बेड नहीं मिलता , अंततः उसकी मृत्यु हो जाती है।
सब कुछ अभी खतम नही हुआ अभी तो सिर्फ आत्मा सरीर से बाहर गई है शरीर तो अभी बाकी है,जो दरिंदगी बची है ओ पार्थिव शरीर के साथ की जाएगी,
एक मां जिसके लिए उसके बच्चे ही सारी दुनिया है उसे तो पेहले ही दरिंदो ने बेरहमी से उजाड़ दिया, और फिर उस मां को उसकी बच्ची का मुंह तक देखना नसीब नहीं हुआ, राजनीति ने उसे अपनी बच्ची का अंतिम संस्कार तक ना करने दिया, एक मां तब रोती है जब बेटी की सादी होती है, वह उसे हल्दी लगा कर शादी के जोड़े में विदा करती और मां तब रोती जब उसके आंखों के सामने बेटी दुनिया छोड़ जाती है ,मा तब भी उसे हल्दी लगा कर है विदा करना चाहती है, लेकिन उस मा को ये भी नसीब ना हुआ,
पुलिस वालो ने आधी रात बिना परिवार की सहमति से उसका अंतिम संस्कार कर दिया।
क्या ये सब करने के बाद घर जा कर अपनी बेटी से आंख मिला पाओगे, माना कि आपके हाथ बंधे है आप केवल ऑर्डर को फ़ॉलो करते है लेकिन क्या हम इतनी सी इन्सानियत नहीं दिखा सकते ,क्या हमारे अंदर की भावना मर चुकी है, अगर हम ईमानदारी से काम कर ले तो क्या होगा ,ज्यादा से ज्यादा नौकरी चली जाएगी बस। ऐसे आत्मा को बेच कर जीने से तो अच्छा है, अरे क्या लेकर आए थे और क्या लेके जाओगे, सब यही रह जाएगा।
और इन राजनीतिक पार्टियों को क्या बोले, तुमसे अच्छे तो ये गिद्ध है उनमें इतनी तो सरम है कि ओ कम से कम मरने का तो इंतजार करते है।