12/10/2022
स्टूडेंट्स फैडरेशन ऑफ़ इंडिया ( SFI) कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय इकाई ने रात हॉस्टल की विभिन्न-विभिन्न समस्याओं को लेकर सभी मैसों खाने का बहिष्कार किया। व पक्का धरना लगने के बाद विश्वविद्यालय प्रशासन के साथ कुछ मांगों पर बनी सहमती । मैस सर्वेंट चार्ज पर 22 को होगी विश्वविद्यालय प्रशासन के साथ मीटिंग जब तक किसी भी विधार्थी को कोई फीस नहीं भरनी । SFI K*K
28/01/2022
भिवानी (हरियाणा) के युवाओं ने बिहार और उत्तर प्रदेश में बेरोजगार युवाओं पर की गई लाठीचार्ज के विरोध में, सभी सरकारी विभागों में जल्द भर्तियां करने की मांग को लेकर किया गया प्रदर्शन ।
25/01/2022
✊✊आज #संयुक्त छात्र-नौजवान मोर्चा' के बैनर तले हरियाणा में बढ़ती #बेरोजगारी और स्कूल-कॉलेज व सभी प्रकार के शिक्षण संस्थानों को खुलवाने की मांग को लेकर जींद में हरियाणा सरकार का पुतला फूंका और विरोध प्रदर्शन करते हुए डीसी के मार्फत मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा।
इस विरोध प्रदर्शन में #एसएफआई संगठन मुख्य तौर पर शामिल हुआ। इसका संचालन एसएफआई के राज्य सहसचिव दीपक बेरीवाल ने किया।✊✊
20/01/2022
कुरुक्षेत्र में आज लघु सचिवालय पर विरोध प्रर्दशन किया गया। छात्र-छात्राओं ने कहा कि रैली ऑफलाइन कक्षा ऑनलाइन को हम सहन नहीं करेंगे विद्यार्थियों का कहना है कि जब भाजपा सरकार के मंत्री एमएलए ऑफलाइन रैलीयाँ कर सकते हैं। तो कक्षाएं ऑफलाइन क्यों नहीं कर सकते। विद्यार्थियों का कहना है कि प्रदेश के सभी स्कूल, महाविद्यालय व विश्वविद्यालयों को पूर्ण रुप से जल्द से जल्द खोला जाए। अगर सरकार ने जल्दी शैक्षणिक संस्थानों को नहीं खोलेगी तो राज्य के सभी छात्र एकजुटता के साथ गाँव गाँव स्तर पर प्रदेश भर को जाम करेंगे ।
01/07/2021
ANM GNM MPHW(M) छात्र संघर्ष सीमित सम्बंधित स्टूडेंट्स फेडरेशन ऑफ़ इंडिया ( SFI) कि चार जिलो कि मीटिंग रोहतक के मानसरोवर पार्क में की गयी । इस मीटिंग फैसला लिया कि प्रदेश भर में अभियान करते हुए 9 जुलाई को प्रदेशभर के सभी जिलों से डीसी के माध्यम से स्वास्थ्य मंत्री के नाम ज्ञापन सौंपेगे। इस मीटिंग की मुख्य मांगे ।
1. ए एन एम - जी एन एम कोर्स की सभी वर्षों की परीक्षाओं की डेट शीट जल्द से जल्द जारी करते हुए और कोर्स को पूरा करवाया जाए ।
2. 2017 वह उसके बाद की सभी रि-अपीयर की परीक्षाएं नियमित कोर्स के साथ जल्द से जल्द करवाई जाएं ।
3. सभी परीक्षाओं की मार्कशीट तुरंत प्रभाव से जारी की जाए ।
4. एम. पी.एच्.डब्लू ,ए एन एम - जी एन एम के सभी कोर्सो की परीक्षा ऑनलाइन करवाई जाए ।
5. ए एन एम जी एन एम कोर्स को संचालित करने के लिए स्थाई नीति बनाई जाए ।
30/06/2021
आप सब कल रोहतक जरुर पहुँचे । ज्यादा से ज्यादा सख्या में ।
30/06/2021
आज एमपीएचडब्ल्यू के विद्यार्थियों ने एमपीएचडब्ल्यू छात्र संघर्ष समिति संबंधित (SFI) के बैनर तले civil hospital Jind में स्थित पार्क में मीटिंग की ।
सभा को संबोधित करते हुए छात्र विक्रमजीत ने बताया कि एडमिशन हुए 2 साल हो गए लेकिन अभी तक प्रथम वर्ष के भी एग्जाम नही हुए । विक्रमजीत ने बताया कि एम पी एच डब्ल्यू का कोर्स 2 साल का होता है लेकिन एच एन आर सी की गलती के कारण अभी तक कोई भी एग्जाम नही लिया गया है जिसके कारण 2 साल का कोर्स 4 साल में पूरा होगा । इस कारण विद्यार्थियों के 2 साल खराब हो जाएंगे। विद्यार्थियों को समय के साथ - साथ आर्थिक , मानसिक व सामाजिक परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। एम पी एच डब्ल्यू को छोड़कर लगभग सभी कोर्सों के एग्जाम लगातार हो रहे हैं या उनकी डेट शीट आ गई है ।
संघर्ष समिति ने फैसला किया कि 1 तारीख को रोहतक में , प्रदर्शन किया जाएगा वह सभी साथियों से मीटिंग की जाएगी
मीटिंग में एस एफ आई सचिव मनीष ,निखिल ,सुमित जतिन ,नीरज, व, एमपीएचडब्ल्यू ए एन एम जीएनएम के, अन्य छात्र भी उपस्थित रहे।
27/06/2021
आज एमपीएचडब्ल्यू के विद्यार्थियों ने एमपीएचडब्ल्यू छात्र संघर्ष समिति संबंधित (SFI) के बैनर तले रोहतक के मेडिकल मोड स्थित पार्क में मीटिंग की ।
सभा को संबोधित करते हुए छात्र नीरज ने बताया कि एडमिशन हुए 2 साल हो गए लेकिन अभी तक प्रथम वर्ष के भी एग्जाम नही हुए । नीरज ने बताया कि एम पी एच डब्ल्यू का कोर्स 2 साल का होता है लेकिन एच एन आर सी की गलती के कारण अभी तक कोई भी एग्जाम नही लिया गया है जिसके कारण 2 साल का कोर्स 4 साल में पूरा होगा । इस कारण विद्यार्थियों के 2 साल खराब हो जाएंगे। विद्यार्थियों को समय के साथ - साथ आर्थिक , मानसिक व सामाजिक परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। एम पी एच डब्ल्यू को छोड़कर लगभग सभी कोर्सों के एग्जाम लगातार हो रहे हैं या उनकी डेट शीट आ गई है ।
संघर्ष समिति ने फैसला किया कि अगर 1 जुलाई से पहले डेट शीट जारी नही की तो 1 तारीख को हरियाणा के हर जिले में DC ऑफिस पर प्रदर्शन किए जायेंगे।
मीटिंग में एस एफ आई प्रदेश सचिव सुरेंद्र , नीरज, विक्रम, अमित, सोहित, सतीस, दीपक, विनय आदि उपस्थित रहे।
जारीकर्ता :- सुरेंद्र (9034926415)
21/03/2021
स्टूडेंट्स फेडरेशन ऑफ़ इंडिया ( SFI) पानीपत की इकाई ने शहीद भगतसिंह के गाँव खटकड़ कंला से चली हुई पदैल यात्रा पानीपत के गाँव पट्टी कलियाना पर पहुँचने पर फूलों व गुब्बारे देकर स्वागत किया। इस मौके एस०एफ०आई पानीपत की जिला संयोजक आशु संध्या, अमित, गगनदीप, आशीष, अनिल, संदीप, विकास आदि साथी शामिल रहे।
02/11/2020
पांच दिन रोजगार अधिकार पैदल यात्रा करके करनाल पहुंचे छात्र, नौजवान।
कहा रोजगार हमारा अधिकार, तुम नहीं दोगे तो छिन कर लेंगे अपना अधिकार।
उखाड़ दिये पुलिस के बेरिकेट........आज के अखबारों की सुर्खियाँ ।
12/08/2020
क्या आपको पता है कि आज के दिन (12 अगस्त) सन् 1936 अविभाजित भारत में संगठित छात्र आंदोलन का जन्म हुआ था ! ऑल इण्डिया स्टूडेंट्स फेडरेशन (AISF) के गठन ने छात्र समुदाय में क्रांतिकारियों को एकजुट करने का काम किया था। AISF की खास बात यह थी कि उसने कई राजनैतिक विचारधारा से आने वाले छात्रों को ब्रिटिश राज व साम्राज्यवाद विरोधी नारे के तहत एकजुट किया। AISF के शुरुवाती दिनों में संगठन के भीतर चले तर्क - वितर्क से बनी समझदारी कि दो नींव थी।
पहला की छात्रों को अपने अधिकारों के लिए संगठित होने की जरूरत है और ऐसे शिक्षा व्यवस्था के लिए संघर्ष करने की जरूरत है ज्यो देश के बहुसंख्यक आबादी (पिछड़े और शोषित वर्ग) के लिए लाभदायक हो ।
दूसरा की छात्रों का आंदोलन अपने अधिकार व मांग समाज के दूसरे वर्गो के आंदोलनों के साथ ना आकर हासिल नहीं कर सकता ।
SFI इस समझ को अपना सिद्धांत मानता है । दरअसल SFI का गठन आज़ादी के बाद AISF में चले एक लंबे संघर्ष का नतीजा था। उन दिनों AISF का एक धड़ा यह मानता की क्युकी देश को आज़ादी मिल चुकी थी, इसीलिए छात्रों को नेहरू सरकार के खिलाफ लामबंद होने की जरूरत नहीं है जबकि दूसरे धड़े का मानना था कि भले ही देश को राजनैतिक तौर से आज़ादी मिल गई है, परन्तु सही मायनों में देश के छात्रों व अन्य वर्गो की लड़ाई समाप्त नहीं हुई है। SFI का गठन AISF के दूसरे धड़े के लोगो ने 1970 में किया । आज देखा जाए तो वह लोग सही थे । देश के छात्र आज भी कई समस्याओं का शिकार है । उछशिक्षा प्रणाली में आज भी निम्संख्यक छात्र ही पहुंच पाते है और उनमें से भी ज़्यादातर को सम्मान जनक नौकरियां नहीं मिल पाती । शिक्षा जो मिलती भी है वह यह सिखाता है कि पूंजीवाद में एक आदर्श मज़दूर कैसे बने (आसान भाषा में समझा जाए तो व्यवस्था का आदर्श गुलाम कैसे बने) । उप्पर से RSS जैसी फासीवादी संगठन देश की शिक्षा को एक मिथक कि क्लास बनाने में तुली हुई है। इस परिपेक्ष में देखे तो AISF के दूसरे धड़े की बात सही साबित होती है । शायद यह ही कारण है की SFI आज देश का सबसे बड़ा प्रगतिशील छात्र संगठन है ।
आज की स्थितियां भले ही बदली हुई है, पर AISF के वह दो सिद्धांत उतने ही सच साबित होते है जितने वह अंग्रेजी हुकूमत के खिलाफ लड़ाई में थे ।
हमारी सभी छात्रों से अपील है की संगठित छात्र आंदोलन के इस इतिहास को याद करते हुए उन सिद्धांतो पर अमल करें ।
छात्र एकता ज़िंदाबाद ।
इंकलाब जिंदाबाद ।
विनोद गिल एस०एफ०आई राज्य अध्यक्ष