22/07/2023
वाह रे भारत में बसने वाले नीच दृष्टिकोणी, तुच्छ विचारी, बेशर्म बेहयाई तू पत्थर की मूर्ति को नत नये ब्रांडेड कपड़े दे,देवी मां कहकर पूजता है l कोमलहृदया, सुसंगिनी, प्राणदायिनी मृदुभाषिणी लोकजननी साक्षात् देवीस्वरूपा शारदाओं पर अत्याचार निर्वस्त्र कर खुलेआम जलाता है ll
डॉ राकेश कुमार बागड़ी