Rawat's mathematics classes

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05/04/2021
04/03/2021

एक वरिष्ठ वकील 46 दोषियों को मौत की सजा (फांसी) से बचाने के लिए बहस कर रहा था।
तभी उसका सहायक अंदर आया और उसे एक छोटा सा कागज दिया।
वकील ने इसे पढ़ा और अपनी जेब के अंदर रखा और अपनी बहस जारी रखी।

लंच ब्रेक के दौरान,
न्यायाधीश ने उससे पूछा "आपको पर्ची पर क्या जानकारी मिली थी"?
वकील ने कहा"मेरी पत्नी मर गई"।
जज चौंक गया और बोला “फिर तुम यहाँ क्या कर रहे हो? अपने घर क्यों नहीं गए "।

वकील ने कहा…।
"मैं अपनी पत्नी के जीवन को वापस नहीं ला सकता, लेकिन इन 46 स्वतंत्रता सेनानियों को जीवनदान देने और उन्हें मरने से रोकने में मदद कर सकता हुँ"।
न्यायाधीश, जो एक अंग्रेज था, उसने सभी 46 पुरुषों को रिहा करने का आदेश दिया।
वकील कोई और नहीं बल्कि महान सरदार वल्लभभाई पटेल थे।

3300 करोड़ क्या यदि 33000 करोड़ की प्रतिमा भी उनकी लगे तो वह कम ही होगी।।

कोटि - कोटि नमन 🙏
एक_भारत_श्रेष्ठ_भारत 🇮🇳

Photos from Rawat's mathematics classes's post 26/01/2021

🇮🇳 🇮🇳 🇮🇳 ✌️ HAPPY REPUBLIC DAY 🥀

Photos from Rawat's mathematics classes's post 06/01/2021

सेलिब्रेशन फर्स्ट फाउंडेशन डे

29/09/2020

समुद्र के किनारे एक लहर आई। वो एक बच्चे की चप्पल अपने साथ बहा ले गई। बच्चा ने रेत पर अंगुली से लिखा- *“समुद्र चोर है।”*

उसी समुद्र के दूसरे किनारे पर कुछ मछुआरों ने बहुत सारी मछली पकड़ी। एक मछुआरे ने रेत पर लिखा- *“समुद्र मेरा पालनहार है।”*

एक युवक समुद्र में डूब कर मर गया। उसकी मां ने रेत पर लिखा- *“समुद्र हत्यारा है।”*

दूसरे किनारे पर एक गरीब बूढ़ा, टेढ़ी कमर लिए रेत पर टहल रहा था। उसे एक बड़ी सीप में अनमोल मोती मिला। उसने रेत पर लिखा- *“समुद्र दानी है।”*

अचानक एक बड़ी लहर आई और सारे लिखे को मिटा कर चली गई।

लोग समुद्र के बारे में जो भी कहें, लेकिन विशाल समुद्र अपनी लहरों में मस्त रहता है। अपना उफान और शांति वह अपने हिसाब से तय करता है।
*अगर विशाल समुद्र बनना है तो किसी के निर्णय पर अपना ध्यान ना दें।जो करना है अपने हिसाब से करें।*
हार-जीत, खोना-पाना, सुख-दुख इन सबके चलते मन विचलित ना करें। अगर जिंदगी सुख शांति से ही भरी होती तो आदमी जन्म लेते समय रोता नहीं। *जन्म के समय रोना और मरकर रुलाना इसी के बीच के संघर्ष भरे समय को जिंदगी कहते हैं.!!
👉 B.K.RAWAT'S

06/06/2020

!! *अवसर की पहचान* !!
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एक बार एक ग्राहक चित्रों की दुकान पर गया। उसने वहाँ पर अजीब से चित्र देखे। पहले चित्र मे चेहरा पूरी तरह बालों से ढँका हुआ था और पैरोँ मे पंख थे। एक दूसरे चित्र मे सिर पीछे से गंजा था। ग्राहक ने पूछा- यह चित्र किसका है? दुकानदार ने कहा- अवसर का। ग्राहक ने पूछा- इसका चेहरा बालों से ढका क्यो है? दुकानदार ने कहा - क्योंकि अक्सर जब अवसर आता है तो मनुष्य उसे पहचानता नही है।

ग्राहक ने पूछा- और इसके पैरों मे पंख क्यो है? दुकानदार ने कहा – वह इसलिये कि यह तुरंत वापस भाग जाता है, यदि इसका उपयोग न हो तो यह तुरंत उड़ जाता है। ग्राहक ने पूछा- और यह दूसरे चित्र मे पीछे से गंजा सिर किसका है? दुकानदार ने कहा- यह भी अवसर का है।

यदि अवसर को सामने से ही बालों से पकड़ लेँगे तो वह आपका है। अगर आपने उसे थोड़ी देरी से पकड़ने की कोशिश की तो पीछे का गंजा सिर हाथ आयेगा और वो फिसलकर निकल जायेगा। वह ग्राहक इन चित्रो का रहस्य जानकर हैरान था पर अब वह बात समझ चुका था।

*शिक्षा*:-
दोस्तों, आपने कई बार दूसरों को ये कहते हुए सुना होगा या खुद भी कहा होगा कि ‘हमे अवसर ही नही मिला’ लेकिन ये अपनी जिम्मेदारी से भागने और अपनी गलती को छुपाने का बस एक बहाना हैं। Real मे भगवान ने हमे ढ़ेरों अवसरों के बीच जन्म दिया है। अवसर हमेशा हमारे सामने से आते-जाते रहते है पर हम उसे पहचान नही पाते या पहचानने मे देर कर देते है। और कई बार हम सिर्फ इसलिये चूक जाते है क्योंकि हम बड़े अवसर की ताक में रहते हैं। पर अवसर बड़ा या छोटा नही होता है। हमें हर अवसर का भरपूर उपयोग करना चाहिये।

........................................................ ✍️BY B.K.RAWAT'S

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