03/05/2025
मुख्यमंत्री विद्यालय सुरक्षा कार्यक्रम
(सुरक्षित शनिवार)
। दिनांक: 03/05/2025
आज के आधुनिक परिवेश में बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित करना अति आवश्यक हो गया है। इसी उद्देश्य से बिहार सरकार द्वारा “सुरक्षित शनिवार” पहल आरंभ की गई है, जिसका मुख्य लक्ष्य विद्यालयीन परिसर में आपदाओं से बचने के व्यावहारिक उपायों की जानकारी देकर विद्यार्थी‑छात्राओं को आत्मनिर्भर एवं सजग नागरिक बनाना है।
उत्क्रमित मध्य विद्यालय, भमरूपुर में भी 03 मई 2025 को मुख्यमंत्री विद्यालय सुरक्षा कार्यक्रम के अंतर्गत “आग लगने के कारण एवं बचाव के उपाय” विषय पर एक विशेष सत्र आयोजित किया गया। इस अवसर पर नोडल शिक्षक श्री विनोद कुमार विमलने अपने अभिभाषण में कहा कि—
> “स्कूल की सुरक्षा सिर्फ प्रबंधन की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि प्रत्येक बच्चे का अधिकार है। आज के अभ्यास से विद्यार्थी आपातस्थिति में निडर होकर निर्णय लेना सीखेंगे।”
कार्यक्रम की मुख्य विशेषताएँ:
1. विषय प्रास्तावना एवं कारण‑परिचय:
अव्यवस्थित विद्युत् वायरिंग और ओवरलोडिंग
रसोई गैस रिसाव और लापरवाही
ज्वलनशील द्रवों (पैट्रोल, डीज़ल) का अनुचित भंडारण
धूम्रपान व माचिस‑लाइटर का अनुचित प्रयोग
पूजा‑पाठ में दीयों‑मोमबत्तियों का बिना देखरेख जलना
2. बचाव के व्यावहारिक उपाय:
नियमित निरीक्षण: स्कूल एवं घर में बिजली, गैस और इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों की जाँच
अग्निशमन यंत्र: कक्षाओं में कार्यशील फायर एक्स्टिंग्विशर तथा स्मोक डिटेक्टर की उपलब्धता
स्विच ऑफ प्रोटोकॉल: उपयोग के उपरांत गैस व विद्युत उपकरण बंद रखना
आपातकालीन नंबर और निकासी मार्गों की जानकारी
3. मॉक ड्रिल (प्रायोगिक अभ्यास):
प्रत्येक कक्षा से व्यवस्थित रूप से व्यवधान रहित निकासी
अग्निशमन यंत्र का सही संचालन—हैंडल पकड़ना, नोज़ल निर्देशित करना
“ड्रॉप–कवर–होल्ड” तकनीक द्वारा सुरक्षित शरण स्थल तक पहुंचने का अभ्यास
4. विद्यार्थी सहभागिता एवं रचनात्मक गतिविधियाँ:
छात्र‑छात्राओं द्वारा बनाए गए “फायर सेफ्टी” पोस्टर का प्रदर्शन
विनोद कुमार विमल ने अंत में बच्चों को प्रेरित करते हुए कहा कि “आपातकालीन तैयारियाँ नियमित अभ्यास से ही पक्की होती हैं। आज का प्रत्येक कदम भविष्य में किसी आपदा से सुरक्षा का बीड़ा उठा सकता है।”
प्रधानाचार्य श्री मदन प्रसाद कर्ण ने अपनी टिप्पणी में जोड़ा कि “हमारी प्राथमिकता विद्यार्थी सुरक्षा है—‘सुरक्षित शनिवार’ इसी संकल्प को जीवंत बनाता है।”
इस प्रकार, उत्क्रमित मध्य विद्यालय, भमरूपुर में आयोजित यह कार्यक्रम विद्यार्थियों के लिए न केवल ज्ञानवर्धक रहा, बल्कि उनमें आत्मविश्वास एवं त्वरित निर्णय लेने की क्षमता भी विकसित हुई। निरंतर अभ्यास और जागरूकता से हम एक सुरक्षित, सशक्त और समर्थ पीढ़ी का निर्माण कर सकते हैं।