10/05/2023
इंडस्ट्री एकेडेमिया इंटरफ़ेस का कोर विश्विद्यालय में आयोजन
उद्योग और शिक्षा जगत के बीच सहयोग को बढ़ावा देने के लिए कोर विश्वविद्यालय ने एमएसएमई विभाग, उत्तराखंड सरकार और इंडस्ट्रीज एसोसिएशन ऑफ़ उत्तराखंड के सहयोग से 28 अप्रैल 2023 को इंडस्ट्री एकेडेमिया इंटरफ़ेस का आयोजन किया। इंडस्ट्री एकेडेमिया इंटरफेस के संयोजक श्री बी डी पटेल ने इस आयोजन के उद्देश्य बताए और कहा कि उपयुक्त कौशल बल जो आसानी से रोजगार योग्य है, इस प्रकार उद्योग के प्रशिक्षण पहलू को लागत प्रभावी बनाता है क्योंकि इसमें कार्यबल के प्रशिक्षण पर लगातार भारी खर्च करना पड़ता है ।
मुख्य अतिथि डॉ के के पंत, निदेशक आईआईटी रुड़की ने इस अवसर की शोभा बढ़ाई और आईआईटी रुड़की के साथ काम करने हेतु आमंत्रित किया । डॉ पंत ने पीने के पानी, हरित ऊर्जा, प्लास्टिक प्रबंधन, भूस्खलन की समस्याओं को हल करने के लिए उद्योग और शैक्षणिक संस्थानों के लिए उपलब्ध विभिन्न अवसरों पर चर्चा की और शिक्षाविदों को उत्तराखंड राज्य के मुद्दों को हल करने के लिए संयुक्त अनुसंधान के लिए कहा। विशिष्ट अतिथि श्री पंकज गुप्ता ने कहा कि हमारे युवाओं को तकनीकी शिक्षा प्रदान करने के लिए उद्योग और शिक्षा के बीच तालमेल बनाने के लिए एक लंबा रास्ता तय करना होगा ताकि युवाओं को दुनिया भर में लाभकारी रूप से नियोजित किया जा सके। इसके अलावा, यह प्रयास स्किल गैप को कम करने में भी मदद करेगा और इसके लिए छात्रों को कड़ी मेहनत करने के साथ-साथ मौजूदा उत्पादों को बेहतर बनाने के लिए रिवर्स इंजीनियरिंग करना चाहिए।इस इंटरफेस के महत्व पर प्रकाश डालते हुए, प्रो वाइस चांसलर डॉ एस पी पांडे ने कहा कि राज्य में रोजगार योग्य कार्यबल बनाने के लिए तकनीकी शिक्षा के क्षेत्र में उद्योग और शिक्षाविदों को हाथ मिलाना होगा ताकि अप्रचलित पाठ्यक्रम को बदल दिया जाए और सरकार की नई शिक्षा नीति पर बात की ।कुलपति (कार्यवाहक) डॉ बी एम सिंह ने तकनीकी शिक्षा में 25 वर्षों की विरासत वाले कोर विश्वविद्यालय की यात्रा का विवरण दिया।
कोर विश्वविद्यालय के चांसलर श्री जे सी जैन ने वास्तविक दुनिया की चुनौतियों को हल करने के लिए उद्योग और शैक्षणिक संस्थान के बीच तालमेल की आवश्यकता के बारे में बात की।श्री राजीव अग्रवाल, एम डी कामेट बल्ब देहरादून ने एक भारतीय रेलवे अधिकारी और एक उद्यमी के रूप में अपने लंबे अनुभव को साझा करते हुए कहा कि छात्रों को यथार्थवादी सपने बनाने चाहिए और उन पर काम करना चाहिए।श्रीमती वंदना मोनाहन, एमडी, अनुविद्युत प्राइवेट लिमिटेड, रुड़की ने इलेक्ट्रॉनिक्स उद्योग चलाने के अपने अनुभव को साझा किया और छात्रों से प्रौद्योगिकी के साथ तालमेल रखने और भविष्य की चुनौतियों के लिए तैयार रहने का आग्रह किया। श्री जतिन अग्रवाल, एमडी, एग्रोमेक समूह ने कौशल उन्नयन पर जोर दिया, न केवल तकनीकी लेकिन कम्युनिकेशन स्किल, टीम बिल्डिंग भी सफल करियर के लिए महत्वपूर्ण पहलू हैं।ओम इंडस्ट्रीज के सीईओ डॉ प्रदीप कोठियाल ने कहा कि भविष्य उनके लिए है जो नई चुनौतियों को स्वीकार करने और जोखिम लेने के लिए तैयार हैं। उन्होंने वर्तमान उद्योग चुनौतियों का भी उदाहरण दिया और नई तकनीकों को हल करने और सुझाव देने के लिए शिक्षाविद एक साथ कैसे आ सकते हैं।
इस कार्यक्रम में इलेक्ट्रिकल, सिविल, मैकेनिकल और इलेक्ट्रॉनिक्स इंजीनियरिंग से कोर विश्वविद्यालय के 300 से अधिक छात्रों और संकाय सदस्यों ने भाग लिया । इनके अलावा डीन डॉ डी वी गुप्ता, डॉ वी के सिंह, डॉ कमल कपूर, डॉ मुनीश सेठी, रजिस्ट्रार डॉ मनीष कुमार, विभाध्यक्षक डॉ गुंजन अग्रवाल, श्रीमती अनुराधा, डॉ सुमित कुमार, डॉ रोहित कनौजिया, डॉ के के वर्मा भी मौजूद रहे। डॉ प्रभात ने धन्यवाद ज्ञापित किया। श्रीमती रचना ने कार्यक्रम का संचालन किया और श्री थॉमस मैथ्यू, डॉ. मुकुल दीक्षित, श्री मोहित सेंगर, श्री अमरदीप, श्री विवेक, श्रीमती कविता, श्रीमती हिमानी आयोजन समिति के सदस्य थे।