06/11/2014
67 साल पहले एक गुजराती
ने देश को अंग्रेजों से मुक्त
किया था.....
अब 67 साल बाद एक गुजराती
ने देश को कांग्रेस से मुक्त
किया है......
पहले वाला गुजराती 'नोटो' पर
छा गया,
अभी वाला गुजराती 'वोटों' पर
छा गया..
ऐ दोस्त खिडकिया खोल
के देखने दे मुझे....... .
मेरे वतन की नई तस्वीर बन
रही है.......
आज भारत फिरसे आजाद
हुआ...... पहला इग्लेड की
रानी से..... और आज
" इटली की नौकरानी " से.....
जो पढ़ सके न खुद, किताब मांग रहे है,
खुद रख न पाए, वे हिसाब मांग रहे है।
जो कर सके न साठ साल में कोई विकास देश
का, वे सौ दिनों में जवाब मांग रहे है।
आज गधे गुलाब मांग रहे है, चोर लुटेरे इन्साफ मांग
रहे है।
जो लुटते रहे देश को 60 सालों तक,
सुना है आज वो 1OO दिन का हिसाब मांग रहे
है?
जब 3 महीनो में पेट्रोल की कीमते 7 रुपये तक कम
हो जाये,
जब 3 महीनो में डॉलर 68 से 60 हो जाये,
जब 3 महीनो में सब्जियों की कीमते कम
हो जाये,
जब 3 महीनो में सिलिंडर की कीमते कम
हो जाये,
जब 3 महीनो में बुलेट ट्रैन भारत में चलाये जाने
को सरकार की हरी झंडी मिल जाये,
जब 3 महीनो में सभी सरकारी कर्मचारी समय
पर ऑफिस पहुचने लग जाये,
जब 3 महीनो में काले धन वापसी पर कमिटी बन
जाये,
जब 3 महीनो में पाकिस्तान को एक
करारा जवाब दे दिया जाए,
जब 3 महीनो में भारत के सभी पडोसी मुल्को से
रिश्ते सुधरने लग जाये,
जब 3 महीनो में हमारी हिन्दू
नगरी काशी को स्मार्ट सिटी बनाने
जैसा प्रोजेक्ट पास हो जाये,
जब 3 महीनो में विकास दर 2 साल में सबसे
ज्यादा हो जाये,
जब हर गरीबो के उठान के लिए जन धन
योजना पास हो जाये.
जब इराक से
हजारो भारतीयों को सही सलामत वतन
वापसी हो जाये!
तो भाई अछे दिन कैसे नहीं आये???
वो रस्सी आज भी संग्रहालय में है जिस्से
गांधी बकरी बांधा करते थे
किन्तु वो रस्सी कहां है जिस पे भगत सिंह,
सुखदेव और राजगुरु हसते हुए झूले थे?
हालात-ए-मुल्क देख के रोया न गया,
कोशिश तो की पर मूंह ढक के सोया न गया
देश मेरा क्या बाजार हो गया है ...
पकड़ता हु तिरंगा तो लोग पूछते है कितने
का है...
वर्षों बाद एक
नेता को माँ गंगा की आरती करते देखा है,
वरना अब तक एक परिवार की समाधियों पर
फूल चढ़ते देखा है।
वर्षों बाद एक नेता को अपनी मातृभाषा में
बोलते देखा है,
वरना अब तक रटी रटाई अंग्रेजी बोलते देखा है।
वर्षों बाद एक नेता को Statue Of Unity बनाते
देखा है,
वरना अब तक एक परिवार की मूर्तियां बनते
देखा है।
वर्षों बाद एक नेता को संसद की माटी चूमते
देखा है,
वरना अब तक इटैलियन सैंडिल चाटते देखा है।
वर्षों बाद एक नेता को देश के लिए रोते देखा है,
वरना अब तक "मेरे पति को मार दिया" कह कर
वोटों की भीख मांगते देखा है।
पाकिस्तान को घबराते देखा है,
अमेरिका को झुकते देखा है।
इतने वर्षों बाद भारत माँ को खुलकर मुस्कुराते
देखा है।